क्या नोएडा पुलिस ने गांजा तस्करी का बड़ा खुलासा किया, 40 लाख का माल बरामद?

सारांश
Key Takeaways
- नोएडा पुलिस ने गांजा तस्करी के गिरोह का पर्दाफाश किया।
- गिरफ्तार तस्करों के पास से 40 लाख रुपये का गांजा बरामद।
- तस्करी के लिए इस्तेमाल की गई गाड़ी जब्त।
- अभियुक्तों की पहले से आपराधिक पृष्ठभूमि है।
- पुलिस ने फरार आरोपियों के लिए विशेष टीम बनाई।
नोएडा, 29 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। नोएडा पुलिस ने नशे के कारोबार के खिलाफ एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है और गांजा तस्करी करने वाले एक गिरोह का खुलासा किया है। थाना फेस-2 पुलिस और सीआरटी/स्वॉट-2 टीम ने मिलकर एक अभियान चलाकर तीन तस्करों को गिरफ्तार किया।
इन तस्करों के पास से 1 क्विंटल 82 किलो 350 ग्राम गांजा बरामद हुआ, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 40 लाख रुपये आंकी गई है। इसके साथ ही, पुलिस ने तस्करी में उपयोग की गई एक आईसर कैन्टर गाड़ी भी जब्त की है। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान अजय कुमार (मेरठ), नीरज वत्स उर्फ नीरू (गुरुग्राम) और हिमांशु जाटव (बिजनौर) के रूप में हुई है।
पूछताछ के दौरान अभियुक्तों ने बताया कि वे उड़ीसा के कटक से सस्ते दामों पर गांजा खरीदकर नोएडा और एनसीआर क्षेत्र में महंगे दामों पर बेचते थे, जिससे उन्हें काफी लाभ होता था। गिरोह की योजना यह थी कि वे गांजे को कैन्टर गाड़ी में बोरों और पैकेटों में छिपाकर लाते ताकि किसी को शक न हो। इसके अलावा, पुलिस की निगरानी से बचने के लिए वे आपस में केवल व्हाट्सएप कॉल का इस्तेमाल करते थे।
अभियुक्तों ने बताया कि वे अपने अन्य साथियों सोनू उर्फ मोहम्मद सादाब और जेपी नाम के व्यक्ति के साथ मिलकर यह अवैध कारोबार करते थे। पुलिस ने फरार आरोपियों की तलाश के लिए विशेष टीम का गठन कर दिया है। पूछताछ में पता चला कि गिरफ्तार अभियुक्तों पर पहले से ही कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
अजय कुमार और नीरज वत्स पर एनडीपीएस एक्ट के तहत गंभीर मामले पहले से ही दर्ज हैं। हिमांशु जाटव का नाम हाल में दर्ज एक केस में भी सामने आया है। बरामदगी और गिरफ्तारियों की इस सफलता पर डीसीपी सेंट्रल नोएडा ने पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का पुरस्कार घोषित किया है। इस अभियान में थाना फेस-2 के प्रभारी निरीक्षक विन्ध्याचल तिवारी, स्वॉट-2 टीम के निरीक्षक सत्यवीर सिंह समेत 15 पुलिसकर्मी शामिल थे।