प्रणति नायक ने FIG वर्ल्ड चैलेंज कप 2026 में वॉल्ट इवेंट में जीता सिल्वर मेडल, स्कोर 13.025
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जिम्नास्ट प्रणति नायक ने उज्बेकिस्तान के ताशकंद में आयोजित FIG वर्ल्ड चैलेंज कप 2026 के वॉल्ट फाइनल में 13.025 अंक हासिल कर रजत पदक अपने नाम किया। मजबूत अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा के बीच पोडियम पर जगह बनाने वाली 31 वर्षीय ओडिशा की इस जिम्नास्ट ने एक बार फिर साबित किया कि भारतीय जिम्नास्टिक्स विश्व मंच पर अपनी पहचान बना रहा है।
मुख्य प्रदर्शन
प्रणति नायक ने वॉल्ट फाइनल में 13.025 अंक के साथ रजत पदक जीता। यह प्रतियोगिता ताशकंद, उज्बेकिस्तान में आयोजित की गई, जहाँ दुनियाभर के शीर्ष जिम्नास्ट उतरे थे। उनका यह प्रदर्शन उनकी तकनीकी दक्षता और वर्षों की कड़ी मेहनत का परिणाम है।
करियर की उपलब्धियाँ
प्रणति 2019, 2022 और 2025 के एशियन चैंपियनशिप संस्करणों में वॉल्ट इवेंट में कांस्य पदक जीत चुकी हैं — यानी वे तीन बार की एशियन चैंपियनशिप मेडलिस्ट हैं। अंतरराष्ट्रीय पदक जीतने के मामले में वे दीपा कर्माकर और अरुणा रेड्डी के बाद तीसरी भारतीय महिला जिम्नास्ट हैं — एक विशिष्ट सूची जो भारत में इस खेल की धीमी लेकिन ठोस प्रगति को रेखांकित करती है।
कोच और एसोसिएशन की प्रतिक्रिया
हेड कोच अशोक मिश्रा ने प्रणति की उपलब्धि पर कहा, 'प्रणति की यह सफलता भारतीय जिम्नास्टिक्स के लिए गर्व और प्रेरणा का क्षण है। उनका समर्पण और निरंतरता पूरे देश के युवा एथलीट्स के लिए एक मिसाल कायम करती रहेगी। हमें विश्वास है कि वह आगे और भी बड़ी सफलताएं हासिल करेंगी।'
ओडिशा जिम्नास्टिक्स एसोसिएशन के मानद सचिव अशोक साहू ने कहा, 'एफआईजी वर्ल्ड चैलेंज कप 2026 में प्रणति नायक का रजत पदक ओडिशा के साथ-साथ पूरे देश के लिए एक ऐतिहासिक और गर्व का क्षण है। यह उपलब्धि ओडिशा में जिम्नास्टिक्स के बढ़ते स्तर और विश्व मंच पर हमारे एथलीट्स की अपार क्षमता को दर्शाती है।'
ओडिशा और भारतीय जिम्नास्टिक्स के लिए व्यापक संदर्भ
यह उपलब्धि ऐसे समय में आई है जब ओडिशा खेलों में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी उपस्थिति लगातार मजबूत कर रहा है। गौरतलब है कि भारतीय जिम्नास्टिक्स में महिला एथलीट्स का अंतरराष्ट्रीय पदक जीतना अब भी दुर्लभ है, और प्रणति का यह रजत पदक इस खेल को नई पीढ़ी तक पहुँचाने में अहम भूमिका निभा सकता है।
आगे क्या
ओडिशा जिम्नास्टिक्स एसोसिएशन ने प्रणति की आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी उनकी सफलता की कामना की है। 23 मई 2026 को घोषित इस पदक के बाद भारतीय जिम्नास्टिक्स समुदाय की निगाहें अब प्रणति के अगले लक्ष्यों पर टिकी हैं।