क्या नोएडा पुलिस कमिश्नरेट ने 'ऑपरेशन क्लीन-2' के तहत 4,775 लावारिस और सीज वाहनों का सफल निस्तारण किया?

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क्या नोएडा पुलिस कमिश्नरेट ने 'ऑपरेशन क्लीन-2' के तहत 4,775 लावारिस और सीज वाहनों का सफल निस्तारण किया?

सारांश

नोएडा पुलिस कमिश्नरेट ने 'ऑपरेशन क्लीन-2' अभियान के तहत 4,775 लावारिस और सीज वाहनों का सफल निस्तारण किया है। यह अभियान थानों के परिसरों में सफाई और व्यवस्था को बढ़ावा देने का प्रयास है। जानिए इस अभियान की खास बातें और इसके प्रभावों के बारे में।

मुख्य बातें

4,775 वाहनों का सफल निस्तारण थानों में सफाई और व्यवस्था में सुधार पारदर्शिता के लिए वीडियोग्राफी नीलामी से प्राप्त धनराशि सरकारी खाते में जमा थाना परिसर में जगह की उपलब्धता

नोएडा, 4 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट ने लंबे समय से थानों पर पड़े लावारिस और सीज वाहनों के निस्तारण के लिए चलाए गए विशेष अभियान 'ऑपरेशन क्लीन-2' को सफलता पूर्वक संपन्न किया है।

पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के नेतृत्व में और अपर पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) के मार्गदर्शन में यह अभियान 1 अगस्त 2025 से 30 सितंबर 2025 तक जारी रहा। इस अवधि में कुल 4775 वाहनों का निस्तारण किया गया।

इस अभियान के दौरान तीनों जोन- नोएडा, सेंट्रल नोएडा और ग्रेटर नोएडा में वाहनों की नीलामी की गई।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार, नोएडा जोन में 2,060 वाहन, सेंट्रल नोएडा जोन में 1,637 वाहन और ग्रेटर नोएडा जोन में 1,078 वाहनों का निस्तारण किया गया। नीलामी की प्रक्रिया परिवहन विभाग गौतमबुद्धनगर द्वारा किए गए मूल्यांकन के आधार पर संपन्न हुई और सभी वाहनों को उच्चतम बोली लगाने वालों को सुपुर्द किया गया। इस प्रक्रिया की संपूर्ण वीडियोग्राफी भी की गई, ताकि पारदर्शिता बनी रहे। नीलामी से प्राप्त राशि उत्तर प्रदेश सरकार के राजस्व खाते में जमा कराई गई है।

गौरतलब है कि 'ऑपरेशन क्लीन-2' के तहत उन वाहनों का निस्तारण किया गया जो कई वर्षों से थानों के परिसर में कबाड़ के रूप में खड़े थे। इनमें वर्ष 1990 से लेकर वर्ष 2023 तक के लावारिस वाहन शामिल थे। इन वाहनों के हटने से थाना परिसरों में पर्याप्त जगह खाली हुई है। साथ ही, साफ-सफाई और सौंदर्यीकरण को भी बढ़ावा मिला है।

अभियान की सफलता से पुलिस थानों का वातावरण पहले की तुलना में अधिक सुव्यवस्थित और स्वच्छ दिखाई दे रहा है। अब थानों में आने वाले आमजन और आगंतुकों को भी बेहतर एवं सकारात्मक माहौल का अनुभव हो रहा है। पुलिस प्रशासन का मानना है कि यह कदम न केवल स्वच्छता की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हुआ है, बल्कि थानों की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी और सुविधाजनक बनाने में भी सहायक होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि आम जनता के लिए भी थानों का माहौल बेहतर बनाता है। जब पुलिस की छवि साफ-सुथरी और व्यवस्थित हो, तो जनता का विश्वास भी बढ़ता है। यह कदम एक सकारात्मक संदेश देता है कि प्रशासन अपने कार्यों में पारदर्शिता और जिम्मेदारी को महत्व देता है।
RashtraPress
19 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ऑपरेशन क्लीन-2 का उद्देश्य क्या था?
ऑपरेशन क्लीन-2 का उद्देश्य लंबे समय से थानों में पड़े लावारिस और सीज वाहनों का निस्तारण करना था।
इस अभियान में कितने वाहनों का निस्तारण किया गया?
इस अभियान के तहत कुल 4,775 वाहनों का निस्तारण किया गया।
नीलामी की प्रक्रिया कैसे हुई?
नीलामी की प्रक्रिया परिवहन विभाग द्वारा मूल्यांकन के आधार पर की गई और उच्चतम बोली लगाने वालों को वाहनों का सुपुर्द किया गया।
इस अभियान से क्या लाभ हुआ?
इस अभियान से थानों में जगह खाली हुई और स्वच्छता एवं सौंदर्यीकरण को बढ़ावा मिला है।
इस अभियान का नेतृत्व किसने किया?
इस अभियान का नेतृत्व पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने किया।
राष्ट्र प्रेस
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