ओडिशा CM माझी ने कानून-व्यवस्था समीक्षा बैठक में रेत माफिया और संगठित अपराध पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए

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ओडिशा CM माझी ने कानून-व्यवस्था समीक्षा बैठक में रेत माफिया और संगठित अपराध पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए

सारांश

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने भुवनेश्वर में कानून-व्यवस्था की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में रेत माफिया और संगठित अपराध पर माओवादी-विरोधी अभियान जैसी सख्ती बरतने के निर्देश दिए। पुलिस-प्रशासन समन्वय, अपराध मैपिंग और बढ़ी हुई गश्त पर जोर।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने 14 मई 2026 को भुवनेश्वर में राज्य की कानून-व्यवस्था की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की।
पुलिस को रेत माफिया और संगठित आपराधिक नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
अपराध मैपिंग , खुफिया जानकारी और बढ़ी हुई पुलिस गश्त पर विशेष जोर दिया गया।
जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक नियमित समीक्षा रिपोर्ट पुलिस महानिदेशक और मुख्य सचिव को भेजेंगे।
भारतीय न्याय संहिता के तहत बेहतर जाँच से दोषसिद्धि दर में उल्लेखनीय वृद्धि की सराहना की गई।

मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने गुरुवार, 14 मई 2026 को भुवनेश्वर में राज्य की कानून-व्यवस्था की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए ओडिशा पुलिस को संगठित अपराध के विरुद्ध अभियान तेज करने और रेत माफिया सहित आपराधिक नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के कड़े निर्देश दिए। इस बैठक में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस अधिकारी, जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक शामिल हुए।

मुख्य निर्देश और प्राथमिकताएँ

मुख्यमंत्री माझी ने स्पष्ट किया कि पुलिस को एक साथ दो लक्ष्य साधने होंगे — जनता का भरोसा जीतना और अपराधियों में भय उत्पन्न करना। उन्होंने कहा कि सक्रिय पुलिसिंग, अपराध मैपिंग और खुफिया जानकारी जुटाने की प्रक्रिया को और सुदृढ़ किया जाए। माझी ने यह भी निर्देश दिया कि राज्यभर में पुलिस गश्त बढ़ाई जाए और सार्वजनिक स्थानों पर पुलिस की दृश्य उपस्थिति सुनिश्चित की जाए, ताकि आम नागरिकों में सुरक्षा का भाव मजबूत हो।

समन्वय पर जोर — टीम भावना से काम करें

माझी ने जिला स्तर के प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को एकजुट होकर काम करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि जिस तरह विभिन्न सरकारी योजनाओं और परियोजनाओं को टीम भावना से सफलतापूर्वक लागू किया जाता है, उसी प्रकार अपराध नियंत्रण में भी यही समन्वित दृष्टिकोण अपनाया जाना चाहिए। उनके अनुसार, स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी पुलिस को अपराध नियंत्रण में महत्वपूर्ण सहयोग दे सकते हैं।

रेत माफिया और संगठित गिरोहों पर कड़ी कार्रवाई

राज्य में माओवादियों के विरुद्ध सफल अभियान का उदाहरण देते हुए मुख्यमंत्री ने पुलिस प्रशासन को रेत माफिया और अन्य संगठित आपराधिक नेटवर्क के खिलाफ उसी दृढ़ता से कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संगठित अपराध में लिप्त गिरोहों पर नियमों के अनुसार प्रभावी और कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।

जवाबदेही तंत्र और रिपोर्टिंग व्यवस्था

माझी ने जिला कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को अपने-अपने जिलों की कानून-व्यवस्था की नियमित समीक्षा करने और रिपोर्ट पुलिस महानिदेशक, गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव तथा मुख्य सचिव को भेजने का निर्देश दिया। साथ ही उन्होंने मुख्य सचिव को भी निर्देश दिया कि वे राज्य के विभिन्न जिलों की स्थिति की नियमित जानकारी मुख्यमंत्री कार्यालय को देते रहें।

उपलब्धियाँ और आगे की चुनौतियाँ

बैठक में माझी ने पुलिस प्रशासन की कई उपलब्धियों की सराहना भी की। उन्होंने कहा कि बेहतर जाँच प्रणाली के कारण भारतीय न्याय संहिता के तहत दोषसिद्धि दर में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और माओवादियों पर नियंत्रण में पुलिस ने सराहनीय कार्य किया है। हालाँकि, उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि आधुनिक अपराध की बदलती प्रकृति से निपटने के लिए पुलिस को नए और रचनात्मक तरीके अपनाने होंगे। यह समीक्षा बैठक ऐसे समय में हुई है जब राज्य सरकार संगठित अपराध पर शिकंजा कसने की दिशा में ठोस कदम उठाने की मंशा जता चुकी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी क्रियान्वयन की होगी। रेत माफिया का उल्लेख महत्वपूर्ण है — यह एक ऐसा अपराध-क्षेत्र है जिसमें अक्सर स्थानीय राजनीतिक संरक्षण की शिकायतें आती हैं, और जिस पर राज्यों में पुलिस कार्रवाई ऐतिहासिक रूप से असमान रही है। दोषसिद्धि दर में वृद्धि और माओवादी-विरोधी सफलता सराहनीय है, परंतु संगठित अपराध पर नियंत्रण के लिए केवल गश्त बढ़ाना पर्याप्त नहीं — इसके लिए स्वतंत्र जाँच एजेंसियों की भूमिका और पारदर्शी जवाबदेही तंत्र अनिवार्य है। नियमित रिपोर्टिंग की व्यवस्था सही कदम है, लेकिन यह तभी प्रभावी होगी जब रिपोर्टों पर कार्रवाई सार्वजनिक हो।
RashtraPress
15 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओडिशा CM माझी ने कानून-व्यवस्था समीक्षा बैठक में क्या निर्देश दिए?
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने 14 मई 2026 को भुवनेश्वर में हुई बैठक में ओडिशा पुलिस को रेत माफिया और संगठित अपराध के खिलाफ सख्त कार्रवाई, पुलिस गश्त बढ़ाने और अपराध मैपिंग तेज करने के निर्देश दिए। साथ ही जिला स्तर पर पुलिस और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया गया।
ओडिशा में रेत माफिया के खिलाफ क्या कार्रवाई होगी?
मुख्यमंत्री माझी ने माओवादी-विरोधी अभियान की सफलता का हवाला देते हुए पुलिस प्रशासन को रेत माफिया और अन्य आपराधिक नेटवर्क के खिलाफ उसी दृढ़ता से कार्रवाई करने के निर्देश दिए। संगठित गिरोहों पर नियमों के अनुसार प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।
ओडिशा में कानून-व्यवस्था की रिपोर्टिंग व्यवस्था कैसी होगी?
जिला कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को अपने जिलों की कानून-व्यवस्था की नियमित समीक्षा करके रिपोर्ट पुलिस महानिदेशक, गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव और मुख्य सचिव को भेजनी होगी। मुख्य सचिव को मुख्यमंत्री को नियमित अपडेट देने का भी निर्देश दिया गया है।
भारतीय न्याय संहिता के तहत ओडिशा में दोषसिद्धि दर क्यों बढ़ी?
मुख्यमंत्री माझी ने बैठक में बताया कि बेहतर जाँच प्रणाली अपनाने के कारण भारतीय न्याय संहिता के तहत दोषसिद्धि दर में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। यह पुलिस प्रशासन की उपलब्धि के रूप में रेखांकित किया गया।
ओडिशा में माओवादियों पर नियंत्रण की स्थिति क्या है?
मुख्यमंत्री माझी ने बैठक में माओवादियों के खिलाफ ओडिशा पुलिस की सफलता की सराहना की। इसी सफल अभियान को आधार बनाकर उन्होंने संगठित अपराध और रेत माफिया पर भी इसी तरह की कार्रवाई का आह्वान किया।
राष्ट्र प्रेस
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