14 साल में 123 पेपर लीक, 1.27 करोड़ छात्र प्रभावित — पप्पू यादव का सरकार पर तीखा हमला
सारांश
मुख्य बातें
पूर्णिया से लोकसभा सांसद पप्पू यादव ने 17 मई 2026 को पटना में केंद्र और राज्य सरकारों पर कड़ा प्रहार करते हुए दावा किया कि पिछले 14 वर्षों में कथित तौर पर 123 परीक्षा पेपर लीक हो चुके हैं और इस कारण लगभग 1 करोड़ 27 लाख छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने सवाल उठाया कि जो सरकार छात्रों के भविष्य की रक्षा नहीं कर सकती, वह देश का संचालन कैसे करेगी।
पेपर लीक का दायरा और छात्रों पर असर
पप्पू यादव के अनुसार, 14 वर्षों में हुए 123 पेपर लीक मामलों में सरकार एक भी घटना को रोकने में नाकाम रही। उन्होंने आरोप लगाया कि इस संकट की सबसे बड़ी मार मध्यम और गरीब वर्ग के छात्रों पर पड़ी है, जबकि आर्थिक रूप से सक्षम परिवारों के बच्चे इस व्यवस्था का फायदा उठाने में सफल रहते हैं। उनके अनुसार, परीक्षा प्रणाली की यह विफलता लाखों परिवारों की वर्षों की मेहनत और उम्मीदों पर पानी फेर देती है।
नीट छात्र मृत्यु मामला और छात्रावास सुधार की माँग
नीट की तैयारी कर रहे एक छात्र की मौत के संदर्भ में सांसद ने गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने माँग की कि छात्रावासों की निगरानी के लिए एक रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में समिति गठित की जाए, जो समय-समय पर हॉस्टल की स्थिति की समीक्षा करे। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि सीसीटीवी और अन्य सुरक्षा उपायों को अनिवार्य किया जाए, छात्राओं के हॉस्टल के लिए मानक निर्धारित हों और पूरी प्रक्रिया में अभिभावकों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए।
सम्राट चौधरी और बिहार की राजनीति पर प्रतिक्रिया
केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह के उस बयान पर — जिसमें सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री बनाने की बात कही गई थी — पप्पू यादव ने कहा कि सम्राट चौधरी ने खुद को भारतीय जनता पार्टी (BJP) से अलग बताते हुए नीतीश कुमार के राजनीतिक उत्तराधिकारी होने का दावा किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सम्राट चौधरी BJP के नहीं, बल्कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के मुख्यमंत्री हैं और इस विषय पर अनावश्यक बहस की कोई ज़रूरत नहीं।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
शिक्षा नीति विश्लेषकों का मानना है कि पेपर लीक की बढ़ती घटनाएँ परीक्षा प्रशासन में संरचनात्मक खामियों की ओर इशारा करती हैं। यह ऐसे समय में आया है जब NEET और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर देशभर में पारदर्शिता की माँग तेज़ हो रही है। गौरतलब है कि 2024 में NEET पेपर लीक विवाद ने राष्ट्रीय स्तर पर हंगामा मचाया था, जिसके बाद संसद में भी इस मुद्दे पर बहस हुई थी।
आगे क्या
पप्पू यादव ने सरकार से माँग की है कि परीक्षा प्रणाली में तत्काल सुधार लाए जाएँ और छात्रावास निगरानी के लिए स्पष्ट दिशानिर्देश जारी किए जाएँ। यदि सरकार इन माँगों पर ध्यान नहीं देती, तो आलोचकों के अनुसार यह मुद्दा आगामी बिहार विधानसभा चुनाव में एक प्रमुख राजनीतिक हथियार बन सकता है।