16 जुलाई 2026
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मीनाक्षी गोयत ने विनेश को 6-4 से हराया, फिर भी एशियन गेम्स ट्रायल फाइनल के फैसले को दी चुनौती

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मीनाक्षी गोयत ने विनेश को 6-4 से हराया, फिर भी एशियन गेम्स ट्रायल फाइनल के फैसले को दी चुनौती

सारांश

मीनाक्षी गोयत ने ट्रायल्स में विनेश फोगाट को हराकर सबको चौंकाया, लेकिन फाइनल में 3-2 की हार ने उन्हें WFI के दरवाजे तक पहुँचाया। शिकायत स्वीकार हुई, समीक्षा जारी है — पर एशियन गेम्स की सीट अभी भी अंतिम पंघाल के पास है।

मुख्य बातें

मीनाक्षी गोयत ने एशियन गेम्स ट्रायल्स के 53 किलोग्राम वर्ग के फाइनल नतीजे को WFI में चुनौती दी है।
फाइनल में मीनाक्षी अंतिम पंघाल से 3-2 के मामूली अंतर से हारीं।
इससे पहले मीनाक्षी ने पूर्व विश्व चैंपियनशिप पदक विजेता विनेश फोगाट को 6-4 से हराया था।
WFI अध्यक्ष संजय सिंह ने स्पष्ट किया कि एशियन गेम्स में 53 किलोग्राम वर्ग में अंतिम पंघाल ही भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी।
मीनाक्षी के परिवार की आर्थिक स्थिति कठिन है और उनकी माँ कैंसर से पीड़ित हैं।

पहलवान मीनाक्षी गोयत ने 31 मई को जींद से स्पष्ट किया कि वह एशियन गेम्स सिलेक्शन ट्रायल्स के महिला 53 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में मिली हार के फैसले से संतुष्ट नहीं हैं और उन्होंने भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के समक्ष औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। फाइनल में मीनाक्षी अंतिम पंघाल से मात्र 3-2 के अंतर से पराजित हुईं, जबकि इससे पहले उन्होंने पूर्व विश्व चैंपियनशिप पदक विजेता विनेश फोगाट को 6-4 से हराकर बड़ा उलटफेर किया था।

फाइनल फैसले पर मीनाक्षी की आपत्ति

मीनाक्षी ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा, 'मैं इस फैसले से संतुष्ट नहीं हूं, क्योंकि मुझे लगा कि मैंने उस मैच में सचमुच बहुत अच्छा प्रदर्शन किया था। इसीलिए मैंने चुनौती दी। अब यह मामला संबंधित अधिकारियों के पास जाएगा और समीक्षा के बाद जो भी फैसला आएगा, मैं उसे स्वीकार करूंगी।' WFI ने उनकी शिकायत स्वीकार कर ली है और समिति इस पर समीक्षा करेगी।

विनेश फोगाट पर ऐतिहासिक जीत

गौरतलब है कि 53 किलोग्राम वर्ग इन ट्रायल्स का सर्वाधिक चर्चित वर्ग रहा। मीनाक्षी ने बताया कि ट्रायल्स शुरू होने से पहले उन्हें यह पता नहीं था कि उनका सामना विनेश फोगाट से होगा, लेकिन भीतर से उन्हें हमेशा इस मुकाबले की प्रतीक्षा थी। उन्होंने कहा, 'जब मुकाबला हुआ, तो मैं पूरी तरह से आत्मविश्वास से भरी हुई थी।' मैच के दौरान एक क्षण ऐसा भी आया जब अपनी गलती के कारण उन्होंने कुछ अंक गंवाए, किंतु जोरदार वापसी करते हुए अंततः 6-4 से जीत हासिल की।

परिवार की आर्थिक चुनौतियाँ

साधारण पृष्ठभूमि से आने वाली मीनाक्षी ने अपने परिवार की कठिनाइयों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उनकी माँ कैंसर से पीड़ित हैं और परिवार आर्थिक तंगी का सामना कर रहा है। उन्होंने सरकार से अपील की कि खिलाड़ियों को पर्याप्त समर्थन मिलना चाहिए ताकि वे बिना किसी वित्तीय चिंता के अपनी ट्रेनिंग और प्रदर्शन पर ध्यान केंद्रित कर सकें।

WFI का रुख और आगे की राह

WFI अध्यक्ष संजय सिंह ने स्पष्ट किया कि शिकायत की समीक्षा होगी, लेकिन फिलहाल जापान में होने वाले एशियन गेम्स में 53 किलोग्राम वर्ग में भारत का प्रतिनिधित्व अंतिम पंघाल ही करेंगी। उन्होंने कहा, 'हमें मीनाक्षी की शिकायत मिली है। समिति इस मामले की समीक्षा करेगी, लेकिन मौजूदा स्थिति के अनुसार, एशियन गेम्स में 53 किलोग्राम वर्ग में भारत का प्रतिनिधित्व अंतिम ही करेंगी।' समिति की समीक्षा के बाद ही मीनाक्षी की चुनौती का अंतिम परिणाम सामने आएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

ऐसे विवाद बार-बार उठते रहेंगे — और प्रतिभाशाली खिलाड़ी हाशिये पर रहेंगे।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मीनाक्षी गोयत ने WFI में किस बात की शिकायत की है?
मीनाक्षी गोयत ने एशियन गेम्स सिलेक्शन ट्रायल्स के महिला 53 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में मिले फैसले को चुनौती दी है, जिसमें वह अंतिम पंघाल से 3-2 से हारी थीं। उनका मानना है कि उन्होंने मैच में बेहतर प्रदर्शन किया था और फैसले की समीक्षा होनी चाहिए।
मीनाक्षी गोयत ने विनेश फोगाट को कैसे हराया?
मीनाक्षी ने ट्रायल्स के शुरुआती दौर में विनेश फोगाट को 6-4 से हराया। मैच के दौरान एक समय मीनाक्षी ने अपनी गलती से कुछ अंक गंवाए, लेकिन जोरदार वापसी कर अंततः जीत हासिल की।
एशियन गेम्स में 53 किलोग्राम वर्ग में भारत का प्रतिनिधित्व कौन करेगा?
WFI अध्यक्ष संजय सिंह के अनुसार, शिकायत की समीक्षा के बावजूद फिलहाल जापान में होने वाले एशियन गेम्स में 53 किलोग्राम वर्ग में अंतिम पंघाल ही भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी।
WFI ने मीनाक्षी की शिकायत पर क्या कार्रवाई की?
WFI ने मीनाक्षी की शिकायत स्वीकार कर ली है और एक समिति इस मामले की समीक्षा करेगी। हालाँकि, WFI ने स्पष्ट किया है कि समीक्षा पूरी होने तक एशियन गेम्स के लिए अंतिम पंघाल का चयन बरकरार रहेगा।
मीनाक्षी गोयत की व्यक्तिगत पृष्ठभूमि क्या है?
मीनाक्षी गोयत एक मध्यम-वर्गीय परिवार से आती हैं और उनके परिवार पर आर्थिक दबाव है। उनकी माँ कैंसर से पीड़ित हैं। मीनाक्षी ने सरकार से खिलाड़ियों को बेहतर वित्तीय समर्थन देने की अपील की है।
राष्ट्र प्रेस
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