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ओडिशा पुलिस का राज्यव्यापी अपराध विरोधी अभियान: 18 दिनों में 5,703 वारंट निष्पादित, 7,398 किलो गांजा जब्त

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ओडिशा पुलिस का राज्यव्यापी अपराध विरोधी अभियान: 18 दिनों में 5,703 वारंट निष्पादित, 7,398 किलो गांजा जब्त

सारांश

ओडिशा पुलिस के 18-दिवसीय विशेष अभियान ने एक साथ कई मोर्चे खोले — 5,703 वारंट, 7,398 किलो गांजा, 654 खनन मामले और ₹6.46 करोड़ जुर्माना। डीजीपी खुराना के निर्देश पर चला यह अभियान राज्य में बहु-आयामी अपराध नियंत्रण की नई मिसाल बन रहा है।

मुख्य बातें

12 मई 2026 से शुरू इस अभियान में 18 दिनों में 5,703 लंबित गैर-जमानती वारंट निष्पादित किए गए।
520 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालयों के समक्ष पेश किया गया; 957 आदतन अपराधियों पर बीएनएसएस के तहत मामले दर्ज।
नशीले पदार्थ विरोधी अभियान में 7,398 किलोग्राम गांजा , 220 ग्राम हेरोइन और 586 ग्राम भूरी चीनी जब्त।
अवैध खनन के 654 मामलों में 162 गिरफ्तारियाँ ; 878 वाहन व मशीनरी जब्त।
शराब पीकर वाहन चलाने में 3,293 पर कार्रवाई; सड़क सुरक्षा उल्लंघन पर ₹6.46 करोड़ जुर्माना वसूला।
284 पशुओं को अवैध परिवहन से बचाया गया; 17 वाहन जब्त।

ओडिशा पुलिस ने 12 मई 2026 से राज्यव्यापी विशेष प्रवर्तन अभियान के तहत अपराध और आपराधिक गतिविधियों पर व्यापक कार्रवाई की है। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) वाईबी खुराना के निर्देशों पर शुरू किया गया यह अभियान अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) संजय कुमार की सीधी देखरेख में सभी पुलिस रेंजों में संचालित है। 18 दिनों के भीतर इस अभियान ने ड्रग्स, अवैध खनन, फरार अपराधियों और सड़क सुरक्षा उल्लंघनों के मोर्चे पर उल्लेखनीय परिणाम दिए हैं।

अभियान की रूपरेखा और निगरानी

राज्य पुलिस के अनुसार, यह अभियान जिला पुलिस अधीक्षकों और भुवनेश्वर-कटक के पुलिस आयुक्त की देखरेख में समन्वित तरीके से चलाया जा रहा है। इसके प्रमुख उद्देश्यों में लंबित गैर-जमानती वारंटों (एनबीडब्ल्यू) का निष्पादन, फरार अपराधियों की गिरफ्तारी, नशीले पदार्थों की तस्करी पर अंकुश, अवैध हथियारों की जब्ती, अवैध खनिज परिवहन पर रोक और शराब पीकर वाहन चलाने के खिलाफ सख्त प्रवर्तन शामिल हैं।

यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में संगठित अपराध और नशे की तस्करी के मामलों में बढ़ोतरी की रिपोर्टें सामने आ रही थीं।

मुख्य घटनाक्रम: गिरफ्तारियाँ और वारंट

पिछले 18 दिनों में ओडिशा पुलिस ने राज्य भर में 5,703 लंबित एनबीडब्ल्यू निष्पादित किए। विभिन्न आपराधिक मामलों में 520 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालयों के समक्ष पेश किया गया।

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की संबंधित धाराओं के तहत 957 आदतन अपराधियों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए, जबकि बीएनएसएस की धारा 126 के तहत 2,620 व्यक्तियों पर कार्रवाई की गई।

नशीले पदार्थों पर कड़ा प्रहार

ड्रग विरोधी अभियान में पुलिस ने 97 एनडीपीएस मामले दर्ज कर 137 आरोपियों को गिरफ्तार किया। छापेमारी के दौरान जब्त की गई सामग्री में 7,398 किलोग्राम गांजा, 586 ग्राम भूरी चीनी, 220 ग्राम हेरोइन, 219 लीटर कफ सिरप और 1,050 कफ सिरप की बोतलें शामिल हैं।

इसके अलावा, कथित तौर पर नशीले पदार्थों की तस्करी में उपयोग किए गए 27 वाहन, 14 मोबाइल फोन, तीन पिस्तौल और ₹2.92 लाख नकद भी जब्त किए गए। इस अवधि में 2,154 उत्पाद शुल्क संबंधी मामले भी दर्ज किए गए।

अवैध खनन और पशु तस्करी पर कार्रवाई

अवैध खनन और खनिज परिवहन से जुड़े 654 मामलों में 162 लोगों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने 878 वाहन और मशीनरी जब्त की, जिनमें एक्सकेवेटर, ट्रक, ट्रैक्टर, ट्रिपर, पावर टिलर और जेसीबी मशीनें शामिल हैं।

अवैध पशु परिवहन के विरुद्ध 29 मामले दर्ज कर 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से 17 वाहनों से 284 पशुओं को बचाया गया।

सड़क सुरक्षा और आगे की राह

सड़क सुरक्षा प्रवर्तन के तहत शराब पीकर वाहन चलाने के आरोप में 3,293 लोगों पर कार्रवाई की गई। मोटर वाहन एवं सड़क सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के लिए कुल ₹6.46 करोड़ का जुर्माना वसूला गया।

गौरतलब है कि इस पैमाने का समन्वित बहु-आयामी प्रवर्तन अभियान ओडिशा में हाल के वर्षों में दुर्लभ रहा है। राज्य पुलिस ने संकेत दिया है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और जिला स्तर पर समीक्षा बैठकें नियमित रूप से आयोजित की जाएँगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

703 वारंट और 7,398 किलो गांजे के आँकड़े प्रभावशाली हैं, लेकिन असली सवाल यह है कि ये वारंट इतने समय तक लंबित क्यों थे। यह अभियान एक संरचनात्मक विफलता को तात्कालिक उपाय से ढकने जैसा भी लग सकता है — जब तक नियमित प्रवर्तन इतना कमज़ोर है कि 18 दिनों के 'विशेष' दबाव की ज़रूरत पड़े। अवैध खनन में 654 मामले और 878 वाहनों की जब्ती बताती है कि यह समस्या छिटपुट नहीं, बल्कि संगठित और गहरी जड़ें जमाए है। दीर्घकालिक प्रभाव तभी होगा जब यह अभियान एकमुश्त कार्रवाई नहीं, बल्कि स्थायी प्रवर्तन ढाँचे में तब्दील हो।
RashtraPress
29 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओडिशा पुलिस का यह विशेष अभियान क्या है और कब से चल रहा है?
यह 12 मई 2026 से डीजीपी वाईबी खुराना के निर्देशों पर शुरू किया गया राज्यव्यापी विशेष प्रवर्तन अभियान है। इसका उद्देश्य लंबित वारंटों का निष्पादन, फरार अपराधियों की गिरफ्तारी, नशा तस्करी, अवैध खनन और सड़क सुरक्षा उल्लंघनों पर एकसाथ कार्रवाई करना है।
अभियान में अब तक कितनी मात्रा में नशीले पदार्थ जब्त किए गए हैं?
18 दिनों में पुलिस ने 7,398 किलोग्राम गांजा , 586 ग्राम भूरी चीनी , 220 ग्राम हेरोइन और 1,050 कफ सिरप की बोतलें जब्त की हैं। इस दौरान 97 एनडीपीएस मामले दर्ज कर 137 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
अवैध खनन के खिलाफ अभियान में क्या कार्रवाई हुई?
अवैध खनन और खनिज परिवहन से जुड़े 654 मामलों में 162 लोगों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने 878 वाहन और मशीनरी जब्त की, जिनमें एक्सकेवेटर, जेसीबी, ट्रक और ट्रैक्टर शामिल हैं।
इस अभियान का आम नागरिकों पर क्या असर पड़ा है?
सड़क सुरक्षा प्रवर्तन के तहत 3,293 लोगों पर शराब पीकर वाहन चलाने की कार्रवाई हुई और यातायात नियम उल्लंघन पर ₹6.46 करोड़ जुर्माना वसूला गया। इसके अलावा 284 पशुओं को अवैध परिवहन से बचाया गया, जिससे पशु तस्करी नेटवर्क पर भी असर पड़ा है।
इस अभियान की निगरानी कौन कर रहा है?
अभियान की सीधी निगरानी अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) संजय कुमार कर रहे हैं। जिला स्तर पर जिला पुलिस अधीक्षक और भुवनेश्वर-कटक के पुलिस आयुक्त इसकी देखरेख कर रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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