क्या नवजात प्रीमैच्योर बच्ची की मौत के बाद माता-पिता अस्पताल से फरार हो गए?

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क्या नवजात प्रीमैच्योर बच्ची की मौत के बाद माता-पिता अस्पताल से फरार हो गए?

सारांश

ग्रेटर नोएडा में नवजात बच्ची की मौत के मामले में उसके माता-पिता अस्पताल से फरार हो गए। यह घटना मानवता को झकझोर देने वाली है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। क्या यह मामला कानूनी कार्यवाही का रूप लेगा? जानें पूरी कहानी।

Key Takeaways

  • नवजात बच्ची की मौत के बाद माता-पिता फरार हुए।
  • पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है।
  • कानूनी कार्यवाही जल्द शुरू होगी।
  • समाज के लिए यह एक गंभीर मामला है।
  • नवजात को अस्पताल में छोड़ना एक अपराध है।

ग्रेटर नोएडा, 13 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। ग्रेटर नोएडा के बिसरख थाना क्षेत्र से एक अत्यंत संवेदनशील और मानवता को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां कथित तौर पर कलयुगी माता-पिता ने अपनी मात्र दो दिन की नवजात बच्ची को अस्पताल में मृत अवस्था में छोड़ दिया और खुद फरार हो गए। यह घटना 9 जनवरी 2026 की बताई जा रही है, जिसकी सूचना अस्पताल प्रशासन द्वारा मीमो के माध्यम से थाना बिसरख पुलिस को दी गई।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, एक महिला ने प्री-मैच्योर डिलीवरी के बाद एक बच्ची को जन्म दिया था। बच्ची की हालत जन्म से ही नाजुक थी और अगले ही दिन उसकी मृत्यु हो गई। इसके बाद बच्ची के माता-पिता बिना किसी को सूचना दिए अस्पताल से फरार हो गए और नवजात के शव को वहीं छोड़ गए। यह पूरा मामला जिम्स अस्पताल से जुड़ा हुआ है, जहां बच्ची का जन्म हुआ था।

सूचना मिलने पर थाना बिसरख पुलिस तुरंत अस्पताल पहुंची और नवजात बच्ची के माता-पिता की जानकारी जुटाने का प्रयास किया। अस्पताल की एडमिशन फाइल खंगालने पर एक मोबाइल नंबर मिला, जिसके आधार पर संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन दोनों माता-पिता के फोन स्विच ऑफ मिले। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि बच्ची के माता-पिता गाजियाबाद में कहीं काम करते हैं, हालांकि उनका स्थायी पता अभी स्पष्ट नहीं हो सका है।

पुलिस ने नियमानुसार नवजात के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद 72 घंटे तक माता-पिता या परिजनों का इंतजार किया गया, लेकिन जब कोई सामने नहीं आया, तो पुलिस प्रशासन की ओर से बच्ची का अंतिम संस्कार कराया गया। इस पूरी प्रक्रिया में कानूनी औपचारिकताओं का पालन किया गया।

बिसरख थाना पुलिस का कहना है कि यह मामला न केवल कानूनी बल्कि सामाजिक और नैतिक दृष्टि से भी गंभीर है। नवजात को इस तरह अस्पताल में छोड़कर भाग जाना कानूनन अपराध की श्रेणी में आता है। फिलहाल, पुलिस बच्ची के माता-पिता की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी हुई है। अस्पताल रिकॉर्ड, मोबाइल नंबर और गाजियाबाद से जुड़े संभावित ठिकानों की जांच की जा रही है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले में अन्य आवश्यक विधिक कार्रवाई जारी है और जल्द ही माता-पिता को चिह्नित कर उनके खिलाफ उचित कानूनी कदम उठाए जाएंगे।

Point of View

बल्कि सामाजिक और नैतिक दृष्टि से भी गंभीर है। नवजात को अस्पताल में छोड़ना एक अपराध है। ऐसे मामलों में न्याय और समाज की जिम्मेदारी दोनों महत्वपूर्ण हैं।
NationPress
13/01/2026

Frequently Asked Questions

इस घटना के बारे में पुलिस क्या कहती है?
पुलिस ने कहा कि यह मामला गंभीर है और वे माता-पिता की पहचान और गिरफ्तारी में जुटे हैं।
क्या माता-पिता का पता चल पाया है?
फिलहाल माता-पिता का स्थायी पता स्पष्ट नहीं हो सका है।
क्या नवजात बच्ची का अंतिम संस्कार किया गया?
जी हां, 72 घंटे तक परिजनों का इंतजार करने के बाद बच्ची का अंतिम संस्कार किया गया।
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