माली में आतंकी हमलों के बाद भारतीय दूतावास अलर्ट, नागरिकों को घर में रहने की सख्त हिदायत

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माली में आतंकी हमलों के बाद भारतीय दूतावास अलर्ट, नागरिकों को घर में रहने की सख्त हिदायत

सारांश

माली में आतंकी हमलों के बाद बमाको स्थित भारतीय दूतावास ने एडवाइजरी जारी कर सभी भारतीय नागरिकों को घरों में रहने, सतर्क रहने और केवल आधिकारिक स्रोतों से जानकारी लेने की हिदायत दी है। माली सेना ने जवाबी कार्रवाई में कई आतंकवादियों को ढेर किया।

Key Takeaways

  • 25 अप्रैल 2025 को माली के कई शहरों में सशस्त्र आतंकी गुटों ने एक साथ हमले किए।
  • बमाको स्थित भारतीय दूतावास ने तत्काल एडवाइजरी जारी कर सभी भारतीय नागरिकों को घर के भीतर रहने की हिदायत दी।
  • राजधानी बमाको के निकट सैन्य छावनी काती में जोरदार धमाके और गोलीबारी की आवाजें सुनी गईं।
  • माली सशस्त्र बलों ने जवाबी कार्रवाई में कई आतंकवादियों को मार गिराया और उनके उपकरण नष्ट किए।
  • इसी महीने माली सेना ने सेगू क्षेत्र में एक आतंकी प्रशिक्षण शिविर नष्ट कर बड़ी मात्रा में IED बरामद किए थे।
  • भारतीय नागरिकों से कहा गया है कि वे दूतावास की वेबसाइट, फेसबुक और एक्स के जरिए अपडेट लेते रहें।

बमाको, 25 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम अफ्रीका के देश माली में शनिवार, 25 अप्रैल को सशस्त्र आतंकवादी गुटों द्वारा एक साथ कई ठिकानों पर किए गए हमलों के मद्देनजर बमाको स्थित भारतीय दूतावास ने तत्काल एडवाइजरी जारी की है। दूतावास ने माली में रह रहे सभी भारतीय नागरिकों से अपील की है कि वे घरों के भीतर रहें, अत्यधिक सतर्कता बरतें और माली प्रशासन के आधिकारिक निर्देशों का कड़ाई से पालन करें।

दूतावास की एडवाइजरी में क्या कहा गया?

बमाको स्थित भारतीय दूतावास ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, "हालिया सुरक्षा घटनाक्रम और काती सहित माली के अन्य हिस्सों में हमलों की खबरों को देखते हुए माली में रह रहे सभी भारतीय नागरिक अत्यधिक सतर्क रहें, पूरी सावधानी बरतें, घरों के भीतर रहें और समय-समय पर माली प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का सख्ती से पालन करें।"

दूतावास ने यह भी स्पष्ट किया कि वह माली प्रशासन के साथ पूर्ण समन्वय में स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है। जैसे-जैसे हालात बदलेंगे, भारतीय नागरिकों को समय पर अपडेट दिए जाते रहेंगे।

नागरिकों से कहा गया है कि वे दूतावास की आधिकारिक वेबसाइट और फेसबुक तथा एक्स (Twitter) पर मौजूद दूतावास के सोशल मीडिया अकाउंट्स के जरिए संपर्क में बने रहें ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता ली जा सके।

माली सेना की जवाबी कार्रवाई और मौजूदा हालात

माली सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ ने स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 11 बजे जारी बयान में पुष्टि की कि देश के कई शहरों में सशस्त्र आतंकी गुटों ने हमला करने की कोशिश की, लेकिन सेना की त्वरित जवाबी कार्रवाई से स्थिति को नियंत्रण में ले लिया गया है।

सेना ने बताया कि हमलावरों को भारी नुकसान पहुंचाया गया है — कई आतंकवादियों को मार गिराया गया और उनके हथियार व उपकरण नष्ट कर दिए गए। सुरक्षा बलों का व्यापक तलाशी अभियान अभी भी जारी है।

राजधानी बमाको के निकट स्थित सैन्य छावनी शहर काती में जोरदार धमाकों और गोलीबारी की आवाजें सुनी गईं। सुरक्षा सूत्रों के अनुसार राजधानी और देश के भीतरी इलाकों में कई सैन्य बैरकों व अन्य ठिकानों पर समन्वित हमले किए गए।

सेना ने आम जनता से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों से ही जानकारी लें, अफवाहों पर ध्यान न दें और ऐसे वीडियो या संदेश साझा न करें जिनसे भय या भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है।

माली में बढ़ती अस्थिरता का पृष्ठभूमि

यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब माली पहले से ही गंभीर सुरक्षा संकट से जूझ रहा है। अप्रैल 2025 की शुरुआत में ही माली सेना ने सेगू क्षेत्र के मरकाला से करीब 20 किलोमीटर उत्तर में स्थित एक आतंकी प्रशिक्षण शिविर को नष्ट किया था। उस अभियान में बड़ी मात्रा में सैन्य सामग्री और इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) बरामद किए गए थे।

गौरतलब है कि माली वर्ष 2012 से ही उत्तरी और मध्य क्षेत्रों में सक्रिय जिहादी गुटों से लड़ रहा है। अल-कायदा और इस्लामिक स्टेट से जुड़े संगठन इस क्षेत्र में सक्रिय हैं। 2021 में सैन्य तख्तापलट के बाद माली ने फ्रांसीसी सेना और UN शांति मिशन (MINUSMA) को देश से बाहर कर दिया और रूसी अर्धसैनिक समूह वैगनर (अब अफ्रीका कोर) के साथ सुरक्षा समझौता किया। इसके बावजूद आतंकी हमलों की आवृत्ति कम नहीं हुई है।

विश्लेषकों का मानना है कि राजधानी बमाको के निकट काती जैसे सैन्य महत्व के शहर पर हमला यह दर्शाता है कि आतंकी गुट अब केवल दूरदराज के इलाकों तक सीमित नहीं रहे — वे रणनीतिक केंद्रों को निशाना बनाने में सक्षम हो रहे हैं। यह माली सरकार और उसके सुरक्षा साझेदारों के लिए एक गंभीर चेतावनी है।

भारतीय नागरिकों पर प्रभाव और सावधानियां

माली में भारतीय नागरिकों की संख्या सीमित है, जिनमें मुख्यतः व्यापारी, UN व अंतरराष्ट्रीय संगठनों के कर्मचारी और कुछ प्रवासी श्रमिक शामिल हैं। भारतीय दूतावास ने उन सभी से आग्रह किया है कि वे अपनी आपातकालीन संपर्क जानकारी दूतावास के साथ अपडेट रखें।

यह एडवाइजरी भारत के उस व्यापक कांसुलर सुरक्षा ढांचे का हिस्सा है जिसके तहत संघर्ष प्रभावित देशों में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाती है। इससे पहले सूडान, यूक्रेन और इजरायल-गाजा संघर्ष के दौरान भी भारतीय दूतावासों ने इसी तरह की एडवाइजरी जारी की थीं।

आने वाले दिनों में माली की सुरक्षा स्थिति पर नजर रखना जरूरी होगा। यदि हालात और बिगड़ते हैं तो भारत सरकार निकासी अभियान या यात्रा प्रतिबंध जैसे कड़े कदम उठा सकती है। विदेश मंत्रालय, नई दिल्ली की ओर से भी जल्द ही कोई औपचारिक बयान आ सकता है।

Point of View

लेकिन आज उसकी राजधानी के दरवाजे पर आतंकी दस्तक दे रहे हैं। भारत के लिए यह एक संकेत है कि अफ्रीका में बढ़ते निवेश और नागरिक उपस्थिति के साथ-साथ कांसुलर सुरक्षा तंत्र को और मजबूत करना अब वैकल्पिक नहीं, अनिवार्य है।
NationPress
26/04/2026

Frequently Asked Questions

माली में हमलों के बाद भारतीय दूतावास ने क्या एडवाइजरी जारी की?
बमाको स्थित भारतीय दूतावास ने माली में रह रहे सभी भारतीय नागरिकों को घरों के भीतर रहने, अत्यधिक सतर्कता बरतने और माली प्रशासन के आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की हिदायत दी है। दूतावास ने कहा कि वह स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है और जरूरत पड़ने पर अपडेट जारी करेगा।
माली में 25 अप्रैल 2025 को क्या हुआ?
25 अप्रैल 2025 को माली के कई शहरों में सशस्त्र आतंकवादी गुटों ने एक साथ हमले किए, जिनमें राजधानी बमाको के निकट सैन्य छावनी काती भी शामिल है। माली सेना ने जवाबी कार्रवाई में कई आतंकियों को मार गिराया और स्थिति को नियंत्रण में बताया।
माली में रह रहे भारतीय नागरिक दूतावास से कैसे संपर्क करें?
भारतीय नागरिक बमाको स्थित भारतीय दूतावास की आधिकारिक वेबसाइट और फेसबुक व एक्स (Twitter) पर मौजूद दूतावास के सोशल मीडिया अकाउंट्स के जरिए संपर्क में रह सकते हैं। आपातकालीन स्थिति में दूतावास के हेल्पलाइन नंबर पर भी कॉल किया जा सकता है।
माली में आतंकी हमलों का क्या पृष्ठभूमि है?
माली 2012 से उत्तरी और मध्य क्षेत्रों में अल-कायदा और इस्लामिक स्टेट से जुड़े जिहादी गुटों से लड़ रहा है। 2021 में सैन्य तख्तापलट के बाद माली ने फ्रांसीसी सेना को हटाकर रूसी अर्धसैनिक समूह वैगनर के साथ सुरक्षा समझौता किया, लेकिन हमले जारी हैं।
क्या माली से भारतीय नागरिकों को निकाला जाएगा?
अभी तक भारत सरकार ने निकासी अभियान की घोषणा नहीं की है। दूतावास ने नागरिकों को घरों में रहने और स्थिति पर नजर रखने की सलाह दी है। यदि हालात और बिगड़े तो विदेश मंत्रालय आगे की कार्रवाई पर निर्णय ले सकता है।
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