क्या राष्ट्रपति ट्रंप ने चीन से जुड़ी चिप डील पर रोक लगाई?
सारांश
Key Takeaways
- ट्रंप का निर्णय अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा को प्राथमिकता देता है।
- हाईफो और एमकोर के बीच का सौदा रद्द कर दिया गया है।
- यह कदम चीन के साथ प्रतिस्पर्धा में अमेरिका की स्थिति को मजबूत करेगा।
वाशिंगटन, 3 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी सेमीकंडक्टर एसेट्स और एक चीनी संबंधित कंपनी से जुड़े एक महत्वपूर्ण सौदे पर रोक लगा दी है। ट्रंप ने कहा कि यह सौदा अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है।
शुक्रवार को जारी एक कार्यकारी आदेश में, ट्रंप ने हाईफो कॉर्पोरेशन को एमकोर कॉर्पोरेशन की कुछ चिप संबंधित एसेट्स खरीदने से मना कर दिया। आदेश में उल्लेख किया गया है कि इस सौदे से अमेरिका की सुरक्षा को नुकसान पहुँचने की संभावना है।
हाईफो एक डेलावेयर में पंजीकृत कंपनी है, जिसका संचालन एक चीनी नागरिक द्वारा किया जाता है। इस कंपनी ने न्यू जर्सी की एमकोर कंपनी से डिजिटल चिप, वेफर डिजाइन, निर्माण और प्रोसेसिंग से संबंधित एसेट्स हासिल किए थे। यह सौदा 30 अप्रैल 2024 को संपन्न होने वाला था।
ट्रंप ने कहा कि मौजूदा कानून इस सौदे से उत्पन्न जोखिमों का सामना करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। इसीलिए उन्होंने अपने विशेष अधिकारों का उपयोग किया।
आदेश के अनुसार, यह सौदा पूरी तरह से रद्द कर दिया गया है। हाईफो को एमकोर की इन संपत्तियों में सीधे या परोक्ष रूप से किसी भी प्रकार का अधिकार रखने से मना किया गया है। इसके साथ ही, कंपनी और उससे जुड़ी इकाइयों को 180 दिनों के भीतर इन सभी संपत्तियों से अपने हित समाप्त करने का निर्देश दिया गया है। यदि आवश्यक हो, तो अमेरिका की विदेशी निवेश समिति इस समय सीमा को बढ़ा सकती है।
जब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं होती और समिति इसकी पुष्टि नहीं करती, तब तक हाईफो को एमकोर की संपत्तियों तक पहुंचने की अनुमति नहीं होगी। यह प्रतिबंध गैर-सार्वजनिक तकनीकी जानकारी, सूचना प्रौद्योगिकी प्रणालियों, उत्पादों, पुर्जों, घटकों, किताबों और रिकॉर्ड पर भी लागू होता है। किसी भी प्रकार की पहुंच के लिए समिति की लिखित अनुमति आवश्यक होगी।
इस आदेश के माध्यम से, समिति को नियमों के पालन की जांच करने, प्रमाणपत्र मांगे जाने और ऑडिट करने का अधिकार भी दिया गया है। हाईफो को समय-समय पर लिखित रूप में यह बताना होगा कि वह आदेश का पालन कर रही है और विनिवेश की दिशा में प्रगति का विवरण दे रही है।
सेमीकंडक्टर यानी चिप को आम नागरिकों के उपयोग के साथ-साथ रक्षा क्षेत्र के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। चीन के साथ बढ़ती रणनीतिक प्रतिस्पर्धा के बीच, अमेरिका लगातार ऐसे कदम उठा रहा है, जिससे संवेदनशील चिप तकनीक पर विदेशी नियंत्रण को रोका जा सके।