26 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

सुखबीर सिंह बादल का AAP सरकार पर प्रहार: पंजाब में 'शिक्षा घोटाला', केजरीवाल-सिसोदिया के लिए 'सिलेबस से बाहर'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
सुखबीर सिंह बादल का AAP सरकार पर प्रहार: पंजाब में 'शिक्षा घोटाला', केजरीवाल-सिसोदिया के लिए 'सिलेबस से बाहर'

सारांश

सुखबीर सिंह बादल ने पंजाब की AAP सरकार पर 'शिक्षा घोटाले' का आरोप लगाया और केजरीवाल-सिसोदिया को निशाने पर लिया। शिक्षकों से लेकर PSPCL, मनरेगा और मोहल्ला क्लिनिक स्टाफ तक — कर्मचारियों का बहु-विभागीय आंदोलन AAP के 'क्रांति' के दावे को सीधी चुनौती दे रहा है।

मुख्य बातें

सुखबीर सिंह बादल ने 26 अगस्त को एक्स पर पोस्ट कर पंजाब में 'शिक्षा घोटाले' का आरोप लगाया।
मुख्यमंत्री भगवंत मान और शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस को सीधे निशाने पर लिया गया।
PSPCL कर्मचारी 18% बकाया DA, सही वेतनमान और पुरानी पेंशन योजना (OPS) की माँग कर रहे हैं।
शिक्षक, मनरेगा कर्मी, सफाई सेवक और मोहल्ला क्लिनिक स्टाफ — 6 अलग-अलग माँगों पर एक साथ आंदोलनरत।
बादल ने वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा पर भी निशाना साधते हुए सरकार को 'समस्या' करार दिया।

शिरोमणि अकाली दल (SAD) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने 26 अगस्त को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान और शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस पर 'शिक्षा घोटाले' का आरोप लगाते हुए कहा कि पंजाब में जो हो रहा है, वह 'क्रांति' नहीं बल्कि एक बड़ा घोटाला है।

बादल का सीधा आरोप

बादल ने एक्स पर लिखा, 'यह कहानी बार-बार सुनाई जानी चाहिए, जब तक कि आप पंजाब, गुरु-द्रोही भगवंत मान और हरजोत सिंह बैंस का झूठा प्रोपेगैंडा पूरी तरह से बेनकाब न हो जाए। पंजाब में जो हो रहा है, वह कोई 'क्रांति' नहीं बल्कि एक बहुत बड़ा 'शिक्षा घोटाला' है!' उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में जोड़ा, 'निश्चित रूप से अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के लिए यह 'सिलेबस से बाहर' की बात है!'

कर्मचारी आंदोलन और बादल के आरोप

इससे पहले भी बादल ने पंजाब सरकार के विरुद्ध एक्स पर पोस्ट कर कहा था कि राज्य के लगभग सभी विभागों के कर्मचारी सड़कों पर उतर आए हैं। उन्होंने बताया कि शिक्षक भर्ती और सर्विस से जुड़े मुद्दों पर विरोध कर रहे हैं। पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (PSPCL) के कर्मचारी 18 प्रतिशत बकाया महँगाई भत्ते (DA), सही वेतनमान और पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली की माँग कर रहे हैं।

इसके अलावा मनरेगा (MGNREGA) कर्मियों ने बकाया मजदूरी और नौकरी की स्थायित्व की माँग को लेकर संघर्ष छेड़ा हुआ है। सफाई सेवक नौकरी की सुरक्षा चाहते हैं, जबकि मोहल्ला क्लिनिक स्टाफ बेहतर वेतन और बुनियादी कार्य-परिस्थितियों के लिए विरोध पर है।

सरकार पर 'लाठीचार्ज' का आरोप

बादल ने सरकार की कार्यशैली पर तंज कसते हुए लिखा, 'कर्मचारी और पेंशनभोगी, बकाया DA और अपने वाजिब हक के लिए सड़कों पर उतरे हैं। 6 समस्याएँ, 1 समाधान — लाठीचार्ज!' उनका यह बयान सरकार पर प्रदर्शनकारियों के साथ दमनकारी व्यवहार का आरोप लगाता है।

वित्त मंत्री पर निशाना

बादल ने पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा, 'इतनी नाकामी के बावजूद आपका घमंड शर्मनाक है! जब लगभग सभी विभागों के लोग सड़कों पर हों, तो समस्या कर्मचारियों की नहीं होती। समस्या आप हैं — आम आदमी पार्टी सरकार!' यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब पंजाब में विभिन्न सरकारी कर्मचारी संगठन एक साथ आंदोलनरत हैं।

राजनीतिक संदर्भ

गौरतलब है कि AAP ने पंजाब में सत्ता में आने से पहले दिल्ली की शिक्षा 'क्रांति' को अपना सबसे बड़ा चुनावी वादा बनाया था। बादल के ये आरोप उस दावे को सीधे चुनौती देते हैं। SAD और AAP के बीच यह टकराव आगामी चुनावी राजनीति की दृष्टि से भी महत्त्वपूर्ण माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इनकी पृष्ठभूमि में जो बहु-विभागीय कर्मचारी आंदोलन है, वह AAP के लिए असली चुनौती है — क्योंकि पार्टी ने पंजाब में 'दिल्ली मॉडल' के नाम पर वोट माँगे थे। जब शिक्षक, बिजली कर्मी, स्वास्थ्य कर्मचारी और सफाई सेवक एक साथ सड़कों पर हों, तो यह केवल विपक्ष की बयानबाज़ी नहीं रह जाती। AAP सरकार ने अब तक इन आरोपों का कोई विस्तृत खंडन सार्वजनिक नहीं किया है, जो उसकी संचार रणनीति की कमज़ोरी को उजागर करता है।
RashtraPress
26 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुखबीर सिंह बादल ने पंजाब सरकार पर क्या आरोप लगाए?
बादल ने AAP सरकार पर 'शिक्षा घोटाले' का आरोप लगाया और मुख्यमंत्री भगवंत मान व शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के 'झूठे प्रोपेगैंडे' को बेनकाब करने की बात कही। उन्होंने केजरीवाल और सिसोदिया को भी व्यंग्यात्मक रूप से निशाने पर लिया।
पंजाब में कौन-कौन से कर्मचारी विरोध कर रहे हैं?
शिक्षक, PSPCL कर्मचारी, मनरेगा कर्मी, सफाई सेवक और मोहल्ला क्लिनिक स्टाफ अलग-अलग माँगों को लेकर आंदोलनरत हैं। PSPCL कर्मचारी 18% बकाया DA, सही वेतनमान और पुरानी पेंशन योजना की बहाली चाहते हैं।
बादल ने हरपाल सिंह चीमा को क्यों घेरा?
बादल ने पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा पर 'नाकामी के बावजूद घमंड' का आरोप लगाया। उनका तर्क था कि जब सभी विभागों के कर्मचारी सड़कों पर हों, तो समस्या कर्मचारियों की नहीं बल्कि सरकार की है।
क्या AAP सरकार ने इन आरोपों का जवाब दिया?
स्रोत में उपलब्ध जानकारी के अनुसार, AAP सरकार की ओर से इन आरोपों पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया दर्ज नहीं की गई है। मामला राजनीतिक रूप से संवेदनशील बना हुआ है।
यह विवाद पंजाब की राजनीति के लिए क्यों अहम है?
AAP ने पंजाब में 'दिल्ली की शिक्षा क्रांति' को अपना प्रमुख चुनावी वादा बनाया था। बादल के आरोप और बहु-विभागीय कर्मचारी आंदोलन उस वादे की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हैं, जो आगामी राजनीतिक परिदृश्य को प्रभावित कर सकता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 1 साल पहले