AAP छोड़ने वाले राजनीति से हुए खत्म, अब इनका भी यही हश्र होगा: हरपाल सिंह चीमा का BJP पर बड़ा हमला

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AAP छोड़ने वाले राजनीति से हुए खत्म, अब इनका भी यही हश्र होगा: हरपाल सिंह चीमा का BJP पर बड़ा हमला

सारांश

पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने राघव चड्ढा सहित 7 AAP नेताओं के BJP में शामिल होने पर कहा — पार्टी छोड़ने वाले हमेशा राजनीति से बाहर हुए हैं। 2022 में 12 बागी विधायकों की जमानत जब्त हुई थी। BJP पर संविधान कमजोर करने का भी आरोप लगाया।

Key Takeaways

  • हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि AAP छोड़ने वाले नेताओं का राजनीतिक करियर हमेशा समाप्त हुआ है।
  • 2022 के पंजाब चुनाव से पहले AAP के 12 बागी विधायकों की चुनाव में जमानत जब्त हो गई थी।
  • राघव चड्ढा सहित 7 AAP नेता हाल ही में BJP में शामिल हुए हैं।
  • चीमा ने BJP पर भारतीय संविधान को कमजोर करने और लोकतांत्रिक मूल्यों की अनदेखी का आरोप लगाया।
  • दिल्ली मंत्री प्रवेश वर्मा ने केजरीवाल पर एक रुपए के स्टांप पेपर पर दिए वादे तोड़ने का आरोप लगाया।
  • 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले यह राजनीतिक पलायन AAP और BJP दोनों की रणनीति को प्रभावित कर सकता है।

चंडीगढ़, 25 अप्रैलपंजाब सरकार के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने शुक्रवार को कड़ा बयान देते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़ने वाले नेताओं का राजनीतिक अस्तित्व हमेशा समाप्त हुआ है, और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा सहित छह अन्य सांसदों के भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने के बाद भी यही परिणाम सामने आएगा। यह बयान उस समय आया जब AAP के भीतर से बड़े पैमाने पर पलायन की खबरें राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा रही हैं।

चीमा का सीधा संदेश — इतिहास खुद गवाह है

हरपाल सिंह चीमा ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "आम आदमी पार्टी छोड़ने वाले नेताओं का राजनीतिक भविष्य अक्सर कमजोर हो जाता है।" उन्होंने दावा किया कि 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के 22 विधायकों में से 12 ने पार्टी छोड़ी, लेकिन बाद में हुए चुनाव में उन सभी की जमानत जब्त हो गई।

इसके विपरीत, जो नेता पार्टी के साथ डटे रहे, वे भारी बहुमत से जीतकर विधानसभा पहुंचे। चीमा का यह तर्क सीधे तौर पर उन सात नेताओं को चेतावनी है जिन्होंने हाल ही में BJP का दामन थामा है।

BJP पर संविधान विरोधी होने का गंभीर आरोप

चीमा ने भाजपा पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि AAP के सात नेताओं का BJP में जाना इस बात का प्रमाण है कि भाजपा लोकतांत्रिक मूल्यों में आस्था नहीं रखती। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा भारतीय संविधान का न तो सम्मान करती है और न ही उसकी मूल भावना को समझती है।

इस संदर्भ में उन्होंने डॉ. भीमराव अंबेडकर का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस संविधान ने देश को दिशा और दृष्टि दी, उसी को कमजोर करने का षड्यंत्र रचा जा रहा है। यह बयान इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि AAP लगातार खुद को संविधान की रक्षक पार्टी के रूप में प्रस्तुत करती रही है।

पंजाब की जनता और लोकतंत्र की रक्षा का आह्वान

चीमा ने कहा कि पंजाब के लोगों ने देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया है। उनके रक्त में लोकतंत्र की रक्षा का जज्बा समाया हुआ है और वे किसी भी कीमत पर इसे कमजोर नहीं होने देंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि AAP और पंजाब की जनता लोकतंत्र को बचाने के लिए हर संभव संघर्ष के लिए तैयार है।

केजरीवाल पर लगे आरोपों पर चीमा का पलटवार

दिल्ली के मंत्री प्रवेश वर्मा द्वारा AAP राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल पर लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए चीमा ने कहा कि जब कोई व्यक्ति सरकारी आवास में सामान्य मरम्मत कराता है, तो विपक्ष उसे "शीश महल" जैसे भड़काऊ शब्दों में पेश करता है। उन्होंने इसे राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित बताया और कहा कि ऐसे आरोपों का एकमात्र उद्देश्य जनता का ध्यान असली मुद्दों से भटकाना है।

उल्लेखनीय है कि प्रवेश वर्मा ने शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि अन्ना आंदोलन का सहारा लेकर, महात्मा गांधी, शहीद भगत सिंह और बाबासाहेब अंबेडकर की तस्वीरों की आड़ में जिन्होंने एक रुपए के स्टांप पेपर पर हलफनामा दिया था कि वे सरकारी घर, बंगला और गाड़ी नहीं लेंगे — वही आज दिल्ली के "रहमान डकैत" निकले हैं।

राजनीतिक विश्लेषण — AAP के लिए यह संकट या अवसर?

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि AAP से नेताओं के पलायन का यह दौर पार्टी के लिए एक बड़ी परीक्षा है। 2022 में पंजाब में ऐतिहासिक जीत के बाद पार्टी ने जो राजनीतिक ऊंचाई हासिल की थी, उसे बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो रहा है। हालांकि, चीमा जैसे वरिष्ठ नेताओं का तर्क है कि पार्टी छोड़ने वाले हर बार कमजोर हुए हैं — यह ऐतिहासिक पैटर्न पार्टी के पक्ष में एक मजबूत कथा है।

आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि राघव चड्ढा और अन्य नेता BJP में किस भूमिका में काम करते हैं और क्या उन्हें कोई बड़ी जिम्मेदारी मिलती है। 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले यह राजनीतिक उठापटक AAP और BJP दोनों की रणनीतियों को नई दिशा दे सकती है।

Point of View

बल्कि AAP की उस रणनीति का हिस्सा है जिसमें पार्टी खुद को 'विचारधारा की पार्टी' और BJP को 'अवसरवाद का केंद्र' के रूप में प्रस्तुत करती है। विडंबना यह है कि जो पार्टी खुद भ्रष्टाचार विरोध के नाम पर खड़ी हुई थी, वह आज अपने नेताओं के पलायन को रोकने के लिए ऐतिहासिक आंकड़ों का सहारा ले रही है। मुख्यधारा की मीडिया इस पर ध्यान नहीं दे रही कि 2027 के पंजाब चुनाव से पहले यह आंतरिक टूटन AAP की जमीनी ताकत को कितना प्रभावित करेगी। असली सवाल यह है कि क्या चीमा का 'इतिहास गवाह है' वाला तर्क 2027 में भी उतना ही कारगर होगा जितना 2022 में था।
NationPress
25/04/2026

Frequently Asked Questions

हरपाल सिंह चीमा ने AAP छोड़ने वाले नेताओं के बारे में क्या कहा?
हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि जिन्होंने भी आम आदमी पार्टी छोड़ी, वे राजनीति से खत्म हो गए। उन्होंने 2022 से पहले के 12 बागी विधायकों का उदाहरण दिया जिनकी जमानत जब्त हो गई थी।
राघव चड्ढा सहित कितने AAP नेता BJP में शामिल हुए?
राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा सहित कुल सात AAP नेता BJP में शामिल हुए हैं। इस घटनाक्रम पर पंजाब सरकार के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने तीखी प्रतिक्रिया दी।
चीमा ने BJP पर क्या आरोप लगाए?
चीमा ने BJP पर लोकतांत्रिक मूल्यों और भारतीय संविधान का सम्मान न करने का आरोप लगाया। उन्होंने डॉ. भीमराव अंबेडकर का उल्लेख करते हुए कहा कि संविधान को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।
प्रवेश वर्मा ने अरविंद केजरीवाल पर क्या आरोप लगाए?
दिल्ली के मंत्री प्रवेश वर्मा ने आरोप लगाया कि केजरीवाल ने एक रुपए के स्टांप पेपर पर हलफनामा दिया था कि वे सरकारी घर नहीं लेंगे, लेकिन बाद में महंगे सरकारी आवास में रहे। उन्होंने केजरीवाल को 'रहमान डकैत' तक कह दिया।
2022 पंजाब चुनाव में AAP छोड़ने वाले विधायकों का क्या हुआ था?
2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले AAP के 22 में से 12 विधायकों ने पार्टी छोड़ी थी। चुनाव में उन सभी की जमानत जब्त हो गई, जबकि पार्टी में रहने वाले नेता भारी बहुमत से जीते।
Nation Press