अमेरिकी सीनेट ने 'स्टॉप स्टीलिंग अवर चिप्स एक्ट' पारित किया, चीन को सेमीकंडक्टर तस्करी रोकना लक्ष्य
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी सीनेट ने 23 मई 2025 को एक महत्वपूर्ण द्विदलीय कानून — 'स्टॉप स्टीलिंग अवर चिप्स एक्ट' — पारित किया, जिसका मुख्य उद्देश्य एडवांस्ड अमेरिकी सेमीकंडक्टरों की चीन में अवैध तस्करी पर लगाम लगाना है। वाशिंगटन में बढ़ती चिंताओं के बीच यह कदम उठाया गया है कि इन चिप्स का उपयोग चीनी सेना और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) अनुप्रयोगों के लिए किया जा सकता है।
कानून की मुख्य विशेषताएँ
यह विधेयक रिपब्लिकन सीनेटर माइक राउंड्स ने प्रस्तुत किया और डेमोक्रेटिक सीनेटर मार्क वार्नर ने इसका समर्थन किया। कानून के तहत ब्यूरो ऑफ इंडस्ट्री एंड सिक्योरिटी (बीआईएस) के भीतर एक व्हिसलब्लोअर प्रोत्साहन कार्यक्रम स्थापित किया जाएगा, जो अवैध सेमीकंडक्टर निर्यात की सूचना देने वालों को पुरस्कृत करेगा।
कानून लागू होने के 120 दिनों के भीतर बीआईएस को एक सुरक्षित सार्वजनिक मंच तैयार करना होगा, जहाँ व्हिसलब्लोअर जानकारी जमा कर सकें। इसके अतिरिक्त एक 'एक्सपोर्ट कंप्लायंस अकाउंटेबिलिटी फंड' भी बनाया जाएगा, जिसे निर्यात नियंत्रण उल्लंघनों पर लगाए गए जुर्माने से वित्तपोषित किया जाएगा।
व्हिसलब्लोअर को इनाम और सुरक्षा
जो व्हिसलब्लोअर ऐसी मौलिक जानकारी देंगे जिसके आधार पर निर्यात नियंत्रण मामलों में सफल कार्रवाई हो, उन्हें जुर्माने की कुल राशि का 10 से 30 प्रतिशत तक इनाम के रूप में दिया जा सकता है। हालाँकि, अपने सरकारी कर्तव्यों का पालन करने वाले संघीय कर्मचारी और आतंकवाद या प्रतिबंध सूची से जुड़े व्यक्ति इस इनाम के पात्र नहीं होंगे।
कानून में व्हिसलब्लोअर की पहचान गोपनीय रखने और उनके विरुद्ध किसी भी प्रतिशोधात्मक कार्रवाई से सुरक्षा की गारंटी दी गई है। नियोक्ताओं को ऐसे कर्मचारियों को बर्खास्त करने, उत्पीड़ित करने या उनके साथ भेदभाव करने से प्रतिबंधित किया जाएगा जो कानूनी दायरे में रहते हुए उल्लंघनों की सूचना देते हैं। विश्वसनीय रिपोर्टों पर 60 दिनों के भीतर औपचारिक जाँच अनिवार्य होगी और जाँच जारी रहने तक व्हिसलब्लोअर को प्रत्येक 30 दिनों में प्रगति की जानकारी दी जाएगी।
चीनी तस्करी नेटवर्क की पहचान
सीनेटर राउंड्स के कार्यालय के अनुसार, रिपोर्टों में कम से कम आठ ऐसे चीनी तस्करी नेटवर्क की पहचान की गई है, जिनमें से प्रत्येक 10 करोड़ डॉलर से अधिक के लेन-देन में शामिल रहा है। इनमें से कुछ प्रतिबंधित चिप्स ऐसी चीनी संस्थाओं तक पहुँच गईं जिन पर प्रतिबंध लगा हुआ है — इनमें सैन्य अनुसंधान संस्थान और पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) से जुड़ी कंपनियाँ शामिल हैं।
सांसदों की प्रतिक्रिया
सीनेटर राउंड्स ने कहा, "अमेरिका ने अमेरिकी-निर्मित सेमीकंडक्टरों को गलत हाथों में — खासकर चीन के हाथों में — जाने से रोकने के लिए बड़े कदम उठाए हैं। इसके बावजूद चीन इन चिप्स की अपने देश में तस्करी करता रहा है।" उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि एआई के तेजी से बढ़ते उपयोग ने इस खतरे को और गंभीर बना दिया है।
सीनेटर वार्नर ने इस मतदान को अमेरिका के निर्यात नियंत्रण तंत्र को सुदृढ़ करने की दिशा में एक अहम कदम बताते हुए कहा, "चूंकि चीन अवैध नेटवर्क के जरिए अमेरिका की एडवांस्ड एआई तकनीक हासिल करने की कोशिश लगातार कर रहा है, इसलिए हमें इन उल्लंघनों का पता लगाने और उन्हें रोकने के लिए और अधिक मजबूत उपायों की जरूरत है।"
आगे की राह
यह कानून अब अंतिम मंजूरी के लिए हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में भेजा जाएगा। हाउस की मंजूरी के बाद इसे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्ताक्षर के लिए भेजा जा सकेगा। यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिका ने हाल के वर्षों में एडवांस्ड सेमीकंडक्टर तकनीक पर निर्यात नियंत्रण लगातार कड़े किए हैं, क्योंकि एआई, सुपरकंप्यूटिंग और सैन्य तकनीक के क्षेत्र में अमेरिका-चीन प्रतिस्पर्धा तीव्र होती जा रही है।