नशा मुक्त ओडिशा अभियान: सोनपुर में ₹13 करोड़ का गांजा जब्त, ट्रक चालक फरार
सारांश
मुख्य बातें
सोनपुर पुलिस ने नशा मुक्त ओडिशा अभियान के तहत 9 अगस्त को एक बड़ी कार्रवाई में 12.5 क्विंटल से अधिक अवैध गांजा जब्त किया, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में अनुमानित कीमत ₹13 करोड़ बताई जा रही है। सुबालया थाना क्षेत्र में एक ट्रक से बरामद यह खेप ओडिशा में चल रहे नशा-विरोधी अभियान की अब तक की बड़ी कामयाबियों में से एक है।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि एक ट्रक के ज़रिए भारी मात्रा में गांजा सुबालया थाना क्षेत्र से होकर ले जाया जा रहा है। सूचना के आधार पर विशेष अभियान चलाया गया और संदिग्ध वाहन को रोका गया।
पुलिस टीम के मौके पर पहुँचते ही ट्रक चालक और उसके साथी मौके से फरार हो गए। तलाशी में ट्रक से 12.5 क्विंटल से अधिक गांजा बरामद हुआ। ट्रक को जब्त कर लिया गया है और सुबालया थाने में मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस की प्रतिक्रिया और जाँच
अब तक इस मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की पहचान कर ली गई है और उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। विभिन्न स्थानों पर छापेमारी जारी है।
इस सफल कार्रवाई की ओडिशा पुलिस महानिदेशक (DGP) योगेश बहादुर खुरानिया ने सराहना की है। उन्होंने सोनपुर पुलिस अधीक्षक नारायण नायक और उनकी पूरी टीम को बधाई दी।
नशा मुक्त ओडिशा अभियान की पृष्ठभूमि
ओडिशा सरकार ने राज्य को पूर्णतः नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कलिंगा स्टेडियम में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में 100 सप्ताह के जन-आंदोलन की घोषणा की। यह कार्यक्रम 'नशा मुक्त भारत और विकसित भारत 2047' अभियान की शुरुआत के अवसर पर हुआ, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली से शुरू किया था।
इस राष्ट्रीय कार्यक्रम को राज्यपाल डॉ. हरिबाबू कम्भम्पति, खेल और युवा सेवा मंत्री सूर्यबंशी सूरज और सैकड़ों छात्रों ने वर्चुअली देखा। राज्यपाल डॉ. कम्भम्पति ने उपस्थित सभी लोगों को 'नशा मुक्त युवा – विकसित भारत प्रतिज्ञा अभियान' की शपथ दिलाई।
आम जनता और तस्करी नेटवर्क पर असर
यह जब्ती ओडिशा में गांजा तस्करी के सक्रिय नेटवर्क की ओर इशारा करती है। गौरतलब है कि राज्य में नशा-विरोधी अभियान तेज़ होने के बाद से तस्करों ने परिवहन के वैकल्पिक मार्ग अपनाने शुरू किए हैं, जिससे पुलिस की चुनौती बढ़ी है।
आगे क्या होगा
पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है और तस्करी नेटवर्क की पूरी कड़ी को उजागर करने की कोशिश कर रही है। जाँच के नतीजे राज्य के नशा-विरोधी अभियान की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएँगे।