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गुजरात ATS चरस मामला: पालनपुर अदालत ने समीर शेख को 20 साल की सजा, ₹2 लाख जुर्माना

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गुजरात ATS चरस मामला: पालनपुर अदालत ने समीर शेख को 20 साल की सजा, ₹2 लाख जुर्माना

सारांश

छह साल पुराने गुजरात ATS चरस मामले में पालनपुर की विशेष NDPS अदालत ने समीर अहमद शेख नागोरी को 20 साल की कठोर सजा सुनाई। ₹1 करोड़ से अधिक मूल्य की 16.575 किलो चरस सेब के डिब्बों में छिपाकर लुधियाना से गुजरात लाई जा रही थी।

मुख्य बातें

समीर अहमद शेख नागोरी को 9 जुलाई 2026 को पालनपुर की विशेष NDPS अदालत ने 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई।
अदालत ने ₹2 लाख जुर्माना लगाया; अदा न होने पर 1 साल का अतिरिक्त कारावास।
अक्टूबर 2020 में गुजरात ATS ने बनासकांठा के पालनपुर के पास 16.575 किलोग्राम चरस जब्त की थी, जिसकी कीमत ₹1,00,51,800 थी।
चरस सेब के डिब्बों में छिपाकर पंजाब के लुधियाना से लाई गई थी — कथित तौर पर गुजरात में पहुँचाने के लिए।
मामले में शेष आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई अलग से जारी रहेगी।

पालनपुर स्थित विशेष एनडीपीएस अदालत ने 9 जुलाई 2026 को समीर अहमद शेख नागोरी को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। यह मामला अक्टूबर 2020 का है, जब गुजरात आतंकवाद विरोधी दस्ते (ATS) ने बनासकांठा जिले के पालनपुर के निकट 16.575 किलोग्राम चरस जब्त की थी, जिसकी अनुमानित बाज़ार कीमत ₹1,00,51,800 आँकी गई थी। नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंसेस (NDPS) अधिनियम के तहत दोषसिद्धि के साथ अदालत ने ₹2 लाख का जुर्माना भी लगाया।

मामले का घटनाक्रम

जाँचकर्ताओं के अनुसार, अक्टूबर 2020 में गुजरात ATS को विशिष्ट खुफिया जानकारी मिली कि महाराष्ट्र में पंजीकृत एक वाहन से मादक पदार्थों की तस्करी की जा रही है। अधिकारियों ने पालनपुर के पास उस कार को रोका और तलाशी में सेब के डिब्बों में छिपाई गई 16.575 किलोग्राम चरस बरामद की। जाँचकर्ताओं का आरोप है कि यह खेप पंजाब के लुधियाना से लाई गई थी और पैसों के बदले गुजरात में पहुँचाई जानी थी।

गिरफ्तारी और आरोपी

मौके पर ही महाराष्ट्र के दो व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया, जिनमें समीर अहमद शेख नागोरी भी शामिल था। इसके बाद ATS ने जाँच के दौरान अहमदाबाद से एक कथित मुख्य साजिशकर्ता को भी गिरफ्तार किया। ATS ने स्पष्ट किया है कि मामले में शेष आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई अलग से जारी रहेगी।

अदालत का फैसला और टिप्पणी

विशेष एनडीपीएस न्यायालय ने अपने फैसले में कहा कि व्यावसायिक मात्रा में मादक पदार्थों की तस्करी समाज — विशेषकर युवा पीढ़ी — के लिए एक गंभीर खतरा है। अदालत ने प्रतिबंधित पदार्थ की मात्रा, अपराध की गंभीरता और समाज पर इसके व्यापक दुष्प्रभावों को ध्यान में रखते हुए कड़ी सजा सुनाई। अदालत ने यह भी आदेश दिया कि यदि ₹2 लाख का जुर्माना अदा नहीं किया जाता, तो दोषी को एक साल का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।

आगे की कार्रवाई

गौरतलब है कि यह मामला दर्ज होने के करीब छह साल बाद फैसले तक पहुँचा है, जो NDPS मामलों में न्यायिक प्रक्रिया की जटिलता को दर्शाता है। ATS के अनुसार, मामले में अन्य आरोपियों के विरुद्ध सुनवाई अलग से जारी रहेगी। यह फैसला गुजरात में मादक पदार्थ तस्करी के विरुद्ध सख्त न्यायिक रुख का संकेत देता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह भी उजागर करता है कि मामला दर्ज होने से सजा तक छह साल का लंबा समय लगा। लुधियाना-से-गुजरात तस्करी मार्ग और सेब के डिब्बों जैसी आम वस्तुओं में छिपाने की तकनीक यह संकेत देती है कि अंतर-राज्यीय नशा नेटवर्क अभी भी परिष्कृत तरीके अपना रहे हैं। मुख्य साजिशकर्ता और शेष आरोपियों की सुनवाई अलग से जारी है — असली परीक्षा यह होगी कि क्या पूरे नेटवर्क को जवाबदेह ठहराया जा सकता है, या केवल वाहक को सजा मिलकर रह जाती है।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुजरात ATS चरस मामले में किसे और कितनी सजा मिली?
पालनपुर की विशेष NDPS अदालत ने समीर अहमद शेख नागोरी को 20 साल के कठोर कारावास और ₹2 लाख जुर्माने की सजा सुनाई। यह फैसला 9 जुलाई 2026 को सुनाया गया।
यह चरस मामला कब और कहाँ का है?
यह मामला अक्टूबर 2020 का है, जब गुजरात ATS ने बनासकांठा जिले के पालनपुर के पास एक वाहन से 16.575 किलोग्राम चरस जब्त की थी। चरस सेब के डिब्बों में छिपाई गई थी और कथित तौर पर पंजाब के लुधियाना से लाई गई थी।
जब्त चरस की कीमत कितनी थी?
जब्त 16.575 किलोग्राम चरस की अनुमानित बाज़ार कीमत ₹1,00,51,800 थी, जो एक करोड़ रुपये से अधिक है।
क्या इस मामले में अन्य आरोपी भी हैं?
हाँ, मौके पर महाराष्ट्र के दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया था और बाद में अहमदाबाद से एक कथित मुख्य साजिशकर्ता को भी पकड़ा गया। ATS के अनुसार, शेष आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई अलग से जारी रहेगी।
NDPS अधिनियम के तहत व्यावसायिक मात्रा में सजा का क्या प्रावधान है?
NDPS अधिनियम के तहत व्यावसायिक मात्रा में मादक पदार्थ रखने या तस्करी पर न्यूनतम 10 साल से अधिकतम 20 साल तक की कठोर सजा और जुर्माने का प्रावधान है। इस मामले में अदालत ने अधिकतम 20 साल की सजा सुनाई।
राष्ट्र प्रेस
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