विनेश फोगाट एशियन गेम्स ट्रायल्स: WFI का फरमान — सिर्फ 50 किग्रा भारवर्ग में मिलेगी एंट्री
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) ने स्पष्ट कर दिया है कि ओलंपियन विनेश फोगाट एशियन गेम्स के सिलेक्शन ट्रायल्स में केवल 50 किलोग्राम भारवर्ग में ही भाग ले सकती हैं — वही भारवर्ग जिसमें उन्होंने 2024 के पेरिस ओलंपिक में प्रतिस्पर्धा की थी। यह घोषणा तब आई जब सर्वोच्च न्यायालय ने दिल्ली उच्च न्यायालय के उस आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया, जिसमें विनेश को ट्रायल्स में भाग लेने की अनुमति दी गई थी।
मुख्य घटनाक्रम
दिल्ली उच्च न्यायालय ने विनेश फोगाट को एशियन गेम्स सिलेक्शन ट्रायल्स में हिस्सा लेने की इजाजत दी थी। इस आदेश को चुनौती देने के लिए WFI ने सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया, लेकिन शीर्ष अदालत ने महासंघ की अपील ठुकरा दी। इसके तुरंत बाद WFI ने एक नई शर्त जोड़ दी — विनेश 57 किलोग्राम भारवर्ग में नहीं, बल्कि 50 किलोग्राम भारवर्ग में ही हिस्सा ले सकती हैं।
WFI सूत्रों के अनुसार, 'विनेश फोगाट को ट्रायल्स में 50 किलोग्राम भारवर्ग में ही हिस्सा लेना होगा, वही भारवर्ग जिसमें उन्होंने पेरिस ओलंपिक में मुकाबला किया था। एक जानी-मानी पहलवान होने के नाते, उन्हें सिलेक्शन प्रक्रिया में हिस्सा लेने की इजाजत दी जाएगी, लेकिन सिर्फ 50 किलोग्राम भारवर्ग में। वजन तौलने का कार्यक्रम सुबह-सुबह तय किया गया है।'
विनेश का कुश्ती सफर और भारवर्ग बदलाव
31 वर्षीय विनेश फोगाट ने अपने करियर की शुरुआत 48 किलोग्राम भारवर्ग से की थी। इसके बाद वह 51 किलोग्राम और फिर 53 किलोग्राम भारवर्ग में आईं, जहाँ उन्होंने दो विश्व चैंपियनशिप पदक और टोक्यो ओलंपिक में भी पदक जीता। पेरिस ओलंपिक के ट्रायल्स के दौरान उन्होंने 53 किलोग्राम और 50 किलोग्राम, दोनों भारवर्गों में भाग लिया था, और अंततः 50 किलोग्राम में क्वालिफाई किया।
2024 पेरिस ओलंपिक में विनेश 50 किलोग्राम भारवर्ग के फाइनल तक पहुँचीं, लेकिन फाइनल की सुबह वजन तौलने के दौरान वह बेहद कम अंतर से 50 किलोग्राम की सीमा पार नहीं कर पाईं, जिसके कारण उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया गया। इस दर्दनाक अनुभव के बाद उन्होंने संन्यास की घोषणा कर दी थी।
वापसी और LA 2028 का लक्ष्य
पेरिस में मिली निराशा के बाद विनेश ने अगस्त 2024 में संन्यास का ऐलान किया था। हालांकि, दिसंबर 2025 में उन्होंने यह फैसला पलट दिया और लॉस एंजेलेस 2028 ओलंपिक को अपना नया लक्ष्य घोषित किया। कुश्ती से दूर रहने के इस अंतराल में वह मातृत्व का सुख भी भोग चुकी हैं — पिछले साल उन्होंने एक बच्चे को जन्म दिया।
गौरतलब है कि हाल ही में विनेश ने 57 किलोग्राम भारवर्ग में स्विच किया था, लेकिन WFI उन्हें इसी भारवर्ग में ट्रायल देने से रोक रहा है। आलोचकों का कहना है कि महासंघ ने मुकाबले शुरू होने से ठीक पहले इस नियम का सहारा लिया है — एक ऐसा कदम जिसे कई पर्यवेक्षक रणनीतिक बाधा के रूप में देख रहे हैं।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
खेल विशेषज्ञों का मानना है कि 50 किलोग्राम पर वजन उतारना विनेश के लिए एक बड़ी चुनौती होगी, खासकर तब जब वह हाल ही में मातृत्व के बाद वापसी कर रही हैं और 57 किलोग्राम भारवर्ग में प्रशिक्षण ले रही थीं। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय कुश्ती में प्रशासनिक विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है।
आगे की राह तय करेगी कि विनेश 29 मई की सुबह वजन तौलने की प्रक्रिया में सफल होती हैं या नहीं — और यदि होती हैं, तो क्या वह LA 2028 की ओर अपनी दावेदारी मजबूत कर पाती हैं।