गौतमबुद्ध नगर में यातायात अभियान: तीन दिन में 22,297 वाहनों पर कार्रवाई, 19 सीज
सारांश
मुख्य बातें
गौतमबुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट ने 15 मई से 17 मई 2026 के बीच जिलेभर में चलाए गए सघन यातायात जाँच अभियान में 72,152 वाहनों की चेकिंग कर 22,297 वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देशन में चले इस अभियान में प्रेशर हॉर्न, काले शीशे, ओवरस्पीडिंग और स्टंटबाजी जैसी उल्लंघनाओं पर जीरो टॉलरेंस नीति लागू की गई।
अभियान का दायरा और तरीका
अपर पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) डॉ. राजीव नारायण मिश्र के पर्यवेक्षण में यह अभियान जिले के 273 स्थानों पर एक साथ चलाया गया। ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए पहली बार डेसिबल मीटर का वैज्ञानिक उपयोग किया गया, जिससे प्रेशर हॉर्न और अवैध ध्वनि यंत्रों की सटीक पहचान संभव हुई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अभियान का मूल उद्देश्य सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ करना और यातायात व्यवस्था में अनुशासन स्थापित करना था।
जोनवार कार्रवाई का विवरण
नोएडा जोन में 70 स्थानों पर 12,882 वाहनों की जाँच हुई, जिनमें से 3,481 वाहनों पर कार्रवाई की गई। इनमें 80 प्रेशर हॉर्न, 205 बिना या दोषपूर्ण नंबर प्लेट वाले वाहन, 105 काले शीशे वाले वाहन, 3 स्टंटबाजी और 121 ओवरस्पीड वाहन शामिल रहे। 4 अभियोग दर्ज कर 14 वाहन सीज किए गए।
सेंट्रल नोएडा जोन में 73 स्थानों पर 5,379 वाहनों की जाँच में 1,617 वाहनों के खिलाफ कार्रवाई हुई — जिनमें 55 प्रेशर हॉर्न, 30 स्टंटबाजी और 170 ओवरस्पीड वाहन शामिल थे। यहाँ 1 अभियोग दर्ज हुआ, 5 वाहन सीज किए गए और 1 लावारिस वाहन कब्जे में लिया गया।
ग्रेटर नोएडा जोन में 91 स्थानों पर 7,277 वाहनों की जाँच में 1,414 वाहन कार्रवाई की जद में आए। इनमें 68 प्रेशर हॉर्न, 204 बिना नंबर प्लेट वाले वाहन, 85 काले शीशे, 14 स्टंटबाजी और 259 ओवरस्पीड वाहन रहे।
यातायात पुलिस की अलग कार्रवाई
जोनल अभियान के अतिरिक्त यातायात पुलिस ने स्वतंत्र रूप से 39 स्थानों पर 46,614 वाहनों की जाँच की। इस दौरान 15,785 वाहनों पर चालान काटे गए, जिनमें 463 प्रेशर हॉर्न, 781 बिना नंबर प्लेट, 511 काले शीशे, 31 स्टंटबाजी और 1,676 ओवरस्पीड वाहन शामिल रहे।
समग्र परिणाम और आगे की राह
तीन दिवसीय अभियान में जिलेभर में कुल 5 अभियोग दर्ज किए गए, 19 वाहन सीज किए गए और 1 लावारिस वाहन पुलिस के कब्जे में आया। गौरतलब है कि गौतमबुद्ध नगर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का एक प्रमुख औद्योगिक और आवासीय केंद्र है, जहाँ वाहनों का घनत्व लगातार बढ़ रहा है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह अभियान एकबारगी नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा की दिशा में नियमित कार्रवाई की शुरुआत है।