क्या सुखबीर बादल ने भगवंत मान को एसवाईएल मुद्दे पर गलत बताया?
सारांश
Key Takeaways
- सुखबीर बादल ने भगवंत मान पर तीखा हमला किया।
- भाई कन्हैया जी का संदर्भ विवाद का केंद्र बना।
- पंजाब के नदी के पानी के अधिकारों का मामला।
- एसवाईएल मुद्दा सिख इतिहास से जुड़ा है।
- राजनीति में नई गर्मी का संकेत।
चंडीगढ़, 27 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने मंगलवार को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर तीखा हमला करते हुए कहा कि भगवंत मान ने एसवाईएल मुद्दे पर जिस तरह से भाई कन्हैया जी का उदाहरण दिया, वह पूरी तरह से गलत है। इसे उन्होंने सिख इतिहास के साथ खिलवाड़ बताया।
सुखबीर सिंह बादल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, "भगवंत मान का पंजाब की नदी के पानी को अन्य राज्यों, विशेषकर हरियाणा को देने का सही ठहराने के लिए भाई कन्हैया जी का गलत जिक्र करना शर्मनाक है। दशम पातशाह ने दया और दान के कामों को आशीर्वाद दिया है, लेकिन हमें अपने अधिकारों के लिए भी संघर्ष करना सिखाया है। भाई कन्हैया जी की तरह पानी देना एक बात है, जबकि पंजाब की नदी का पानी सरेंडर करना एकदम अलग है।
उन्होंने आगे कहा, "मुख्यमंत्री भगवंत मान को सिख इतिहास को तोड़ने के लिए माफी मांगनी चाहिए। यह पंजाब के नदी के पानी के अधिकारों का मामला है, दान का नहीं।" उन्होंने कहा कि "वास्तव में, भगवंत कांग्रेस के सीएम दरबारा सिंह के नक्शेकदम पर चल रहे हैं, जिन्होंने इंदिरा गांधी के सामने झुककर सरेंडर कर दिया था। शिरोमणि अकाली दल इस प्रकार के धोखे को कभी बर्दाश्त नहीं करेगा।"
सुखबीर सिंह बादल ने बताया कि प्रकाश सिंह बादल की सरकार ने नहर को डिनोटिफाई करके और जमीन मालिकों/किसानों को वापस देकर एसवाईएल मुद्दे को स्थायी रूप से सुलझा दिया था।
गौरतलब है कि सतलुज-यमुना लिंक (एसवाईएल) नहर के बारे में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए पंजाब सीएम भगवंत मान ने कहा कि यह मुद्दा काफी समय से चल रहा है। आज इस पर सकारात्मक चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि गुरुओं की वाणी हमें मार्गदर्शन देती है। हम भाई कन्हैया जी के वारिस हैं, जिन्होंने युद्ध के समय दुश्मनों को भी पानी पिलाया था। हरियाणा हमारा दुश्मन नहीं है, बल्कि हमारा भाई है।