12 अगस्त 2026
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अकाली दल भाजपा का प्रवक्ता बन गया है: पंजाब वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा का हमला

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अकाली दल भाजपा का प्रवक्ता बन गया है: पंजाब वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा का हमला

सारांश

पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने शिअद को BJP का 'प्रवक्ता' करार दिया और ED पत्र विवाद को राजनीतिक हथियार बताया। साथ ही 2007–2017 के शासन को 'उड़ता पंजाब' की त्रासदी के लिए ज़िम्मेदार ठहराया।

मुख्य बातें

पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने 12 अगस्त को चंडीगढ़ में शिरोमणि अकाली दल (शिअद) को BJP का प्रवक्ता बताया।
चीमा के अनुसार, शिअद ED द्वारा डीजीपी को भेजे गए पत्र का इस्तेमाल AAP को बदनाम करने के लिए कर रहा है।
2007–2017 के शिअद-BJP शासन को नशा, बेअदबी और भ्रष्टाचार के लिए सीधे ज़िम्मेदार ठहराया गया।
चीमा ने ED, CBI और आयकर विभाग के ज़रिए विपक्षी सरकारों को अस्थिर करने का आरोप केंद्र पर लगाया।
अंबेडकर द्वारा निर्मित संविधान को कमज़ोर करने का भी आरोप लगाया।

पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बुधवार, 12 अगस्त को चंडीगढ़ में मीडिया से बात करते हुए शिरोमणि अकाली दल (शिअद) पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि अकाली दल अब स्वतंत्र राजनीतिक दल की तरह नहीं, बल्कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रवक्ता की तरह काम कर रहा है। उनके अनुसार, शिअद ने अपने बुनियादी सिद्धांत पूरी तरह त्याग दिए हैं।

ईडी पत्र विवाद पर चीमा का पलटवार

चीमा ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा डीजीपी को भेजे गए एक पत्र को शिअद आम आदमी पार्टी (AAP) को बदनाम करने के हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहा है। उन्होंने इसे 'हैरानी की बात' बताते हुए कहा कि यह रवैया साफ दर्शाता है कि शिअद केंद्रीय जांच एजेंसियों की आवाज़ बन चुका है। उनके शब्दों में, 'चिट्टा पार्टी' (शिअद) अब 'ईडी पार्टी' (BJP) की सहयोगी शाखा के रूप में काम कर रही है।

2007–2017 के शासन पर सीधा हमला

चीमा ने जनता को 2007 से 2017 के शिअद-BJP शासनकाल की याद दिलाई और इस दौर को पंजाब के सामाजिक ताने-बाने, अर्थव्यवस्था और युवाओं के लिए विनाशकारी करार दिया। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग बड़े पैमाने पर फैली नशे की समस्या, श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी और व्यापक भ्रष्टाचार को नहीं भूले हैं — जिसके चलते राज्य को 'उड़ता पंजाब' जैसी दर्दनाक पहचान मिली थी।

उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में माता-पिता को अपनी ज़मीन, घर और जीवन भर की कमाई बेचनी पड़ी, सिर्फ इसलिए कि वे अपने बच्चों को सरकार-पोषित ड्रग माफिया के चंगुल से बचाने के लिए विदेश भेज सकें।

केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप

आम आदमी पार्टी (AAP) नेता चीमा ने BJP नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर डॉ. बी.आर. अंबेडकर द्वारा निर्मित संविधान को सुनियोजित ढंग से कमज़ोर करने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि ED, CBI और आयकर विभाग जैसी केंद्रीय एजेंसियों का उपयोग लगातार विपक्षी नेताओं को डराने, स्थानीय प्रशासन को धमकाने और चुनी हुई राज्य सरकारों को अस्थिर करने के लिए किया जाता है।

उन्होंने पश्चिम बंगाल और बिहार का उदाहरण देते हुए कहा कि AAP नेतृत्व को भी इसी तरह निशाना बनाया गया। चीमा के अनुसार, जब भी चुनाव नज़दीक आते हैं या कोई विपक्षी सरकार मज़बूती से खड़ी होती है, तो इन एजेंसियों की मशीनरी सक्रिय हो जाती है।

राजनीतिक संदर्भ और आगे की दिशा

यह बयान ऐसे समय में आया है जब पंजाब में AAP सरकार और केंद्र के बीच तनाव बढ़ रहा है, और शिअद अपनी राजनीतिक प्रासंगिकता पुनः स्थापित करने की कोशिश में है। गौरतलब है कि 2022 के विधानसभा चुनाव में शिअद को ऐतिहासिक हार का सामना करना पड़ा था। आलोचकों का कहना है कि शिअद का यह रुख उसे पंजाब के मतदाताओं से और दूर कर सकता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हरपाल सिंह चीमा ने अकाली दल पर क्या आरोप लगाए?
पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि शिरोमणि अकाली दल अपने सिद्धांत छोड़कर BJP और केंद्रीय जांच एजेंसियों के प्रवक्ता की तरह काम कर रहा है। उनके अनुसार, शिअद ने ED के एक पत्र को AAP को बदनाम करने के हथियार के रूप में इस्तेमाल किया।
ED पत्र विवाद क्या है जिसका चीमा ने उल्लेख किया?
चीमा के अनुसार, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पंजाब के डीजीपी को एक पत्र भेजा, जिसे शिअद ने AAP सरकार के खिलाफ राजनीतिक हथियार के रूप में उपयोग किया। चीमा ने इसे केंद्रीय एजेंसियों के राजनीतिक दुरुपयोग का उदाहरण बताया।
चीमा ने 2007–2017 के शासन का ज़िक्र क्यों किया?
चीमा ने शिअद-BJP के 2007 से 2017 के शासनकाल को पंजाब में नशे की महामारी, श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी और भ्रष्टाचार के लिए ज़िम्मेदार ठहराया। उनका तर्क था कि इसी दौर में पंजाब को 'उड़ता पंजाब' की पहचान मिली और युवाओं का भविष्य बर्बाद हुआ।
चीमा ने केंद्रीय एजेंसियों पर क्या आरोप लगाए?
चीमा ने आरोप लगाया कि ED, CBI और आयकर विभाग का उपयोग विपक्षी नेताओं को डराने और चुनी हुई राज्य सरकारों को अस्थिर करने के लिए किया जाता है। उन्होंने पश्चिम बंगाल, बिहार और AAP नेतृत्व का उदाहरण दिया।
इस बयान का पंजाब की राजनीति पर क्या असर हो सकता है?
यह बयान ऐसे समय में आया है जब शिअद 2022 की हार के बाद अपनी प्रासंगिकता फिर से स्थापित करने की कोशिश में है। AAP का यह हमला शिअद को BJP-समर्थक दल के रूप में पेश करने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जो पंजाब के सिख मतदाताओं के बीच शिअद की छवि को और कमज़ोर कर सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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