11 जुलाई 2026
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गौतमबुद्धनगर पुलिस का अवैध खनन पर प्रहार: 101 ओवरलोड वाहन पकड़े, 38 डंपर-ट्रक सीज, ₹5.74 लाख वसूले

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गौतमबुद्धनगर पुलिस का अवैध खनन पर प्रहार: 101 ओवरलोड वाहन पकड़े, 38 डंपर-ट्रक सीज, ₹5.74 लाख वसूले

सारांश

गौतमबुद्धनगर पुलिस ने दो दिनों में 61 खनन स्थलों पर छापा मारकर 447 वाहनों की जाँच की — 101 ओवरलोड, 309 बिना नंबर प्लेट के मिले। 38 वाहन सीज और ₹5.74 लाख वसूले गए। पुलिस ने कहा — यह अभियान रुकेगा नहीं।

मुख्य बातें

कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर पुलिस ने 23-24 मई को 61 खनन स्थलों पर विशेष चेकिंग अभियान चलाया।
447 डंपर और ट्रकों की जाँच में 101 वाहन ओवरलोड पाए गए; 89 का चालान , 12 सीज ।
309 वाहन बिना नंबर प्लेट के मिले; 283 का चालान , 26 सीज ।
कुल 38 वाहन सीज और ₹5 लाख 74 हजार शमन शुल्क वसूला गया।
पुलिस ने कहा — अवैध खनन और ओवरलोडिंग के विरुद्ध अभियान आगे भी जारी रहेगा।

कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर पुलिस ने 23 और 24 मई को अवैध खनन और ओवरलोडिंग के विरुद्ध दो दिवसीय विशेष चेकिंग अभियान चलाया, जिसमें 447 डंपर और ट्रकों की जाँच में 101 वाहन ओवरलोड पाए गए और कुल 38 वाहन सीज किए गए। यातायात पुलिस और परिवहन विभाग की संयुक्त टीमों ने ग्रेटर नोएडा सहित जिलेभर के 61 खनन स्थलों और प्रमुख मार्गों पर यह कार्रवाई की।

अभियान का दायरा और मुख्य आँकड़े

अधिकारियों के अनुसार, दो दिनों में 61 खनन स्थलों पर सघन जाँच की गई। खनन सामग्री का परिवहन कर रहे 447 डंपर और ट्रकों की जाँच में 101 वाहन निर्धारित क्षमता से अधिक भार लेकर सड़कों पर दौड़ते मिले। ओवरलोड वाहनों से सड़क दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ती है और सड़कों को भी भारी क्षति पहुँचती है।

ओवरलोड पाए गए 89 वाहनों का चालान किया गया, जबकि 12 वाहनों को सीज कर दिया गया। संबंधित वाहन चालकों और संचालकों से ₹4 लाख 99 हजार का शमन शुल्क वसूला गया।

बिना नंबर प्लेट के वाहनों पर कार्रवाई

अभियान के दौरान एक और गंभीर अनियमितता सामने आई — जाँच में 309 डंपर और ट्रक बिना नंबर प्लेट के संचालित होते पाए गए। बिना नंबर प्लेट के वाहन कानून व्यवस्था और सुरक्षा की दृष्टि से खतरनाक माने जाते हैं, क्योंकि इनकी पहचान करना कठिन होता है।

पुलिस ने इस मामले में 283 वाहनों का चालान किया और 26 वाहनों को सीज किया। इस कार्रवाई में ₹75 हजार का अतिरिक्त शमन शुल्क वसूला गया। दोनों श्रेणियों में कुल वसूली ₹5 लाख 74 हजार रही।

पुलिस की प्रतिक्रिया और संदेश

कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन, ओवरलोडिंग और बिना नंबर प्लेट के वाहनों के संचालन के विरुद्ध यह अभियान भविष्य में भी निरंतर जारी रहेगा। अधिकारियों ने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस अधिकारियों ने वाहन संचालकों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें और निर्धारित मानकों के अनुसार ही वाहन चलाएँ।

आम जनता और सड़क सुरक्षा पर असर

प्रशासन का मानना है कि ऐसे विशेष अभियान अवैध खनन पर रोक लगाने के साथ-साथ सड़क हादसों को कम करने और यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने में भी सहायक होंगे। गौरतलब है कि ओवरलोड वाहनों के कारण राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर सड़क क्षति और दुर्घटनाओं की शिकायतें लंबे समय से सामने आती रही हैं।

आगे की कार्रवाई

पुलिस ने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में भी इसी तरह के संयुक्त अभियान चलाए जाएँगे। गौतमबुद्धनगर में खनन गतिविधियों पर नजर रखने के लिए यातायात पुलिस और परिवहन विभाग की समन्वित निगरानी जारी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

61 स्थल, 447 वाहन — और उनमें से 309 बिना नंबर प्लेट के: यह आँकड़ा बताता है कि गौतमबुद्धनगर में अवैध खनन का नेटवर्क कितने खुले तरीके से काम करता रहा है। चालान और शमन शुल्क की कार्रवाई तात्कालिक राहत देती है, लेकिन असली सवाल यह है कि इतने बड़े पैमाने पर बिना नंबर प्लेट के वाहन आखिर कब से और किसकी नजर में चल रहे थे। जब तक खनन माफिया के खिलाफ आपराधिक मुकदमे और लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई नहीं होती, तब तक ऐसे अभियान दबाव बनाने के साधन तो हैं, स्थायी समाधान नहीं।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गौतमबुद्धनगर पुलिस का अवैध खनन अभियान कब और कहाँ चलाया गया?
यह अभियान 23 और 24 मई को ग्रेटर नोएडा सहित गौतमबुद्धनगर जिले के 61 खनन स्थलों और प्रमुख मार्गों पर चलाया गया। यातायात पुलिस और परिवहन विभाग की संयुक्त टीमों ने यह कार्रवाई की।
अभियान में कितने वाहन पकड़े और सीज किए गए?
447 डंपर और ट्रकों की जाँच में 101 वाहन ओवरलोड पाए गए। इनमें से 89 का चालान और 12 सीज किए गए। बिना नंबर प्लेट के 309 वाहनों में से 283 का चालान और 26 सीज हुए — कुल 38 वाहन सीज किए गए।
इस कार्रवाई में कितना शमन शुल्क वसूला गया?
ओवरलोडिंग के मामले में ₹4 लाख 99 हजार और बिना नंबर प्लेट के वाहनों पर ₹75 हजार — कुल मिलाकर ₹5 लाख 74 हजार शमन शुल्क वसूला गया।
बिना नंबर प्लेट के वाहन क्यों खतरनाक माने जाते हैं?
बिना नंबर प्लेट के वाहनों की पहचान करना कठिन होता है, जिससे कानून व्यवस्था और सड़क सुरक्षा दोनों को खतरा होता है। अधिकारियों के अनुसार, ऐसे वाहनों का उपयोग अवैध गतिविधियों में आसानी से किया जा सकता है।
क्या यह अभियान आगे भी जारी रहेगा?
हाँ, कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन, ओवरलोडिंग और बिना नंबर प्लेट के वाहनों के विरुद्ध यह अभियान निरंतर जारी रहेगा । अधिकारियों ने नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी कठोर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
राष्ट्र प्रेस
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