मिजोरम को खाद्य सुरक्षा का भरोसा: केंद्र ने कहा, 81 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन जारी रहेगा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
मिजोरम को खाद्य सुरक्षा का भरोसा: केंद्र ने कहा, 81 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन जारी रहेगा

सारांश

केंद्रीय राज्य मंत्री निमुबेन बंभाणिया ने आइजोल में मिजोरम को खाद्य सुरक्षा समर्थन जारी रखने का आश्वासन दिया। देश में 81 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन मिल रहा है। मानसून से पहले तीन महीने का अग्रिम राशन और NFSA कोटा बढ़ाने पर भी चर्चा हुई।

मुख्य बातें

केंद्रीय राज्य मंत्री निमुबेन जयंतीभाई बंभाणिया ने 17 मई 2025 को आइजोल में मिजोरम को खाद्य सुरक्षा समर्थन जारी रखने का भरोसा दिया।
देशभर में करीब 81 करोड़ लोगों को निःशुल्क राशन मिल रहा है — यूरोप की कुल आबादी से अधिक।
मानसून से पहले पूर्वोत्तर राज्यों को तीन महीने का अग्रिम राशन आवंटन करने की इच्छा जताई गई।
मिजोरम सरकार ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) कोटा बढ़ाने का अनुरोध किया।
ई-केवाईसी, ईपीओएस और स्मार्ट पीडीएस व्यवस्थाओं से राज्य में राशन वितरण में सुधार की सराहना की गई।
मिजोरम की समस्याएँ केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी तक पहुँचाने और मुलाकात सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया गया।

केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण राज्य मंत्री निमुबेन जयंतीभाई बंभाणिया ने 17 मई 2025 को आइजोल में आयोजित एक संवाद कार्यक्रम में मिजोरम को खाद्य सुरक्षा समर्थन जारी रखने का स्पष्ट आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में करीब 81 करोड़ लोगों को निःशुल्क राशन उपलब्ध कराया जा रहा है — एक संख्या जो पूरे यूरोप की आबादी से भी अधिक है।

दुनिया का सबसे बड़ा खाद्य सुरक्षा कार्यक्रम

बंभाणिया ने इस योजना को विश्व का सबसे बड़ा खाद्य सुरक्षा कार्यक्रम बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के 'सबके लिए भोजन' के विजन के तहत मिजोरम के सभी नागरिकों को पर्याप्त और गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका यह दौरा केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि राज्य की समस्याओं को करीब से समझने और समाधान की दिशा में काम करने के उद्देश्य से है।

मिजोरम की विशिष्ट पहचान और चुनौतियाँ

केंद्रीय मंत्री ने मिजोरम की अनूठी सांस्कृतिक विरासत और स्वदेशी उत्पादों की सराहना की। उन्होंने जीआई टैग प्राप्त मिजो अदरक और मिजो मिर्च के साथ-साथ विश्व प्रसिद्ध चेराव नृत्य का विशेष उल्लेख किया। साथ ही उन्होंने स्वीकार किया कि पूर्वोत्तर क्षेत्र में भारी मानसूनी बारिश के कारण सड़क संपर्क अक्सर बाधित हो जाता है, जिससे खाद्यान्न आपूर्ति प्रभावित होती है।

मानसून से पहले तीन महीने का अग्रिम राशन

इस चुनौती से निपटने के लिए बंभाणिया ने मानसून शुरू होने से पहले तीन महीने तक का राशन अग्रिम रूप से आवंटित करने में पूर्वोत्तर राज्यों की मदद करने की इच्छा जताई। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि वह मिजोरम की समस्याओं को केंद्रीय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी तक पहुँचाएंगी और आगे की चर्चा के लिए मुलाकात भी सुनिश्चित करेंगी।

डिजिटल व्यवस्थाओं की सराहना

केंद्रीय मंत्री ने मिजोरम के खाद्य, उपभोक्ता मामले एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की पहलों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि ई-केवाईसी, ईपीओएस और स्मार्ट पीडीएस जैसी प्रणालियों से राज्य के नागरिकों को पारदर्शी और कुशल तरीके से राशन वितरण में उल्लेखनीय लाभ मिला है। इस अवसर पर भारतीय खाद्य निगम (FCI) के पूर्वोत्तर क्षेत्र के महाप्रबंधक संदीप देवड़ा ने मिजोरम में खाद्य आपूर्ति, भंडारण, चुनौतियों और समाधानों पर एक विस्तृत प्रस्तुति दी।

राज्य सरकार की माँग और आगे की राह

मिजोरम के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री बी. लालछनजोवा ने केंद्रीय मंत्री के दौरे के लिए आभार व्यक्त किया और केंद्र सरकार तथा FCI के निरंतर सहयोग की सराहना की। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से मिजोरम का राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) कोटा बढ़ाने पर विचार करने का अनुरोध किया, ताकि राज्य में खाद्य आपूर्ति और सुदृढ़ हो सके। लालछनजोवा ने कहा कि मिजोरम सरकार केंद्र के साथ सहयोग को और मजबूत करेगी ताकि कोई भी नागरिक अपने अधिकारों से वंचित न रहे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा NFSA कोटा बढ़ाने के मिजोरम के अनुरोध पर केंद्र की ठोस प्रतिक्रिया में होगी। पूर्वोत्तर में मानसूनी बाधाओं के कारण खाद्यान्न आपूर्ति की समस्या नई नहीं है — अग्रिम राशन आवंटन का विचार व्यावहारिक है, लेकिन इसके क्रियान्वयन की समयसीमा और बजटीय प्रावधान अभी स्पष्ट नहीं हैं। डिजिटल पीडीएस की सराहना के बावजूद, दूरदराज के इलाकों में कनेक्टिविटी और पात्र लाभार्थियों की पहचान जैसी बुनियादी चुनौतियाँ बनी हुई हैं जिन पर ध्यान देना ज़रूरी है।
RashtraPress
17 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मिजोरम को केंद्र सरकार ने क्या आश्वासन दिया है?
केंद्रीय राज्य मंत्री निमुबेन बंभाणिया ने 17 मई 2025 को आइजोल में मिजोरम के सभी नागरिकों को पर्याप्त और गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न सुनिश्चित करने का भरोसा दिया। उन्होंने मिजोरम की समस्याओं को केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी तक पहुँचाने और आगे की बैठक सुनिश्चित करने का वादा भी किया।
भारत की मुफ्त राशन योजना कितने लोगों को कवर करती है?
केंद्र सरकार के अनुसार, देशभर में करीब 81 करोड़ लोगों को निःशुल्क राशन उपलब्ध कराया जा रहा है, जो पूरे यूरोप की आबादी से अधिक है। इसे विश्व का सबसे बड़ा खाद्य सुरक्षा कार्यक्रम बताया गया है।
मिजोरम में मानसून के दौरान राशन आपूर्ति की क्या व्यवस्था होगी?
केंद्रीय मंत्री ने मानसून शुरू होने से पहले पूर्वोत्तर राज्यों को तीन महीने का राशन अग्रिम रूप से आवंटित करने की इच्छा जताई है। यह कदम भारी बारिश से सड़क संपर्क बाधित होने पर आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रस्तावित किया गया है।
मिजोरम सरकार ने केंद्र से क्या माँग की है?
मिजोरम के खाद्य मंत्री बी. लालछनजोवा ने केंद्रीय मंत्री से राज्य का राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) कोटा बढ़ाने पर विचार करने का अनुरोध किया है। उनका कहना है कि इससे राज्य में खाद्य आपूर्ति और सुदृढ़ होगी और 'सबके लिए भोजन' का लक्ष्य हासिल किया जा सकेगा।
मिजोरम में पीडीएस को बेहतर बनाने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं?
मिजोरम में ई-केवाईसी, ईपीओएस (इलेक्ट्रॉनिक पॉइंट ऑफ सेल) और स्मार्ट पीडीएस जैसी डिजिटल व्यवस्थाएँ लागू की गई हैं। केंद्रीय मंत्री ने इन पहलों की सराहना करते हुए कहा कि इनसे राज्य के लोगों को राशन वितरण में पारदर्शिता और सुविधा मिली है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 दिन पहले
  2. 4 महीने पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 5 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले