बेअदबी मामलों में सुखबीर बादल एसआईटी जांच से नहीं बच सकते: वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब सरकार के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने 20 जुलाई को चंडीगढ़ में स्पष्ट किया कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब बेअदबी मामलों की एसआईटी जांच निष्पक्ष रूप से जारी है और शिरोमणि अकाली दल (SAD) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल कानून की पकड़ से नहीं बच सकते। उन्होंने कहा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और बादल को एक जिम्मेदार नागरिक की तरह जांच में सहयोग करना चाहिए।
बेअदबी मामला और सुखबीर बादल की भूमिका
चीमा ने कहा कि जब राज्य में शिरोमणि अकाली दल और भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार थी, उसी दौरान श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की घटनाएं हुई थीं। उस समय सुखबीर सिंह बादल पंजाब के गृह मंत्री थे और उन्हें इन घटनाओं की पूरी जानकारी थी — यह भी कि बेअदबी कैसे हुई और बाद में दो युवकों की मौत किन परिस्थितियों में हुई। वित्त मंत्री ने आरोप लगाया कि अब जब एसआईटी उन्हें पूछताछ के लिए बुला रही है, तो वह सहयोग करने के बजाय जांच प्रक्रिया में बाधा डाल रहे हैं।
चीमा ने यह भी कहा कि बादल ने अधिकारियों को डराने और दबाव बनाने का प्रयास किया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई व्यक्ति जमानत की शर्तों का उल्लंघन करता है और जांच में व्यवधान डालता है, तो न्यायिक अधिकारी इस पर संज्ञान ले सकते हैं।
आम आदमी पार्टी सरकार की कार्रवाई
आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार ने बेअदबी जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए 'श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार एक्ट' बनाया है। चीमा ने कहा कि पुराने मामलों की जांच अभी भी जारी है और सरकार इस प्रक्रिया में किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं करेगी। यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में धार्मिक भावनाओं से जुड़े मामले राजनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील बने हुए हैं।
पंजाब कांग्रेस की अंदरूनी कलह पर प्रतिक्रिया
पंजाब कांग्रेस में जारी खींचतान पर चीमा ने कहा कि कांग्रेस नेताओं की सत्ता पाने की भूख कभी खत्म नहीं होती। उन्होंने दावा किया कि इस अंदरूनी लड़ाई का पंजाब की जनता पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में AAP सरकार जनसेवा में लगी है और 2027 के विधानसभा चुनाव में भी भगवंत मान दोबारा मुख्यमंत्री बनेंगे।
नीट पेपर लीक और छात्र प्रदर्शन पर BJP की आलोचना
दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के विरोध प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई को लेकर चीमा ने BJP पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि BJP शासन में NEET सहित कई प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक हुए, जिससे लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ। जब छात्र शांतिपूर्ण ढंग से न्याय की मांग कर रहे थे, तब उन पर लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया। चीमा ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री इस पूरे मुद्दे पर चुप हैं, जबकि युवाओं के भविष्य का सवाल सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
संसद के मानसून सत्र में AAP की रणनीति
संसद के मानसून सत्र को लेकर चीमा ने कहा कि AAP के लोकसभा और राज्यसभा सांसद आम जनता और राज्यों के हितों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाएंगे। प्रत्येक विधेयक पर पार्टी अपना स्पष्ट पक्ष रखेगी और देश व राज्यों के हितों को ध्यान में रखते हुए अपनी राय प्रस्तुत करेगी। आगे की राजनीतिक दिशा इस बात पर निर्भर करेगी कि एसआईटी जांच में सुखबीर बादल किस हद तक सहयोग करते हैं।