विनेश फोगाट ने एशियन गेम्स ट्रायल में 7-1 से जीता पहला मुकाबला, सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी के बाद उतरीं मैदान में
सारांश
मुख्य बातें
पहलवान विनेश फोगाट ने 30 मई को नई दिल्ली में एशियन गेम्स सिलेक्शन ट्रायल के महिला 53 किलोग्राम वर्ग में ज्योति को 7-1 से हराकर अपना अभियान मज़बूत आगाज़ के साथ शुरू किया। यह मुकाबला उस नाटकीय घटनाक्रम के ठीक एक दिन बाद हुआ, जिसमें सर्वोच्च न्यायालय और भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के हस्तक्षेप के बाद उन्हें इस वर्ग में भाग लेने की अनुमति मिली।
मुख्य घटनाक्रम
मैच की शुरुआत में विनेश ने संयमित रणनीति अपनाई और स्टैंडिंग रेसलिंग के ज़रिए पहला अंक एक पुश-आउट से हासिल किया। डबल-लेग अटैक की कोशिश बेनतीजा रही, लेकिन दूसरे पीरियड की शुरुआत में एक्टिविटी क्लॉक पर रखे जाने के बाद उन्होंने अपनी रफ़्तार बढ़ाई।
राइट-लेग अटैक को सफल टेकडाउन में बदलकर विनेश ने 3-0 की बढ़त बनाई। इसके बाद ज्योति के जोरदार लेग अटैक को रोककर अपनी रक्षात्मक क्षमता का परिचय दिया और जवाबी हमले में तेज़ी से दो और स्कोरिंग मूव्स करते हुए स्कोर 7-0 पहुँचा दिया। अंतिम क्षणों में ज्योति ने एक पुश-आउट प्वाइंट लेकर क्लीन स्वीप रोका और अंतिम स्कोर 7-1 रहा।
सुप्रीम कोर्ट और WFI का हस्तक्षेप
शुक्रवार, 29 मई को जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा की अध्यक्षता वाली सर्वोच्च न्यायालय की पीठ ने फैसला सुनाया कि विनेश एशियन गेम्स सिलेक्शन ट्रायल में भाग लेने की हकदार हैं। पीठ ने कहा कि पिछले कई वर्षों में देश के लिए उनकी उपलब्धियाँ इस अवसर की पात्रता सिद्ध करती हैं।
इससे पहले WFI ने विनेश को केवल 50 किलोग्राम वर्ग तक सीमित कर दिया था। विनेश ने इस निर्णय पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए विरोध किया। अंततः WFI अध्यक्ष संजय सिंह के समर्थन और बातचीत के बाद महासंघ ने शनिवार सुबह अपना फैसला पलटते हुए उन्हें 53 किलोग्राम ट्रायल में उतरने की अनुमति दी।
आगे के मुकाबले
दूसरे राउंड में विनेश का सामना निशु से होगा, जिन्होंने रिया को 'फॉल' के ज़रिए हराकर अगले दौर में जगह बनाई। सेमीफाइनल में उनका मुकाबला मीनाक्षी गोयत से होने की संभावना है। अगर दोनों खिलाड़ी अपने-अपने सेमीफाइनल जीतती हैं, तो फाइनल में विनेश और अंतिम पंघाल के बीच एक रोमांचक भिड़ंत देखने को मिल सकती है।
अंतिम पंघाल का प्रदर्शन
इसी वर्ग में युवा पहलवान अंतिम पंघाल ने 'टेक्निकल सुपीरियरिटी' के आधार पर तन्नू को महज़ 34 सेकंड में हराकर धमाकेदार शुरुआत की। अंतिम ने तेज़ी से अपनी प्रतिद्वंद्वी को 'फितले' मूव में फँसाया और लगातार पाँच बार घुमाकर निर्णायक जीत दर्ज की।
आम जनता और खेल जगत पर असर
यह ट्रायल भारतीय कुश्ती में चल रहे प्रशासनिक विवाद की पृष्ठभूमि में हो रहा है। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब किसी पहलवान को अपनी पसंदीदा कैटेगरी में उतरने के लिए कानूनी और प्रशासनिक दरवाज़े खटखटाने पड़े हों। एशियन गेम्स में भारत की कुश्ती टीम के चयन पर अब सभी की नज़रें टिकी हैं, और आगे के मुकाबले तय करेंगे कि विनेश एशियाई खेलों के लिए क्वालीफाई करती हैं या नहीं।