गौतमबुद्धनगर में ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई: मई में 206 चालान, ₹1.29 करोड़ जुर्माना

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गौतमबुद्धनगर में ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई: मई में 206 चालान, ₹1.29 करोड़ जुर्माना

सारांश

गौतमबुद्धनगर परिवहन विभाग ने मई में 206 ओवरलोड ट्रकों पर शिकंजा कसा — ₹1.29 करोड़ का जुर्माना आरोपित। सेक्टर-142 से जेवर तक फैले इस अभियान ने स्पष्ट संदेश दिया: ओवरलोडिंग अब बर्दाश्त नहीं।

मुख्य बातें

गौतमबुद्धनगर परिवहन विभाग ने मई 2026 में 206 ओवरलोड वाहनों के चालान काटे।
कुल ₹1 करोड़ 29 लाख 40 हजार प्रशमन शुल्क आरोपित; अब तक ₹50 लाख 80 हजार वसूले गए।
अभियान सेक्टर-142, जेवर, नॉलेज पार्क, बादलपुर और डी-पार्क सेक्टर-62 में चलाया गया।
संभागीय परिवहन अधिकारी डॉ.
उदित नारायण पांडेय के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने कार्रवाई की।
मोटर वाहन अधिनियम के तहत ओवरलोडिंग पर ₹20,000 आधार जुर्माना और प्रति टन ₹2,000 अतिरिक्त शुल्क का प्रावधान।

गौतमबुद्धनगर के परिवहन विभाग ने मई 2026 में ओवरलोड वाहनों के विरुद्ध व्यापक प्रवर्तन अभियान चलाते हुए 206 ट्रक और मिनी ट्रकों के खिलाफ चालान की कार्रवाई की है। इस अभियान में कुल ₹1 करोड़ 29 लाख 40 हजार का प्रशमन शुल्क आरोपित किया गया, जिसमें से ₹50 लाख 80 हजार की वसूली अब तक पूरी हो चुकी है।

अभियान का दायरा और कार्यवाही

संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) डॉ. उदित नारायण पांडेय ने बताया कि सहायक संभागीय अधिकारी नन्द कुमार, अभिषेक कनौजिया तथा यात्रीकर अधिकारियों की संयुक्त टीम द्वारा जिले में लगातार चेकिंग अभियान संचालित किया जा रहा है। पकड़े गए वाहनों को संबंधित थानों में निरुद्ध कराया गया।

जाँच अभियान सेक्टर-142, जेवर क्षेत्र, नॉलेज पार्क, बादलपुर तथा डी-पार्क सेक्टर-62 सहित जिले के कई संवेदनशील क्षेत्रों में चलाया गया। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए परिवहन नियमों के क्रियान्वयन पर विशेष जोर दे रही है।

सड़क सुरक्षा पर असर

विभाग के अनुसार, ओवरलोड वाहनों के कारण सड़क दुर्घटनाओं की आशंका कई गुना बढ़ जाती है। अधिक भार से वाहन का संतुलन बिगड़ सकता है, ब्रेक फेल हो सकते हैं, टायर फट सकते हैं और वाहन पलटने जैसी गंभीर घटनाएँ हो सकती हैं। गौरतलब है कि ओवरलोडिंग से ट्रकों के इंजन, सस्पेंशन, ब्रेक और टायरों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे वाहन की आयु घटती है और मालिकों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।

इसके अलावा, भारी वाहनों से सड़कों पर गड्ढे और दरारें बढ़ती हैं, जिससे सरकार को बार-बार मरम्मत कार्य पर सार्वजनिक धन खर्च करना पड़ता है। विभाग ने यह भी रेखांकित किया कि ओवरलोड वाहनों में ईंधन की खपत अधिक होती है, जो वायु प्रदूषण में वृद्धि का कारण बनती है।

कानूनी प्रावधान और दंड

मोटर वाहन अधिनियम के तहत ओवरलोडिंग पूर्णतः गैरकानूनी है। पकड़े जाने पर ₹20,000 के आधार जुर्माने के साथ प्रति टन अतिरिक्त ₹2,000 तक का शुल्क लगाया जा सकता है। इसके अतिरिक्त वाहन जब्ती, परमिट निरस्तीकरण और ड्राइविंग लाइसेंस रद्द करने जैसी कड़ी कार्रवाई का भी प्रावधान है।

विभाग की अपील

परिवहन विभाग ने ट्रक चालकों, वाहन मालिकों और परिवहन व्यवसायियों से स्पष्ट अपील की है कि वे वाहनों की निर्धारित क्षमता का कड़ाई से पालन करें। विभाग का कहना है कि नियमों के अनुपालन से सड़कें सुरक्षित रहेंगी, वाहनों की आयु बढ़ेगी और पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान होगा।

अधिकारियों ने संकेत दिया कि आने वाले महीनों में यह अभियान और अधिक तीव्र किया जाएगा तथा जिले के अन्य क्षेत्रों को भी इसके दायरे में लाया जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि वसूली दर मात्र 39% क्यों है — यानी ₹78 लाख से अधिक अभी भी बकाया है। यदि जुर्माने की वसूली ही अधूरी रहे, तो अभियान की प्रभावशीलता पर प्रश्नचिह्न लगता है। दूसरा पहलू यह है कि ओवरलोडिंग अक्सर परिवहन व्यवसाय की संरचनात्मक मजबूरी है — जब तक माल-ढुलाई की दरें और मार्ग-नियोजन नीतियाँ नहीं बदलतीं, चालान काटना दीर्घकालिक समाधान नहीं बनेगा।
RashtraPress
20 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गौतमबुद्धनगर में मई 2026 में ओवरलोड वाहनों पर क्या कार्रवाई हुई?
परिवहन विभाग ने मई 2026 में 206 ओवरलोड ट्रक और मिनी ट्रकों के चालान काटे और उन्हें संबंधित थानों में निरुद्ध कराया। कुल ₹1 करोड़ 29 लाख 40 हजार का प्रशमन शुल्क आरोपित किया गया।
ओवरलोडिंग पर मोटर वाहन अधिनियम के तहत कितना जुर्माना लगता है?
मोटर वाहन अधिनियम के तहत ओवरलोडिंग पर ₹20,000 का आधार जुर्माना और प्रति अतिरिक्त टन ₹2,000 तक का शुल्क लगाया जा सकता है। इसके अलावा वाहन जब्ती, परमिट और ड्राइविंग लाइसेंस निरस्तीकरण की भी कार्रवाई हो सकती है।
यह अभियान जिले के किन क्षेत्रों में चलाया गया?
अभियान सेक्टर-142, जेवर क्षेत्र, नॉलेज पार्क, बादलपुर और डी-पार्क सेक्टर-62 सहित गौतमबुद्धनगर के कई प्रमुख क्षेत्रों में चलाया गया। संयुक्त टीम का नेतृत्व सहायक संभागीय अधिकारी नन्द कुमार और अभिषेक कनौजिया ने किया।
ओवरलोडिंग से सड़क सुरक्षा को क्या खतरा है?
विभाग के अनुसार, ओवरलोड वाहनों से ब्रेक फेल होने, टायर फटने और वाहन पलटने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। इससे सड़कें भी क्षतिग्रस्त होती हैं और ईंधन की अधिक खपत से प्रदूषण बढ़ता है।
अभी तक कितने जुर्माने की वसूली हुई है?
आरोपित ₹1 करोड़ 29 लाख 40 हजार में से अब तक ₹50 लाख 80 हजार की वसूली की जा चुकी है। शेष राशि की वसूली प्रक्रिया जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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