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जॉनी लीवर के 69वें जन्मदिन पर शिल्पा शिरोडकर बोलीं — 'आपके जादू के बिना अधूरा है भारतीय सिनेमा'

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जॉनी लीवर के 69वें जन्मदिन पर शिल्पा शिरोडकर बोलीं — 'आपके जादू के बिना अधूरा है भारतीय सिनेमा'

सारांश

सड़कों पर पेन बेचने से लेकर बॉलीवुड के सबसे प्रिय कॉमेडियन बनने तक — जॉनी लीवर का 69वाँ जन्मदिन सिर्फ जश्न नहीं, एक अदम्य संघर्ष की दास्तान का उत्सव है। शिल्पा शिरोडकर की भावभीनी श्रद्धांजलि ने एक बार फिर याद दिलाया कि हँसाने का यह हुनर सच में बेमिसाल है।

मुख्य बातें

जॉनी लीवर ने 14 अगस्त को अपना 69वाँ जन्मदिन मनाया।
अभिनेत्री शिल्पा शिरोडकर ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर उन्हें 'इंडस्ट्री के सबसे खास लोगों में से एक' बताया।
जॉनी लीवर ने सातवीं कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़ी और मुंबई की सड़कों पर पेन बेचते हुए मिमिक्री से पहचान बनाई।
1982 में अमिताभ बच्चन के साथ टूर और 1993 में 'बाजीगर' ने उनके करियर को नई ऊँचाई दी।
'राजा हिंदुस्तानी' में 'बलवंत सिंह' किरदार के लिए स्क्रीन अवॉर्ड और 'करण अर्जुन' के लिए फिल्मफेयर नामांकन मिला।

बॉलीवुड के बेताज कॉमेडी किंग जॉनी लीवर ने 14 अगस्त को अपना 69वाँ जन्मदिन मनाया, और इस अवसर पर फिल्म इंडस्ट्री से बधाइयों का तांता लग गया। अभिनेत्री शिल्पा शिरोडकर ने इंस्टाग्राम पर एक भावपूर्ण पोस्ट साझा कर जॉनी लीवर को 'इंडस्ट्री के सबसे खास लोगों में से एक' बताया और कहा कि भारतीय सिनेमा उनके जादू और हँसी के बिना सच में अधूरा है।

शिल्पा शिरोडकर का भावभीना संदेश

शिल्पा शिरोडकर ने जॉनी लीवर की एक तस्वीर इंस्टाग्राम पर साझा करते हुए अपने कैप्शन में लिखा, 'हमारी इंडस्ट्री के सबसे खास लोगों में से एक, जॉनी लीवर को जन्मदिन की बहुत-बहुत बधाई। मैं हमेशा से आपके जबरदस्त टैलेंट की बहुत बड़ी फैन रही हूँ, लेकिन स्क्रीन के अलावा, आप सबसे सच्चे, असली और सच में मजेदार इंसान हैं। भारतीय सिनेमा आपके जादू और हँसी के बिना सच में अधूरा है। भगवान आपको बहुत खुशी, अच्छी सेहत और कभी न खत्म होने वाली खुशियाँ दें। हैप्पी बर्थडे!'

संघर्ष से सितारे तक — जॉनी लीवर का सफर

जॉनी लीवर की जीवन-यात्रा किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं। आर्थिक तंगी के कारण उन्होंने सातवीं कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़ दी और मुंबई की सड़कों पर पेन बेचकर गुज़ारा करने लगे। इसी दौरान वह फिल्मी सितारों की नकल उतारकर राहगीरों को हँसाते थे, जो धीरे-धीरे उनकी पहचान बन गई।

स्टेज पर कदम रखने के बाद उन्होंने प्रसिद्ध संगीतकार जोड़ी कल्याणजी-आनंदजी के साथ परफॉर्म किया। 1981 में नौकरी छोड़कर उन्होंने खुद को पूरी तरह स्टेज शो को समर्पित कर दिया। उनकी प्रतिभा की धमक इतनी तेज़ थी कि 1982 में उन्हें अमिताभ बच्चन के साथ टूर पर जाने का मौका मिला।

फिल्मी करियर के अहम पड़ाव

जॉनी लीवर को फिल्मों में पहला बड़ा मौका 'तुम पर हम कुर्बान' से मिला। इसके बाद 'दर्द का रिश्ता', 'जलवा', 'हीरो हीरालाल', 'तेजाब' (1988), 'किशन कन्हैया' और 'चालबाज' जैसी फिल्मों में उनकी कॉमेडी ने दर्शकों का दिल जीता।

1993 में आई 'बाजीगर' ने उनके करियर को नई ऊँचाई दी — फिल्म में 'बाबूलाल' के किरदार ने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई। इसके बाद 'करण अर्जुन', 'राजा हिंदुस्तानी', 'जुदाई', 'इश्क', 'दीवाना मस्ताना', 'दुल्हे राजा', 'यस बॉस' और 'आवारा पागल दीवाना' में उनके किरदारों ने कॉमेडी को नई परिभाषा दी।

पुरस्कार और सम्मान

'करण अर्जुन' में उनके अभिनय के लिए उन्हें फिल्मफेयर बेस्ट कॉमेडियन अवॉर्ड के लिए नामांकन मिला। 'राजा हिंदुस्तानी' में 'बलवंत सिंह' के किरदार के लिए उन्हें स्क्रीन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। 'छोटा छत्री' और 'असलम भाई' जैसे किरदारों ने साबित किया कि भूमिका छोटी हो या बड़ी, जॉनी लीवर की उपस्थिति हमेशा अमिट छाप छोड़ती है।

69 साल की उम्र में भी जॉनी लीवर की कॉमेडी की चमक फीकी नहीं पड़ी है, और इंडस्ट्री के साथ-साथ करोड़ों दर्शक उनके अगले किरदार का इंतज़ार करते रहते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि उनके दृश्य अक्सर मुख्य कथानक से ज़्यादा यादगार रहे। शिल्पा शिरोडकर जैसे सहकर्मियों की सराहना भले ही देर से आती हो, लेकिन यह उस खाई को उजागर करती है जो बॉलीवुड में कॉमेडियन और 'मुख्य कलाकार' के बीच हमेशा रही है। 69 साल की उम्र में भी उनकी प्रासंगिकता बताती है कि असली प्रतिभा किसी पुरस्कार या शीर्ष बिलिंग की मोहताज नहीं होती।
RashtraPress
14 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जॉनी लीवर का 69वाँ जन्मदिन कब है?
जॉनी लीवर का 69वाँ जन्मदिन 14 अगस्त को है। इस अवसर पर बॉलीवुड के कई कलाकारों ने उन्हें बधाई दी, जिनमें अभिनेत्री शिल्पा शिरोडकर प्रमुख हैं।
शिल्पा शिरोडकर ने जॉनी लीवर के बारे में क्या कहा?
शिल्पा शिरोडकर ने इंस्टाग्राम पर लिखा कि जॉनी लीवर इंडस्ट्री के सबसे खास लोगों में से एक हैं और भारतीय सिनेमा उनके जादू और हँसी के बिना अधूरा है। उन्होंने जॉनी लीवर को स्क्रीन से परे भी 'सबसे सच्चे और असली इंसान' बताया।
जॉनी लीवर ने फिल्मों में आने से पहले क्या किया था?
जॉनी लीवर ने सातवीं कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़ दी और मुंबई की सड़कों पर पेन बेचकर जीवन-यापन किया। इसी दौरान वह फिल्मी सितारों की मिमिक्री कर लोगों को हँसाते थे, जो आगे चलकर उनके करियर की नींव बनी।
जॉनी लीवर की सबसे यादगार फिल्में कौन-सी हैं?
जॉनी लीवर की यादगार फिल्मों में 'बाजीगर' (1993), 'करण अर्जुन', 'राजा हिंदुस्तानी', 'दुल्हे राजा', 'दीवाना मस्ताना', 'इश्क' और 'आवारा पागल दीवाना' शामिल हैं। 'बाजीगर' में 'बाबूलाल' का किरदार उनके करियर का सबसे बड़ा मोड़ माना जाता है।
जॉनी लीवर को कौन-से प्रमुख पुरस्कार मिले हैं?
'राजा हिंदुस्तानी' में 'बलवंत सिंह' के किरदार के लिए उन्हें स्क्रीन अवॉर्ड मिला और 'करण अर्जुन' के लिए फिल्मफेयर बेस्ट कॉमेडियन अवॉर्ड का नामांकन मिला। ये सम्मान हिंदी सिनेमा में उनके अतुलनीय योगदान की पहचान हैं।
राष्ट्र प्रेस
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