ओडिशा पुलिस का 5 दिवसीय राज्यव्यापी अभियान: 1,771 गिरफ्तार, 3,026 किलो गांजा जब्त

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ओडिशा पुलिस का 5 दिवसीय राज्यव्यापी अभियान: 1,771 गिरफ्तार, 3,026 किलो गांजा जब्त

सारांश

ओडिशा पुलिस का पाँच दिवसीय अभियान सिर्फ वारंट तामील नहीं था — यह एक साथ कई मोर्चों पर प्रहार था। 1,771 गिरफ्तारियाँ, 3,026 किलो गांजा, 20 अवैध हथियार और ₹1.89 करोड़ जुर्माना — डीजीपी खुराना के निर्देश पर चला यह अभियान संगठित अपराध के खिलाफ राज्य की बढ़ती सख्ती का संकेत है।

मुख्य बातें

ओडिशा पुलिस ने 12 से 16 मई के बीच पाँच दिवसीय राज्यव्यापी विशेष अभियान चलाया।
अभियान में 1,771 लोग गिरफ्तार और 190 फरार आरोपी अदालत में पेश किए गए।
3,026 किलोग्राम 702 ग्राम गांजा जब्त; सर्वाधिक दक्षिण-पश्चिमी रेंज से 1,943 किलोग्राम ।
अवैध खनन में 136 मामले , 60 गिरफ्तारियाँ और 179 वाहन जब्त।
20 अवैध हथियार बरामद; 966 शराबी चालकों पर कार्रवाई, ₹1.89 करोड़ जुर्माना।
पाँच कुख्यात अपराधियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत कार्रवाई शुरू।

ओडिशा पुलिस ने 12 से 16 मई के बीच राज्यभर में एक व्यापक पाँच दिवसीय विशेष अभियान चलाया, जिसमें अपराध, नशीले पदार्थों की तस्करी, अवैध खनन और हथियारों के अवैध व्यापार पर एक साथ प्रहार किया गया। अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान में 1,771 लोगों को गिरफ्तार किया गया, 3,026 किलोग्राम 702 ग्राम गांजा जब्त किया गया और यातायात उल्लंघनों के लिए ₹1.89 करोड़ का जुर्माना वसूला गया।

अभियान की पृष्ठभूमि और उद्देश्य

पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) योगेश बहादुर खुराना के निर्देश पर यह अभियान शुरू किया गया। इसे सभी रेंज में पुलिस अधीक्षकों तथा पुलिस आयुक्तों की प्रत्यक्ष देखरेख में संचालित किया गया। अभियान के प्रमुख लक्ष्यों में लंबित गैर-जमानती वारंटों की तामील, फरार आरोपियों की गिरफ्तारी, नशीले पदार्थों की तस्करी पर अंकुश, अवैध खनन और हथियारों के व्यापार पर कार्रवाई तथा शराब पीकर वाहन चलाने वालों के विरुद्ध सख्त कदम शामिल थे।

गिरफ्तारियाँ और कानूनी कार्रवाई

अभियान के दौरान 1,771 लोगों को लंबित वारंटों के आधार पर गिरफ्तार किया गया, जबकि 190 फरार आरोपियों को पकड़कर अदालत में पेश किया गया। पुलिस ने पाँच कुख्यात अपराधियों के विरुद्ध राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत कार्रवाई शुरू की। 449 आदतन अपराधियों के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 129 के तहत मामले दर्ज किए गए, जबकि 643 लोगों के खिलाफ बीएनएसएस की धारा 126 के तहत कार्रवाई की गई। सभी रेंजों में केंद्रीय रेंज ने 482 वारंट तामील कर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया।

नशीले पदार्थों की जब्ती

नशा-विरोधी अभियान के तहत एनडीपीएस के 31 मामले दर्ज किए गए और 29 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। जब्त सामग्री में 3,026 किलोग्राम 702 ग्राम गांजा, 16.6 ग्राम ब्राउन शुगर, छह वाहन, दो मोबाइल फोन और ₹12,348 नकद शामिल हैं। गांजे की सर्वाधिक बरामदगी दक्षिण-पश्चिमी रेंज में हुई, जहाँ 1,943 किलोग्राम जब्त किया गया। दक्षिणी रेंज से 683 किलोग्राम और उत्तरी रेंज से 284 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। इसके अतिरिक्त, आबकारी विभाग से जुड़े 716 मामले भी दर्ज किए गए।

अवैध खनन और हथियारों पर कार्रवाई

अवैध खनन के विरुद्ध 136 मामले दर्ज कर 60 लोगों को गिरफ्तार किया गया और 14 व्यक्तियों को नोटिस जारी किए गए। हाइवा, ट्रक, ट्रैक्टर, टिपर, पावर टिलर और जेसीबी सहित 179 वाहन जब्त किए गए। दक्षिणी रेंज ने खनन मामलों में 22 गिरफ्तारियाँ कीं, जबकि केंद्रीय रेंज ने 42 मामले दर्ज कर 25 लोगों को गिरफ्तार किया। अवैध हथियारों के मामले में नौ मामले दर्ज हुए, 13 आरोपी गिरफ्तार किए गए और 20 अवैध हथियार जब्त किए गए। दक्षिणी रेंज ने अकेले 11 हथियार जब्त किए, जबकि उत्तरी रेंज ने छह पिस्तौल और 19 जिंदा कारतूस बरामद किए।

सड़क सुरक्षा और अन्य कार्रवाइयाँ

यातायात प्रवर्तन के अंतर्गत शराब पीकर वाहन चलाने वाले 966 चालकों के विरुद्ध कार्रवाई की गई और उनके वाहन जब्त किए गए। विभिन्न यातायात उल्लंघनों के लिए ₹1.89 करोड़ का जुर्माना वसूला गया, जिसमें पश्चिमी रेंज ने ₹53.38 लाख के साथ सर्वाधिक वसूली की। इसके बाद केंद्रीय रेंज (₹43.82 लाख) और पूर्वी रेंज (₹32.19 लाख) का स्थान रहा। इसके अलावा, अवैध पशु परिवहन के पाँच मामले दर्ज किए गए, एक आरोपी गिरफ्तार हुआ और चार वाहनों से 33 पशुओं को बचाया गया। ओडिशा पुलिस ने स्पष्ट किया है कि राज्यभर में सक्रिय आपराधिक नेटवर्क और माफियाओं के विरुद्ध इस तरह के विशेष अभियान भविष्य में भी जारी रहेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

771 गिरफ्तारियाँ और 3,026 किलो गांजे की बरामदगी प्रभावशाली आँकड़े हैं, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या ये अभियान स्थायी परिणाम देते हैं या कुछ हफ्तों बाद स्थिति जस की तस हो जाती है। ओडिशा के दक्षिण-पश्चिमी और दक्षिणी रेंज में गांजे की भारी मात्रा यह बताती है कि आपूर्ति श्रृंखला गहरी जड़ें जमाए हुए है — छिटपुट अभियानों से नेटवर्क टूटता नहीं, केवल अस्थायी रूप से बाधित होता है। अवैध खनन में 179 वाहनों की जब्ती भी संकेत देती है कि यह कोई छोटा ऑपरेशन नहीं, बल्कि संगठित माफिया है। बिना निरंतर निगरानी तंत्र और अभियोजन की उच्च सफलता दर के, ये अभियान संख्याओं की राजनीति बनकर रह जाते हैं।
RashtraPress
17 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओडिशा पुलिस का यह विशेष अभियान कब और क्यों चलाया गया?
यह अभियान 12 से 16 मई के बीच पाँच दिनों तक चला, जिसे डीजीपी योगेश बहादुर खुराना के निर्देश पर अपराध, नशीले पदार्थों की तस्करी, अवैध खनन और हथियारों के व्यापार पर एक साथ अंकुश लगाने के उद्देश्य से शुरू किया गया था।
अभियान में कितने लोग गिरफ्तार हुए और क्या जब्त किया गया?
अभियान में कुल 1,771 लोगों को गिरफ्तार किया गया और 190 फरार आरोपियों को अदालत में पेश किया गया। जब्त सामग्री में 3,026 किलोग्राम 702 ग्राम गांजा , 20 अवैध हथियार , 179 वाहन (खनन से जुड़े) और ₹1.89 करोड़ का यातायात जुर्माना शामिल है।
गांजे की सबसे अधिक बरामदगी किस रेंज में हुई?
दक्षिण-पश्चिमी रेंज में सबसे अधिक 1,943 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया। इसके बाद दक्षिणी रेंज में 683 किलोग्राम और उत्तरी रेंज में 284 किलोग्राम बरामद हुआ।
अवैध खनन के खिलाफ क्या कार्रवाई हुई?
पुलिस ने अवैध खनन के 136 मामले दर्ज किए, 60 लोगों को गिरफ्तार किया और 14 को नोटिस जारी किए। हाइवा, ट्रक, ट्रैक्टर और जेसीबी सहित 179 वाहन जब्त किए गए।
क्या ओडिशा पुलिस भविष्य में भी ऐसे अभियान चलाएगी?
हाँ, ओडिशा पुलिस ने स्पष्ट किया है कि राज्यभर में सक्रिय आपराधिक नेटवर्क और माफियाओं के विरुद्ध इसी तरह के विशेष अभियान भविष्य में भी जारी रहेंगे।
राष्ट्र प्रेस
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