पंजाब कांग्रेस की अंदरूनी कलह पर हरपाल चीमा का तंज: 'कुर्सी के पीछे भाग रहे, जनता नहीं देगी'
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब सरकार के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने 2 अगस्त को चंडीगढ़ में कांग्रेस पर तीखा हमला बोला, जब अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल के दौरे के दौरान पार्टी की अंदरूनी कलह खुलकर सामने आ गई। चीमा ने कहा कि कांग्रेस नेता जनहित के मुद्दों की बजाय सत्ता की दौड़ में लगे हैं, और पंजाब की जनता उन्हें सत्ता नहीं सौंपेगी।
कांग्रेस की कलह पर चीमा का सीधा वार
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, 'पंजाब से जुड़े मुद्दों पर बात करने के बजाय पंजाब कांग्रेस अभी अपनी अंदरूनी कलह में उलझी हुई है। आज देशभर में कांग्रेस पार्टी कोई जनहित का मुद्दा नहीं उठा रही है, बल्कि वह अपनी अंदरूनी लड़ाइयों में फंसी हुई है।' उन्होंने तंज कसते हुए जोड़ा, 'आज वे कुर्सी के पीछे भाग रहे हैं और पंजाब के लोग कुर्सी उनको नहीं देने वाले हैं।'
बघेल के दौरे में क्या हुआ
सूत्रों के अनुसार, भूपेश बघेल के पंजाब दौरे के दौरान पार्टी की अंदरूनी लड़ाई और तेज हो गई। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के समर्थकों ने कथित तौर पर पार्टी की बैठकों में बाधा डाली। सूत्रों का कहना है कि इस कलह की मुख्य वजह हाईकमान का अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को प्रदेश अध्यक्ष पद पर बनाए रखना है, जिससे 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी में सत्ता के कई केंद्र बन गए हैं।
AAP की उपलब्धियों का दावा
चीमा ने आम आदमी पार्टी (AAP) की उपलब्धियों का हवाला देते हुए कहा, 'पंजाब के लोगों को पता है कि आम आदमी पार्टी ने लगभग साढ़े चार साल पहले पाँच गारंटियाँ दी थीं। हमने पाँचों की पाँचों गारंटियाँ पूरी कर दीं।' उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान आने वाले चुनाव में एक बार फिर मुख्यमंत्री बनेंगे।
अनुशासनहीनता पर निशाना
चीमा ने सवाल उठाया कि जिस पार्टी के भीतर ही अनुशासन नहीं है और नेता आपस में लड़ रहे हैं, वह पंजाब की जनता की समस्याएँ क्या सुलझाएगी। उन्होंने दावा किया कि जनता अब कांग्रेस की राजनीति को समझ चुकी है।
2027 चुनाव की पृष्ठभूमि में अहम मोड़
यह ऐसे समय में आया है जब 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ सभी दल शुरू कर चुके हैं। कांग्रेस के भीतर नेतृत्व को लेकर जारी खींचतान उसकी चुनावी तैयारी को कमज़ोर कर सकती है, जबकि AAP इस कलह को अपने पक्ष में भुनाने की कोशिश में जुटी है।