ईरान, इजरायल और अमेरिका का भविष्य: 'मिसाइल समीकरण' पर निर्भरता - जीडी बख्शी

Click to start listening
ईरान, इजरायल और अमेरिका का भविष्य: 'मिसाइल समीकरण' पर निर्भरता - जीडी बख्शी

सारांश

जीडी बख्शी ने 'मिसाइल समीकरण' की जटिलताओं पर प्रकाश डाला है। जानें कि कैसे यह समीकरण ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच संघर्ष को प्रभावित करेगा।

Key Takeaways

  • मिसाइल समीकरण का महत्व संघर्ष की दिशा तय करता है।
  • ईरान की रणनीति में आक्रमण और कमांड शामिल हैं।
  • संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक जखीरा खत्म नहीं होगा।
  • अमेरिका का सपना कि ईरान आत्मसमर्पण करेगा, असंभव है।
  • ईरान ने सुप्रीम लीडर की मौत के बाद तुरंत हमला किया।

नई दिल्ली, १९ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। महंगाई, ऊर्जा संकट और भू-राजनीतिक अस्थिरता के बीच, मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव की दिशा अब 'मिसाइल समीकरण' पर निर्भर करती है।

मध्य पूर्व के तनाव के जटिल हालात पर सेवानिवृत्त मेजर जनरल जीडी बख्शी ने ईरान, इजरायल और अमेरिका की रणनीतियों पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि 'मिसाइल समीकरण' इस बात का निर्धारण करेगा कि संघर्ष कब तक चलेगा और इसका रुख क्या होगा।

जीडी बख्शी ने स्पष्ट किया कि 'मिसाइल समीकरण' का अर्थ है कि किसके पास कितने मिसाइल और इंटरसेप्टर हैं, किसके पास कितनी मारक क्षमता बची है, और कौन पहले थकेगा। इसी पर यह तय होगा कि यह टकराव कितना लंबा चलेगा।

इजरायल या अमेरिका के पास कितने मिसाइल और इंटरसेप्टर हैं, और ईरान का जखीरा कितना बड़ा है? किसका जखीरा पहले समाप्त होगा?

बख्शी ने कहा कि जब कोई पक्ष अपने जखीरे के खत्म होने की कगार पर होगा, तब या तो बातचीत होगी या सीजफायर लागू होगा। इसके अलावा, उच्च क्षमता का उपयोग बंद कर निचली क्षमता से लड़ाई शुरू हो जाएगी। फिर महीनों तक एक-दो मिसाइलें चलती रहेंगी। १०-१५ ड्रोन भी कई महीनों तक सक्रिय रहेंगे।

उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका का जो सपना है कि ईरान आत्मसमर्पण करेगा और सत्ता परिवर्तन होगा, वह कभी पूरा नहीं होगा।

उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका ने कहा था कि दो दिन में सब कुछ खत्म हो जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पहले दिन अमेरिका ने ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्ला खामेनेई को मार दिया और उसके बाद ४८ शीर्ष कमांडरों को भी। अमेरिका को उम्मीद थी कि ईरान अब समाप्त हो जाएगा, लेकिन ईरान अब भी लगातार हमले कर रहा है।

अमेरिका के लिए समस्या यह है कि ईरान ने अपनी रणनीति को समझ लिया है। उसने तोड़ निकाल लिया है। ईरान का तोड़ है मोजैक, कमांड और कंट्रोल सेंटर तथा डेलिगेशन। ईरान ने अपनी फोर्स को निर्देश दिया है, "आदेश का इंतजार मत करो, जहाँ मीलो, हमला करो और मारो। अगर हम सब मारे जाएं, तो भी तुम मारते रहो।"

सुप्रीम लीडर की मौत के आधे घंटे बाद ही ईरान ने हमला किया, जो आज भी जारी है। होर्मुज जलडमरूमध्य बंद कर दिया गया है। त्राहि-माम मचा हुआ है।

ईरान को पहले से ही पता था कि वे युद्ध नहीं जीत सकते, लेकिन उन्होंने लड़ाई लड़ने का निर्णय लिया, क्योंकि उनका मानना था कि यदि हम डूबेंगे तो तुमको भी ले डूबेंगे।

Point of View

जो ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच की जटिलता को स्पष्ट करती है। यह एक गंभीर मुद्दा है, जो वैश्विक स्थिरता से संबंधित है।
NationPress
19/03/2026

Frequently Asked Questions

मिसाइल समीकरण क्या है?
'मिसाइल समीकरण' का अर्थ है कि किसके पास कितने मिसाइल और इंटरसेप्टर हैं, और किसकी मारक क्षमता कितनी है।
ईरान की रणनीति क्या है?
ईरान ने अपने फोर्स को आदेश दिया है कि वे जहां भी मिलें, हमला करें।
क्या अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष खत्म होगा?
जीडी बख्शी के अनुसार, यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक जखीरा खत्म नहीं होता।
क्या ईरान आत्मसमर्पण करेगा?
जीडी बख्शी का मानना है कि ऐसा कभी नहीं होगा।
क्या ईरान ने हमले की योजना बनाई है?
हाँ, ईरान ने हमले की योजना बनाई है और लगातार हमले कर रहा है।
Nation Press