11 जुलाई 2026
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पंजाब कांग्रेस में बगावत: बघेल से मिला चन्नी गुट, वड़िंग को हटाने की माँग पर अड़े 90+ नेता

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पंजाब कांग्रेस में बगावत: बघेल से मिला चन्नी गुट, वड़िंग को हटाने की माँग पर अड़े 90+ नेता

सारांश

पंजाब कांग्रेस की अंदरूनी लड़ाई खुलकर सामने आई — चन्नी के नेतृत्व में 90 से अधिक नेताओं ने बघेल से मिलकर वड़िंग को हटाने की माँग दोहराई। बघेल ने आश्वासन दिया, लेकिन बदलाव से इनकार किया। हाई कमांड का फैसला अब पार्टी की एकजुटता तय करेगा।

मुख्य बातें

पूर्व CM चरणजीत सिंह चन्नी के नेतृत्व वाले 90 से अधिक नेताओं के गुट ने 11 जुलाई को चंडीगढ़ में कांग्रेस महासचिव भूपेश बघेल से मुलाकात की।
गुट ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को हटाने की माँग दोहराई।
सांसद सुखजिंदर रंधावा ने कहा, पार्टी को 'समझौतावादी नेताओं की जरूरत नहीं'।
बघेल ने वड़िंग के प्रतिस्थापन पर किसी चर्चा से इनकार किया; सभी मुद्दे हाई कमांड को भेजने का वादा किया।
बघेल ने चन्नी के CM उम्मीदवार होने की अटकलों को 'झूठ' बताकर खारिज किया।

पंजाब कांग्रेस में अंदरूनी कलह एक नए मोड़ पर पहुँच गई है। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के नेतृत्व वाले प्रतिद्वंद्वी गुट और कांग्रेस महासचिव एवं पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल के बीच 11 जुलाई, शनिवार को चंडीगढ़ में बहुप्रतीक्षित बैठक हुई। 90 से अधिक नेताओं वाले इस गुट ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को पद से हटाने की माँग दोहराई।

बैठक में क्या हुआ

बैठक के बाद सांसद सुखजिंदर रंधावा ने मीडिया से साफ शब्दों में कहा, 'कभी-कभी पार्टी को कुछ फैसले पलटने पड़ते हैं… हमें समझौतावादी नेताओं की जरूरत नहीं है।' रंधावा ने यह भी जोड़ा कि पार्टी को ऐसे नेताओं की ज़रूरत है जो निडर और निर्णायक रूप से बोलते हों। प्रतिद्वंद्वी गुट ने वड़िंग पर पार्टी नेतृत्व में फूट डालने के विशिष्ट उदाहरण भी बघेल के सामने रखे।

बघेल की प्रतिक्रिया

मीडिया के एक सवाल के जवाब में भूपेश बघेल ने कहा, 'हाँ, मैं सहमत हूँ कि समझौता करने वाला कोई भी नेता काम नहीं करेगा। अगर भाजपा किसी नेता से समझौता करेगी, तो पार्टी काम नहीं करेगी। यह मेरी जिम्मेदारी है कि मैं ऐसा होने नहीं दूंगा।' हालाँकि, बघेल ने यह भी स्पष्ट किया कि राजा वड़िंग के प्रतिस्थापन पर इस बैठक में कोई चर्चा नहीं हुई।

छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि चंडीगढ़ में पाँच दिन बिताने के दौरान उन्होंने सभी सहयोगियों से मुलाकात की और उनकी चिंताएँ सुनीं। उन्होंने भरोसा दिलाया, 'प्रभारी महासचिव के रूप में मैं सभी के हितों की रक्षा करूंगा और सभी मुद्दों को पार्टी हाई कमांड तक पहुँचाऊंगा।'

चन्नी के CM उम्मीदवार होने की अटकलें

आगामी पंजाब विधानसभा चुनावों में चरणजीत सिंह चन्नी के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार होने की अटकलों पर बघेल ने सीधे खंडन किया। उन्होंने कहा, 'यह झूठ है। ऐसी कोई बात नहीं हुई है। हम तो बस यही चाहते हैं कि कांग्रेस सरकार बनाए।' बघेल ने यह भी कहा कि अगर कोई योग्य और जीतने योग्य उम्मीदवार है, तो उसे निश्चित रूप से टिकट दिया जाएगा।

आम जनता और पार्टी पर असर

यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) के खिलाफ विपक्षी एकजुटता की दरकार है। गौरतलब है कि कांग्रेस की आंतरिक खींचतान पार्टी की जमीनी तैयारी को कमजोर कर सकती है। आलोचकों का कहना है कि नेतृत्व विवाद मतदाताओं को भ्रमित करता है और पार्टी की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करता है।

आगे क्या होगा

बघेल के दिल्ली लौटने के बाद अब सभी की नजरें पार्टी हाई कमांड की प्रतिक्रिया पर हैं। सूत्रों के अनुसार, प्रतिद्वंद्वी गुट की माँगों पर हाई कमांड जल्द निर्णय ले सकती है। पंजाब में अगले विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को एकजुट दिखाना पार्टी के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

वही हाई कमांड के हर फैसले का पालन करने की बात भी करता है — यह अंतर्विरोध पार्टी की असली कमज़ोरी को उजागर करता है। AAP की सत्ता के सामने कांग्रेस को एकजुट विपक्ष की भूमिका निभानी है, लेकिन नेतृत्व विवाद में उलझकर वह वही समय गँवा रही है जो जमीनी तैयारी में लगना चाहिए था।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंजाब कांग्रेस में वड़िंग को हटाने की माँग क्यों उठ रही है?
पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के नेतृत्व वाले 90 से अधिक नेताओं के गुट का आरोप है कि प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग पार्टी नेतृत्व में फूट डाल रहे हैं और समझौतावादी रवैया अपना रहे हैं। गुट का कहना है कि पार्टी को निडर और निर्णायक नेतृत्व की जरूरत है।
भूपेश बघेल और चन्नी गुट की बैठक में क्या निर्णय हुआ?
11 जुलाई को चंडीगढ़ में हुई बैठक में कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ। बघेल ने सभी की चिंताएँ सुनकर उन्हें पार्टी हाई कमांड तक पहुँचाने का आश्वासन दिया, लेकिन स्पष्ट किया कि वड़िंग के प्रतिस्थापन पर कोई चर्चा नहीं हुई।
क्या चन्नी पंजाब में कांग्रेस के CM उम्मीदवार होंगे?
नहीं। भूपेश बघेल ने ऐसी किसी भी अटकल को सीधे 'झूठ' बताकर खारिज किया। उन्होंने कहा कि पार्टी का एकमात्र लक्ष्य पंजाब में कांग्रेस की सरकार बनाना है।
पंजाब कांग्रेस विवाद का आगामी चुनावों पर क्या असर पड़ेगा?
आलोचकों का कहना है कि नेतृत्व विवाद पार्टी की चुनावी तैयारी को कमज़ोर कर सकता है। AAP के खिलाफ मजबूत विपक्ष के लिए कांग्रेस को एकजुट दिखना जरूरी है, जो फिलहाल चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
भूपेश बघेल पंजाब कांग्रेस में क्या भूमिका निभा रहे हैं?
भूपेश बघेल कांग्रेस के महासचिव और पंजाब प्रभारी हैं। वे छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भी हैं। पंजाब में पाँच दिन बिताकर उन्होंने सभी गुटों से बात की और अब हाई कमांड को रिपोर्ट देंगे।
राष्ट्र प्रेस
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