क्या ईरान पर यूएस की सख्ती से चीन नाराज है?
सारांश
Key Takeaways
- चीन ने ईरान के खिलाफ यूएस के रवैये पर कड़ी आपत्ति जताई है।
- 25 फीसदी टैरिफ को चीन ने गलत ठहराया है।
- बढ़ते तनाव से मिडिल ईस्ट की स्थिरता प्रभावित हो सकती है।
बीजिंग, 13 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बीजिंग ने ईरान के प्रति यूएस के दृष्टिकोण पर कड़ी आपत्ति जताई है। इसके साथ ही, अंधाधुंध टैरिफ को भी उन्होंने गलत ठहराया है।
चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने मंगलवार को एक नियमित प्रेस ब्रीफिंग में कहा, "चीन लगातार दूसरे देशों के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप का विरोध करता है और अंतरराष्ट्रीय संबंधों में बल का इस्तेमाल या धमकी का भी विरोध करता है। हमें उम्मीद है कि सभी पक्ष मिडिल ईस्ट में शांति और स्थिरता में योगदान देने के लिए और प्रयास करेंगे।"
माओ से इस मुद्दे पर सवाल किया गया था। अमेरिका ने अपने नागरिकों से ईरान छोड़ने की सलाह दी है, जिसमें उल्लेख किया गया है कि ईरान के खिलाफ सैन्य विकल्पों पर विचार किया जा रहा है।
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, साइबर युद्ध और मनोवैज्ञानिक युद्ध सहित अन्य विकल्पों पर भी ध्यान दिया जा रहा है। प्रवक्ता ने कहा कि चीन ईरान की राष्ट्रीय स्थिरता को बनाए रखने में समर्थन करता है।
वाशिंगटन में चीनी दूतावास के प्रवक्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर 25 फीसदी टैरिफ लगाने के निर्णय की आलोचना की है। चीन का कहना है कि वह "किसी भी गैर-कानूनी एकतरफा प्रतिबंधों और क्षेत्राधिकार में जबरन हस्तक्षेप" का विरोध करता है।
प्रवक्ता ने एक्स पर कहा, "टैरिफ के अंधाधुंध लगाने के खिलाफ चीन का रुख स्पष्ट है। टैरिफ युद्ध और व्यापार युद्ध में कोई विजेता नहीं होता, और जबरदस्ती से समस्याएं हल नहीं हो सकतीं। चीन अपने वैध अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाएगा।"
वास्तव में, डोनाल्ड ट्रंप का सोशल प्लेटफॉर्म ट्रुथ पर मंगलवार को एक पोस्ट काफी चर्चित रहा। उन्होंने कहा कि अमेरिका का 25 फीसदी टैरिफ ईरान के साथ व्यापार करने वालों पर तुरंत लागू होगा। ट्रंप के इस कदम का प्रभाव दुनिया के कई देशों, जैसे कि भारत और चीन पर भी पड़ सकता है। भारत पर अमेरिका ने पहले ही 50 फीसदी टैरिफ लगाया है।
डोनाल्ड ट्रंप ने लिखा, 'जो कोई भी इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के साथ व्यापार करेगा, उसे अमेरिका के साथ किए जा रहे व्यापार पर 25 प्रतिशत का टैरिफ चुकाना होगा। यह आदेश अंतिम और निर्णायक है।'