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क्या परिवहन विभाग का अनधिकृत बसों के खिलाफ सख्त अभियान प्रभावी हो रहा है?

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क्या परिवहन विभाग का अनधिकृत बसों के खिलाफ सख्त अभियान प्रभावी हो रहा है?

सारांश

गौतमबुद्ध नगर में परिवहन विभाग का सख्त अभियान अनधिकृत बसों के खिलाफ जारी है। क्या यह अभियान सड़क सुरक्षा को सुनिश्चित कर रहा है? जानिए महत्वपूर्ण आंकड़े और विभाग की कार्रवाई के बारे में।

मुख्य बातें

अनधिकृत बसों के खिलाफ अभियान जारी है।
332 वाहनों को विभिन्न थानों में बंद किया गया है।
253.97 लाख रुपए का प्रशमन शुल्क प्राप्त हुआ है।
सड़क सुरक्षा में सुधार हो रहा है।
भविष्य में भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

नोएडा, 22 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। गौतमबुद्ध नगर जनपद में अनधिकृत रूप से चल रही यात्री बसों और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ परिवहन विभाग द्वारा लगातार सख्त प्रवर्तन कार्रवाई की जा रही है। सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ करने और यात्रियों की जान-माल की रक्षा सुनिश्चित करने के लिए चलाए जा रहे इस विशेष अभियान के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक महत्वपूर्ण कार्रवाई की गई है।

एआरटीओ प्रवर्तन डॉ. उदित नारायण पांडे ने बताया कि परिवहन विभाग गौतमबुद्धनगर के सभी प्रवर्तन दलों द्वारा 18 दिसंबर तक व्यापक अभियान चलाया गया। इस दौरान कुल 478 वाहनों का चालान किया गया, जबकि 332 वाहनों को जनपद के विभिन्न थानों में बंद किया गया। यह कार्रवाई उन बसों और वाहनों के विरुद्ध थी, जो बिना वैध परमिट, फिटनेस प्रमाणपत्र या अन्य आवश्यक दस्तावेजों के सड़कों पर संचालित हो रहे थे।

डॉ. पांडे ने कहा कि इस सख्त प्रवर्तन अभियान के परिणामस्वरूप परिवहन विभाग को अब तक कुल 253.97 लाख रुपए का प्रशमन शुल्क प्राप्त हुआ है। यह राशि न केवल विभाग की सक्रियता को दर्शाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ अब कोई ढिलाई नहीं बरती जा रही है।

उन्होंने आगे बताया कि विशेष रूप से यात्री बसों में ओवरलोडिंग और माल परिवहन के मामलों पर भी कड़ी नजर रखी गई। इस दौरान ओवरलोड यात्रियों और अवैध रूप से माल ढोने के मामलों में 114 बसों का चालान किया गया और 87 बसों को विभिन्न थानों में बंद किया गया। इस कार्रवाई से सड़क पर होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने में मदद मिली है और यात्रियों को सुरक्षित यात्रा का माहौल प्राप्त हुआ है।

एआरटीओ प्रवर्तन ने स्पष्ट किया कि अनधिकृत रूप से संचालित वाहनों के खिलाफ यह अभियान मुख्यालय से प्राप्त निर्देशों के अनुसार लगातार चलाया जा रहा है। भविष्य में भी इस तरह की सघन कार्रवाई जारी रहेगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे। परिवहन विभाग की इस निरंतर कार्रवाई से न केवल यातायात व्यवस्था में सुधार हुआ है, बल्कि आम जनता में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता भी बढ़ी है।

विभाग का मानना है कि ऐसे अभियानों से अनुशासन कायम होगा और यात्रियों को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और भरोसेमंद परिवहन सुविधा मिल सकेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि आम जनता के लिए भी एक सुरक्षित यात्रा का अनुभव सुनिश्चित करती है।
RashtraPress
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अनधिकृत बसों के खिलाफ यह अभियान कब शुरू हुआ?
यह अभियान वित्तीय वर्ष 2025-26 में शुरू हुआ है और अब तक कई महत्वपूर्ण कार्रवाइयाँ की जा चुकी हैं।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सड़क सुरक्षा को मजबूती प्रदान करना और यात्रियों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
क्या इस अभियान से सड़क दुर्घटनाओं में कमी आई है?
हां, यह अभियान सड़क पर होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने में मदद कर रहा है।
क्या आगे भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी?
जी हां, परिवहन विभाग ने भविष्य में भी सख्त कार्रवाई जारी रखने का आश्वासन दिया है।
क्या इस अभियान के परिणामस्वरूप कोई वित्तीय लाभ हुआ है?
हां, इस अभियान के तहत परिवहन विभाग ने 253.97 लाख रुपए का प्रशमन शुल्क वसूला है।
राष्ट्र प्रेस
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