सूरत कोर्ट का बड़ा फैसला: गांजा तस्करी में तीन दोषियों को 10-10 साल की सजा, 562 किलो गांजा था जब्त
सारांश
मुख्य बातें
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की अहमदाबाद जोनल यूनिट ने 3 जुलाई 2026 को जानकारी दी कि सूरत की स्पेशल NDPS कोर्ट ने गांजा तस्करी के एक बड़े मामले में तीन आरोपियों को दोषी करार देते हुए प्रत्येक को 10-10 साल की कठोर सजा सुनाई है। इस मामले में 562.55 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया था, जिसे जाँचकर्ताओं के अनुसार ओडिशा से गुजरात में अवैध रूप से लाया गया था।
मामले की पृष्ठभूमि
यह मामला 4 और 5 मई 2020 को चलाए गए एक ऑपरेशन से जुड़ा है। NCB अधिकारियों ने विश्वसनीय सूचना के आधार पर सूरत के किम इलाके में स्थित कृष्णा इंडस्ट्री में छापा मारा और तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया। जाँच में सामने आया कि गांजे की यह व्यावसायिक मात्रा अंतर-राज्यीय परिवहन के ज़रिये गैर-कानूनी बिक्री के लिए लाई जा रही थी।
दोषियों की पहचान
अदालत द्वारा दोषी ठहराए गए तीनों व्यक्ति ओडिशा के गंजाम जिले के निवासी हैं। इनमें कालू चरण बेहरा (निवासी: बिलिपारा, फासी, कोडला), सुधीर कुमार स्वैन (निवासी: मकरापोली, गंगापुर) और मिथुन प्रधान (निवासी: बर्तुलु, जामुनी) शामिल हैं। NCB ने अक्टूबर 2020 में सूरत की स्पेशल NDPS कोर्ट में शिकायत दर्ज कराई थी।
अदालत का फैसला
सूरत शहर के 11वें अतिरिक्त जिला न्यायाधीश की अदालत ने 2 जुलाई 2026 को फैसला सुनाया। तीनों दोषियों को 10-10 साल की कठोर कारावास की सजा दी गई। इसके साथ ही प्रत्येक दोषी पर ₹1 लाख का जुर्माना भी लगाया गया। NCB के अनुसार, जब्त किए गए नशीले पदार्थों को पूर्व-विचारण (प्री-ट्रायल) आधार पर तय प्रक्रिया के तहत पहले ही नष्ट कर दिया गया था।
NCB की प्रतिक्रिया
NCB ने एक बयान में कहा कि यह सजा ड्रग सप्लाई चेन को तोड़ने के प्रति एजेंसी के संकल्प को और मज़बूत करती है। एजेंसी ने कहा कि अंतर-राज्यीय परिवहन नेटवर्क का उपयोग कर नशीले पदार्थों की तस्करी करने वालों को कानून का पूरी तरह सामना करना पड़ेगा। गौरतलब है कि यह मामला ओडिशा से गुजरात के बीच चल रहे एक सुनियोजित आपराधिक नेटवर्क की ओर इशारा करता है, जो राज्यों की सीमाओं को पार कर नशे का कारोबार करता था।
आगे क्या
इस फैसले के बाद दोषियों के पास उच्च न्यायालय में अपील का विकल्प उपलब्ध है। NCB की यह कार्रवाई अंतर-राज्यीय नशा तस्करी के खिलाफ चल रहे व्यापक अभियान का हिस्सा है, और एजेंसी ने संकेत दिया है कि ऐसे नेटवर्क की जाँच जारी रहेगी।