अमेरिकी लॉमेकर्स की चीन को एडवांस एआई चिप बेचने पर चेतावनी
सारांश
Key Takeaways
- चीन को एडवांस्ड एआई चिप्स की बिक्री से अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा हो सकता है।
- डेमोक्रेटिक लॉमेकर्स की चिंता इस सौदे से जुड़ी पहली मंजूरी के बाद बढ़ी है।
- कांग्रेस को इस मामले में कदम उठाने की अपील की गई है।
- उन्नत एआई चिप्स का उपयोग सैन्य क्षेत्र में भी हो सकता है।
- यह मुद्दा अमेरिका और चीन के बीच तकनीकी प्रतिस्पर्धा का एक गंभीर हिस्सा है।
वॉशिंगटन, 17 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिका के डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रमुख लॉमेकर्स ने चीन को उन्नत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस चिप्स की बिक्री को लेकर नई चिंताओं का इज़हार किया है। उनका कहना है कि ट्रंप प्रशासन द्वारा इस बिक्री को दी गई मंजूरी से अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा हो सकता है।
हाउस कमेटी ऑन फॉरेन अफेयर्स के रैंकिंग सदस्य, कांग्रेसी ग्रेगरी डब्ल्यू. मीक्स और सीनेट बैंकिंग कमेटी की रैंकिंग सदस्य, सीनेटर एलिजाबेथ वॉरेन ने कहा कि इस सौदे से संबंधित पहली मंजूरी की जानकारी मिलने के बाद उनकी चिंताएँ और बढ़ गई हैं।
दोनों नेताओं ने एक संयुक्त बयान में कहा, "दिसंबर में, हमने वाणिज्य विभाग से अनुरोध किया था कि वह हमें ट्रंप प्रशासन द्वारा चीन को किसी भी एडवांस्ड एआई चिप्स की बिक्री की मंजूरी के बारे में जानकारी प्रदान करे।"
उन्होंने आगे कहा, "हमें अब प्रशासन के पहले लाइसेंस की मंजूरी की जानकारी मिली है, और हम पहले से कहीं अधिक चिंतित हैं कि ट्रंप प्रशासन इस बिक्री की मंजूरी देकर अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा को कमजोर कर रहा है।"
मीक्स और वॉरेन ने कांग्रेस से इस मामले में कदम उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि अमेरिका की आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए कांग्रेस को दोनों दलों की सहमति से ऐसा कानून बनाना चाहिए, जो चीन को अमेरिका की उन्नत तकनीक हासिल करने से रोके।
यह विवाद तब शुरू हुआ जब ट्रंप प्रशासन ने चीन को उन्नत एआई चिप के निर्यात को मंजूरी दी। इस फैसले की जानकारी 25 फरवरी को एनवीडिया कंपनी ने सार्वजनिक की थी। ऐसे चिप अत्याधुनिक कंप्यूटिंग तकनीक के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं और इनका उपयोग सैन्य क्षेत्र में भी किया जा सकता है।
मीक्स और वॉरेन ने बताया कि दिसंबर में उन्होंने 2018 के एक्सपोर्ट कंट्रोल रिफॉर्म एक्ट के तहत वाणिज्य विभाग से इस फैसले से संबंधित विस्तृत जानकारी मांगी थी। इस कानून के अनुसार, जब कांग्रेस की किसी समिति के वरिष्ठ सदस्य जानकारी मांगते हैं, तो विभाग को लाइसेंस आवेदन समेत संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराना होता है।
दोनों नेताओं ने बताया कि जिस तकनीक की चर्चा हो रही है, उसका सैन्य उपयोग भी संभव है। इसलिए इस तरह की तकनीक के निर्यात से जुड़े फैसले बेहद संवेदनशील होते हैं। वास्तव में, उन्नत एआई चिप अमेरिका और चीन के बीच बढ़ते तकनीकी प्रतिस्पर्धा का एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन गए हैं। दोनों देश ऐसी नई तकनीकों में आगे निकलने की कोशिश कर रहे हैं, जो भविष्य में आर्थिक और सैन्य ताकत को निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।