सुखबीर सिंह बादल का AAP सरकार पर प्रहार: पंजाब में 'शिक्षा घोटाला', केजरीवाल-सिसोदिया के लिए 'सिलेबस से बाहर'
सारांश
मुख्य बातें
शिरोमणि अकाली दल (SAD) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने 26 अगस्त को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान और शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस पर 'शिक्षा घोटाले' का आरोप लगाते हुए कहा कि पंजाब में जो हो रहा है, वह 'क्रांति' नहीं बल्कि एक बड़ा घोटाला है।
बादल का सीधा आरोप
बादल ने एक्स पर लिखा, 'यह कहानी बार-बार सुनाई जानी चाहिए, जब तक कि आप पंजाब, गुरु-द्रोही भगवंत मान और हरजोत सिंह बैंस का झूठा प्रोपेगैंडा पूरी तरह से बेनकाब न हो जाए। पंजाब में जो हो रहा है, वह कोई 'क्रांति' नहीं बल्कि एक बहुत बड़ा 'शिक्षा घोटाला' है!' उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में जोड़ा, 'निश्चित रूप से अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के लिए यह 'सिलेबस से बाहर' की बात है!'
कर्मचारी आंदोलन और बादल के आरोप
इससे पहले भी बादल ने पंजाब सरकार के विरुद्ध एक्स पर पोस्ट कर कहा था कि राज्य के लगभग सभी विभागों के कर्मचारी सड़कों पर उतर आए हैं। उन्होंने बताया कि शिक्षक भर्ती और सर्विस से जुड़े मुद्दों पर विरोध कर रहे हैं। पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (PSPCL) के कर्मचारी 18 प्रतिशत बकाया महँगाई भत्ते (DA), सही वेतनमान और पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली की माँग कर रहे हैं।
इसके अलावा मनरेगा (MGNREGA) कर्मियों ने बकाया मजदूरी और नौकरी की स्थायित्व की माँग को लेकर संघर्ष छेड़ा हुआ है। सफाई सेवक नौकरी की सुरक्षा चाहते हैं, जबकि मोहल्ला क्लिनिक स्टाफ बेहतर वेतन और बुनियादी कार्य-परिस्थितियों के लिए विरोध पर है।
सरकार पर 'लाठीचार्ज' का आरोप
बादल ने सरकार की कार्यशैली पर तंज कसते हुए लिखा, 'कर्मचारी और पेंशनभोगी, बकाया DA और अपने वाजिब हक के लिए सड़कों पर उतरे हैं। 6 समस्याएँ, 1 समाधान — लाठीचार्ज!' उनका यह बयान सरकार पर प्रदर्शनकारियों के साथ दमनकारी व्यवहार का आरोप लगाता है।
वित्त मंत्री पर निशाना
बादल ने पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा, 'इतनी नाकामी के बावजूद आपका घमंड शर्मनाक है! जब लगभग सभी विभागों के लोग सड़कों पर हों, तो समस्या कर्मचारियों की नहीं होती। समस्या आप हैं — आम आदमी पार्टी सरकार!' यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब पंजाब में विभिन्न सरकारी कर्मचारी संगठन एक साथ आंदोलनरत हैं।
राजनीतिक संदर्भ
गौरतलब है कि AAP ने पंजाब में सत्ता में आने से पहले दिल्ली की शिक्षा 'क्रांति' को अपना सबसे बड़ा चुनावी वादा बनाया था। बादल के ये आरोप उस दावे को सीधे चुनौती देते हैं। SAD और AAP के बीच यह टकराव आगामी चुनावी राजनीति की दृष्टि से भी महत्त्वपूर्ण माना जा रहा है।