20 जुलाई 2026
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नोएडा में साड़ियों में छिपाकर गांजा तस्करी, अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़, 37 किलो बरामद

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नोएडा में साड़ियों में छिपाकर गांजा तस्करी, अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़, 37 किलो बरामद

सारांश

नोएडा पुलिस ने अंतरराज्यीय गांजा तस्करी रैकेट का पर्दाफ़ाश किया है। साड़ियों की पैकिंग में छिपाकर ओडिशा-आंध्र से एनसीआर तक पहुँचाया जा रहा था ‘हाई-पोटेंसी’ गांजा। 37 किलो से अधिक माल बरामद, सरगना शुभम पाठक समेत दो गिरफ्तार — जिस पर पहले से ही हत्या के प्रयास और गैंगस्टर एक्ट के मामले दर्ज हैं।

मुख्य बातें

गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने 2 जून 2026 की रात नोएडा के सेक्टर-17 से अंतरराज्यीय गांजा तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया।
आरोपियों से 37 किलो 696 ग्राम गांजा और तस्करी में प्रयुक्त 39 साड़ियाँ बरामद; अनुमानित कीमत ₹20–25 लाख ।
सरगना शुभम पाठक और साथी शिवम दूबे गिरफ्तार; दोनों अयोध्या के मूल निवासी, दिल्ली के मयूर विहार से ऑपरेट कर रहे थे।
गांजा ओडिशा , आंध्र प्रदेश से पश्चिम बंगाल के रास्ते कोरियर कंपनियों के ज़रिए मंगवाया जा रहा था।
आरोपियों पर एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 के तहत मुक़दमा दर्ज; सरगना के खिलाफ़ पहले से गैंगस्टर एक्ट और आर्म्स एक्ट के मामले दर्ज।

गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने एक अंतरराज्यीय गांजा तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए 2 जून 2026 की रात नोएडा के सेक्टर-17 क्षेत्र से गिरोह के सरगना समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 37 किलो 696 ग्राम गांजा और तस्करी में इस्तेमाल की जा रही 39 साड़ियाँ बरामद की गई हैं, जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में अनुमानित कीमत ₹20 से 25 लाख बताई जा रही है।

मुख्य घटनाक्रम

पुलिस के अनुसार, थाना सेक्टर-20 और एसओजी टीम ने मैनुअल इंटेलिजेंस और गोपनीय सूचना के आधार पर संयुक्त अभियान चलाया। इस कार्रवाई में अयोध्या निवासी शुभम पाठक और शिवम दूबे को गिरफ्तार किया गया, जो वर्तमान में दिल्ली के मयूर विहार फेस-2 स्थित ईस्ट विनोद नगर में रह रहे थे और कथित तौर पर लंबे समय से एनसीआर क्षेत्र में गांजे की सप्लाई कर रहे थे।

तस्करी का तरीका

पूछताछ में पुलिस को बताया गया कि नेटवर्क का संचालन शुभम पाठक कर रहा था, जो पिछले दो-तीन वर्षों से इस अवैध कारोबार में सक्रिय था। आरोपी पश्चिम बंगाल के रास्ते विभिन्न कोरियर कंपनियों के ज़रिए गांजे की खेप मंगवाते थे और तस्करी को छिपाने के लिए गांजे को साड़ियों की पैकिंग के अंदर छिपाकर भेजा जाता था, ताकि जाँच एजेंसियों को संदेह न हो।

पुलिस के अनुसार, पार्सल प्रायः अधूरे या फ़र्ज़ी पतों पर मंगवाए जाते थे और डिलीवरी से पहले ही फोन के ज़रिए उन्हें प्राप्त कर लिया जाता था — एक ऐसी कार्यप्रणाली जो ट्रेसिंग को मुश्किल बनाती है।

सप्लाई चेन और गांजे की गुणवत्ता

जाँच में सामने आया है कि गांजा ओडिशा, आंध्र प्रदेश और अन्य पर्वतीय क्षेत्रों से लाया जाता था। आरोपियों के मुताबिक, यह उच्च गुणवत्ता वाला गांजा विशेष प्रसंस्करण और रासायनिक प्रक्रिया के बाद तैयार किया जाता है, जिसकी मादक क्षमता कथित तौर पर सामान्य गांजे से कई गुना अधिक होती है — यही वजह है कि बाज़ार में इसकी माँग और कीमत दोनों ऊँची हैं।

पुलिस की प्रतिक्रिया

एडीसीपी नोएडा मनीषा सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ़ थाना सेक्टर-20 में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 के तहत मुक़दमा दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों, सप्लाई चेन और इस अवैध कारोबार से जुड़े लोगों की तलाश में जुटी है।

सरगना का आपराधिक रिकॉर्ड

गिरोह के सरगना शुभम पाठक के खिलाफ़ पहले से भी हत्या के प्रयास, गैंगस्टर एक्ट, आर्म्स एक्ट समेत कई गंभीर मामलों में मुक़दमे दर्ज हैं। पुलिस का कहना है कि पूरे नेटवर्क की गहन जाँच की जा रही है और तस्करी रैकेट से जुड़े अन्य लोगों पर भी जल्द कार्रवाई की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि कोरियर केवाईसी और डिलीवरी-ट्रेसिंग की खामियों को बंद करना है। सरगना का गैंगस्टर एक्ट और हत्या के प्रयास का पुराना रिकॉर्ड यह भी सवाल खड़ा करता है कि वह दो-तीन साल तक इस धंधे में कैसे सक्रिय रह सका। असली परीक्षा अब सप्लाई चेन तक पहुँचने की है, सिर्फ़ ‘कैरियर’ पकड़ने की नहीं।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नोएडा गांजा तस्करी मामला क्या है?
गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने 2 जून 2026 की रात नोएडा के सेक्टर-17 क्षेत्र से एक अंतरराज्यीय गांजा तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया। आरोपियों के पास से 37 किलो 696 ग्राम गांजा और तस्करी में प्रयुक्त 39 साड़ियाँ बरामद की गई हैं, जिनकी अनुमानित कीमत ₹20–25 लाख है।
साड़ियों में गांजा कैसे छिपाया जा रहा था?
पुलिस के अनुसार, आरोपी गांजे को साड़ियों की पैकिंग के अंदर छिपाकर कोरियर कंपनियों के ज़रिए भेजते थे, ताकि जाँच एजेंसियों को संदेह न हो। पार्सल अक्सर फ़र्ज़ी या अधूरे पतों पर मंगाए जाते थे और डिलीवरी से पहले ही फोन के ज़रिए उन्हें प्राप्त कर लिया जाता था।
मामले में कौन गिरफ़्तार हुआ है?
अयोध्या के मूल निवासी शुभम पाठक और शिवम दूबे को गिरफ़्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक, गिरोह का संचालन शुभम पाठक कर रहा था, जिसके खिलाफ़ पहले से हत्या के प्रयास, गैंगस्टर एक्ट और आर्म्स एक्ट जैसे कई गंभीर मामले दर्ज हैं।
गांजा कहाँ से लाया जा रहा था?
पुलिस जाँच में सामने आया है कि गांजा ओडिशा, आंध्र प्रदेश और अन्य पर्वतीय क्षेत्रों से पश्चिम बंगाल के रास्ते एनसीआर तक पहुँचाया जा रहा था। आरोपियों के अनुसार, यह उच्च गुणवत्ता वाला गांजा विशेष प्रसंस्करण के बाद तैयार किया जाता है, जिसकी मादक क्षमता कथित तौर पर सामान्य गांजे से कई गुना अधिक होती है।
आरोपियों पर कौन-सी धाराएँ लगी हैं?
एडीसीपी नोएडा मनीषा सिंह के अनुसार, गिरफ़्तार आरोपियों के खिलाफ़ थाना सेक्टर-20 में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 के तहत मुक़दमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों, सप्लायरों और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।
राष्ट्र प्रेस
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