विनेश फोगाट का एशियन गेम्स 2026 का सपना टूटा, WFI पर भड़कीं — 'जब वापसी करूंगी, मुंह बंद कर दूंगी'
सारांश
मुख्य बातें
विनेश फोगाट का एशियन गेम्स 2026 में खेलने का सपना 31 मई 2026 को उस वक्त टूट गया, जब नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में हुए चयन ट्रायल्स के महिला 53 किग्रा वर्ग के सेमी-फाइनल में उन्हें मीनाक्षी गोयत के हाथों 4-6 से हार का सामना करना पड़ा। हार के बाद 31 वर्षीया इस पहलवान ने भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) पर तीखा हमला बोला और वापसी का संकल्प दोहराया।
मुख्य घटनाक्रम
ट्रायल्स में विनेश की शुरुआत प्रभावशाली रही। लंबे अंतराल के बाद प्रतिस्पर्धी कुश्ती में उतरते हुए उन्होंने पहले मैच में ज्योति को 7-1 से हराया। इसके बाद क्वार्टर-फाइनल में निशु को 7-6 के रोमांचक अंतर से पछाड़कर सेमी-फाइनल में जगह बनाई। हालांकि, सेमी-फाइनल में मीनाक्षी गोयत ने कड़े मुकाबले में 6-4 से जीत दर्ज करते हुए विनेश का सफर वहीं समाप्त कर दिया।
WFI पर विनेश का हमला
हार के तुरंत बाद विनेश ने कहा, 'जब मैं हारी तो WFI के अधिकारी खुश हो रहे थे। उन्हें अभी जश्न मनाने दो। मैं बहुत जिद्दी और जुनूनी हूं। ये हार मेरे इरादों को और मज़बूत करती है। मैं वापसी करूंगी, और जब मैं वापसी करूंगी, तो अपने प्रदर्शन से हर उस इंसान का मुंह बंद कर दूंगी जिसे मुझ पर शक है। अभी तो महासंघ चाहता है कि मैं जल्दी मर जाऊं — कम से कम वे यही सोचते हैं।' यह बयान विनेश और WFI के बीच चल रहे गहरे तनाव की परतें खोलता है।
सुप्रीम कोर्ट और WFI का दखल
गौरतलब है कि विनेश को शुरुआत में WFI ने केवल 50 किग्रा वर्ग में भाग लेने की अनुमति दी थी। उनके जोरदार विरोध और सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद, WFI अध्यक्ष संजय सिंह द्वारा उठाए गए कदमों के चलते शनिवार सुबह उन्हें 53 किग्रा ट्रायल में भाग लेने की अनुमति मिली। इस प्रकार हार से पहले के 48 घंटे विनेश के लिए कानूनी और भावनात्मक उथल-पुथल से भरे रहे।
एशियन गेम्स और आगे की राह
इस हार के साथ जापान के आइची-नागोया में होने वाले एशियन गेम्स के लिए विनेश का क्वालीफिकेशन का रास्ता बंद हो गया। हालांकि विनेश ने स्पष्ट कर दिया है कि वह संन्यास लेने के मूड में नहीं हैं। उनका यह दृढ़ संकल्प बताता है कि भारतीय कुश्ती के अखाड़े में उनका अध्याय अभी समाप्त नहीं हुआ है।