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पृथिका प्रदीप ने मैड्रिड आर्चरी वर्ल्ड कप में जीता कांस्य पदक, टीम इवेंट में भारत को रजत

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पृथिका प्रदीप ने मैड्रिड आर्चरी वर्ल्ड कप में जीता कांस्य पदक, टीम इवेंट में भारत को रजत

सारांश

17 साल की पृथिका प्रदीप ने मैड्रिड वर्ल्ड कप में तुर्किये की हेजल बुरुन को 145-142 से हराकर अपना पहला सीनियर विश्व कप पदक जीता — और फिर ज्योति सुरेखा वेन्नम के साथ टीम इवेंट में रजत भी दिलाया। भारतीय तीरंदाजी की अगली पीढ़ी ने मैड्रिड में खुद को साबित किया।

मुख्य बातें

पृथिका प्रदीप (17 वर्ष) ने मैड्रिड आर्चरी वर्ल्ड कप स्टेज 4 में महिलाओं के व्यक्तिगत कंपाउंड इवेंट में कांस्य पदक जीता — यह उनका पहला सीनियर विश्व कप पदक है।
कांस्य पदक मुकाबले में पृथिका ने तुर्किये की हेजल बुरुन को 145-142 से हराया।
महिला कंपाउंड टीम ( पृथिका प्रदीप, ज्योति सुरेखा वेन्नम, चिकिथा तानिपार्थी ) ने रजत पदक जीता; फाइनल में कोलंबिया से 228-232 से हारी।
पुरुष कंपाउंड टीम ( साहिल जाधव, गणेश मणि रत्नम थिरुमुरु, कुशल दलाल ) कांस्य पदक मुकाबले में जर्मनी से 232-233 से हारी।
पुरुष व्यक्तिगत स्पर्धा में ऋषभ यादव क्वार्टर-फाइनल तक पहुँचे — भारत के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शनकर्ता।

17 वर्षीय पृथिका प्रदीप ने 12 जुलाई 2025 को मैड्रिड में आयोजित आर्चरी वर्ल्ड कप स्टेज 4 में महिलाओं के व्यक्तिगत कंपाउंड स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर सीनियर अंतरराष्ट्रीय तीरंदाजी में अपनी दमदार दस्तक दी। इसके बाद उन्होंने महिला कंपाउंड टीम इवेंट में भी भारत के लिए रजत पदक सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाई।

व्यक्तिगत कांस्य पदक का सफर

कांस्य पदक मुकाबले में पृथिका प्रदीप ने तुर्किये की हेजल बुरुन को 145-142 के स्कोर से पराजित कर अपना पहला विश्व कप पदक हासिल किया। यह उनके करियर का पहला वर्ल्ड कप पोडियम था। सेमीफाइनल में वे मलेशिया की फातिन नूरफतेह मैट सालेह से 144-142 के करीबी अंतर से हारकर फाइनल में जगह बनाने से चूक गई थीं। गौरतलब है कि पृथिका ने पिछले वर्ष ढाका में आयोजित एशियन आर्चरी चैंपियनशिप में रजत पदक जीता था, और यह पदक उस उपलब्धि के बाद उनके बढ़ते कद की पुष्टि करता है।

महिला कंपाउंड टीम इवेंट में रजत

व्यक्तिगत स्पर्धा से पहले, पृथिका ने अनुभवी तीरंदाज ज्योति सुरेखा वेन्नम और चिकिथा तानिपार्थी के साथ मिलकर महिला कंपाउंड टीम इवेंट में भारत को फाइनल तक पहुँचाया। भारतीय तिकड़ी ने क्वालीफिकेशन में 1024 का स्कोर करते हुए सातवीं वरीयता के साथ टूर्नामेंट में प्रवेश किया था। राह में उन्होंने डेनमार्क, मेज़बान स्पेन और तीसरी वरीयता प्राप्त रिपब्लिक ऑफ कोरिया को पराजित किया।

स्वर्ण पदक मुकाबले में भारत को टॉप सीड कोलंबिया के हाथों 228-232 से हार का सामना करना पड़ा। कोलंबिया का प्रतिनिधित्व सारा लोपेज, एलेजांद्रा उस्कियानो और मारियाना रोड्रिगेज ने किया।

पुरुष टीम और मिक्स्ड इवेंट का प्रदर्शन

पुरुषों की कंपाउंड टीम — साहिल जाधव, गणेश मणि रत्नम थिरुमुरु और कुशल दलाल — कांस्य पदक मुकाबले में जर्मनी से मात्र 232-233 के अंतर से हारकर पदक से वंचित रह गई। इससे पहले उन्हें सेमीफाइनल में मेक्सिको के खिलाफ शूट-आउट में हार झेलनी पड़ी थी। मिक्स्ड कंपाउंड टीम भी मेक्सिको से एक और शूट-आउट में हारकर क्वार्टर-फाइनल में ही बाहर हो गई।

व्यक्तिगत पुरुष स्पर्धा में ऋषभ यादव आगे

पुरुषों के व्यक्तिगत कंपाउंड इवेंट में ऋषभ यादव क्वार्टर-फाइनल तक पहुँचकर भारत के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शनकर्ता रहे, जबकि साहिल जाधव, गणेश मणि रत्नम थिरुमुरु और कुशल दलाल तीसरे राउंड में ही बाहर हो गए।

आगे की राह

यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय तीरंदाजी युवा प्रतिभाओं के दम पर नई ऊँचाइयाँ छू रही है। पृथिका जैसी किशोर तीरंदाज का सीनियर स्तर पर इस तरह का प्रदर्शन भारतीय तीरंदाजी के भविष्य के लिए एक उत्साहजनक संकेत है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि भारतीय कंपाउंड तीरंदाजी की गहराती बेंच स्ट्रेंथ का प्रमाण है — जहाँ एक 17 वर्षीया किशोरी ज्योति सुरेखा वेन्नम जैसी अनुभवी तीरंदाज के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। महिला टीम का सातवीं वरीयता से फाइनल तक का सफर और कोरिया जैसी शक्ति को रास्ते में हराना दर्शाता है कि भारत अब केवल व्यक्तिगत प्रतिभाओं पर निर्भर नहीं है। असली सवाल यह है कि क्या राष्ट्रीय तीरंदाजी ढाँचा इन युवा प्रतिभाओं को ओलंपिक चक्र तक निरंतर समर्थन दे पाएगा।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पृथिका प्रदीप ने मैड्रिड आर्चरी वर्ल्ड कप में कौन सा पदक जीता?
पृथिका प्रदीप ने महिलाओं के व्यक्तिगत कंपाउंड इवेंट में कांस्य पदक जीता। उन्होंने कांस्य पदक मुकाबले में तुर्किये की हेजल बुरुन को 145-142 से हराया।
भारतीय महिला कंपाउंड टीम को रजत पदक कैसे मिला?
पृथिका प्रदीप, ज्योति सुरेखा वेन्नम और चिकिथा तानिपार्थी की तिकड़ी ने डेनमार्क, स्पेन और तीसरी वरीयता प्राप्त कोरिया को हराते हुए फाइनल में जगह बनाई। स्वर्ण पदक मुकाबले में वे टॉप सीड कोलंबिया से 228-232 से हारकर रजत पदक पर रहीं।
पुरुष कंपाउंड टीम को पदक क्यों नहीं मिला?
साहिल जाधव, गणेश मणि रत्नम थिरुमुरु और कुशल दलाल की टीम सेमीफाइनल में मेक्सिको से शूट-आउट में हारी और कांस्य पदक मुकाबले में जर्मनी से 232-233 के बेहद करीबी अंतर से पराजित हुई।
पृथिका प्रदीप इससे पहले कौन सी बड़ी उपलब्धि हासिल कर चुकी हैं?
पृथिका प्रदीप ने पिछले वर्ष ढाका में आयोजित एशियन आर्चरी चैंपियनशिप में रजत पदक जीता था। मैड्रिड का कांस्य पदक उनका पहला सीनियर विश्व कप पदक है।
आर्चरी वर्ल्ड कप स्टेज 4 में भारत के लिए पुरुष व्यक्तिगत स्पर्धा में कौन आगे रहा?
ऋषभ यादव पुरुषों के व्यक्तिगत कंपाउंड इवेंट में क्वार्टर-फाइनल तक पहुँचकर भारत के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शनकर्ता रहे। साहिल जाधव, गणेश मणि रत्नम थिरुमुरु और कुशल दलाल तीसरे राउंड में बाहर हो गए।
राष्ट्र प्रेस
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