एशियन गेम्स 2026 ट्रायल: अंतिम पंघाल, निशा दहिया, मानसी अहलावत ने जीते गोल्ड; विनेश फोगाट विवादित हार के बाद बाहर
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) ने 30 मई को नई दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम में एशियन गेम्स 2026 के लिए महिला चयन ट्रायल संपन्न कराए, जिसमें अंतिम पंघाल, निशा दहिया, मानसी अहलावत सहित छह पहलवानों ने अपने-अपने भारवर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर राष्ट्रीय टीम में जगह पक्की की। हालांकि, ट्रायल विवादों की छाया में रहे — खासकर 53 किलोग्राम वर्ग में, जहाँ ओलंपियन विनेश फोगाट की हार ने तीखी बहस छेड़ दी।
भारवर्गवार परिणाम
50 किलोग्राम वर्ग में दीपांशी ने स्वर्ण और प्रियांशी ने रजत पदक जीता। 53 किलोग्राम वर्ग में अंतिम पंघाल ने मीनाक्षी गोयत को फाइनल में हराकर गोल्ड हासिल किया। 57 किलोग्राम में मनीषा ने नेहा शर्मा को पराजित कर शीर्ष स्थान लिया।
62 किलोग्राम वर्ग में मानसी अहलावत ने सरिता को मात दी। 68 किलोग्राम का खिताब निशा दहिया ने मानसी लाठर को हराकर अपने नाम किया। 72 किलोग्राम में प्रिया ने काजल को पछाड़कर स्वर्ण पदक जीता।
विनेश फोगाट का विवादित सफर
ट्रायल का सबसे चर्चित पहलू 53 किलोग्राम भारवर्ग रहा। ओलंपियन विनेश फोगाट सेमीफाइनल में मीनाक्षी गोयत से एक कथित तौर पर विवादित मुकाबले में हार गईं। विनेश और उनके पति सोमवीर ने रेफरी के फैसलों पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें 'ठगा हुआ' महसूस हुआ।
इसके बाद मीनाक्षी भी फाइनल में अंतिम से हार गईं और उन्होंने रेफरी के निर्णयों के विरुद्ध औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय कुश्ती पहले से ही प्रशासनिक उठापटक के दौर से गुज़र रही है।
डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष की प्रतिक्रिया
डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष संजय सिंह ने विजेता पहलवानों को बधाई देते हुए कहा, 'मैं उन सभी पहलवानों को तहे दिल से बधाई देना चाहता हूं, जिन्होंने आज शानदार प्रदर्शन किया और टीम में अपनी जगह पक्की की। प्रतियोगिता का स्तर असाधारण था, जिसने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि हमारी महिला कुश्ती की अगली पीढ़ी बेहद मजबूत है।'
उन्होंने आगे कहा, 'इन एथलीट्स ने मैट पर जबरदस्त हिम्मत और तकनीकी कौशल दिखाया है। हमें पूरा भरोसा है कि वे देश के लिए बहुत गौरव लेकर आएंगी।'
आगे क्या
चयन ट्रायल के बाद अब चुनी गई पहलवान एशियन गेम्स 2026 की तैयारी में जुटेंगी। हालांकि, विवादित मुकाबलों को लेकर दायर शिकायतों पर डब्ल्यूएफआई का रुख अभी स्पष्ट नहीं हुआ है। गौरतलब है कि भारतीय महिला कुश्ती ने हाल के वर्षों में अंतरराष्ट्रीय मंच पर उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है और एशियन गेम्स में पदकों की दावेदार मानी जाती है।