15 जुलाई 2026
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विनेश फोगाट ने एशियन गेम्स ट्रायल में 7-1 से जीता पहला मुकाबला, सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी के बाद उतरीं मैदान में

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विनेश फोगाट ने एशियन गेम्स ट्रायल में 7-1 से जीता पहला मुकाबला, सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी के बाद उतरीं मैदान में

सारांश

सर्वोच्च न्यायालय की हरी झंडी और WFI के यू-टर्न के बाद विनेश फोगाट ने एशियन गेम्स ट्रायल में 53 किग्रा वर्ग में ज्योति को 7-1 से हराया। फाइनल में अंतिम पंघाल से संभावित भिड़ंत की उम्मीद, जिन्होंने तन्नू को 34 सेकंड में चित किया।

मुख्य बातें

विनेश फोगाट ने 30 मई को एशियन गेम्स सिलेक्शन ट्रायल के 53 किलोग्राम वर्ग में ज्योति को 7-1 से हराया।
सर्वोच्च न्यायालय ( जस्टिस पी.एस.
नरसिम्हा पीठ) ने 29 मई को विनेश को ट्रायल में भाग लेने की अनुमति दी।
WFI ने पहले उन्हें 50 किलोग्राम वर्ग तक सीमित किया था; WFI अध्यक्ष संजय सिंह के हस्तक्षेप के बाद फैसला पलटा।
दूसरे राउंड में विनेश का मुकाबला निशु से; संभावित सेमीफाइनल प्रतिद्वंद्वी मीनाक्षी गोयत ।
अंतिम पंघाल ने तन्नू को महज़ 34 सेकंड में 'टेक्निकल सुपीरियरिटी' से हराया।

पहलवान विनेश फोगाट ने 30 मई को नई दिल्ली में एशियन गेम्स सिलेक्शन ट्रायल के महिला 53 किलोग्राम वर्ग में ज्योति को 7-1 से हराकर अपना अभियान मज़बूत आगाज़ के साथ शुरू किया। यह मुकाबला उस नाटकीय घटनाक्रम के ठीक एक दिन बाद हुआ, जिसमें सर्वोच्च न्यायालय और भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के हस्तक्षेप के बाद उन्हें इस वर्ग में भाग लेने की अनुमति मिली।

मुख्य घटनाक्रम

मैच की शुरुआत में विनेश ने संयमित रणनीति अपनाई और स्टैंडिंग रेसलिंग के ज़रिए पहला अंक एक पुश-आउट से हासिल किया। डबल-लेग अटैक की कोशिश बेनतीजा रही, लेकिन दूसरे पीरियड की शुरुआत में एक्टिविटी क्लॉक पर रखे जाने के बाद उन्होंने अपनी रफ़्तार बढ़ाई।

राइट-लेग अटैक को सफल टेकडाउन में बदलकर विनेश ने 3-0 की बढ़त बनाई। इसके बाद ज्योति के जोरदार लेग अटैक को रोककर अपनी रक्षात्मक क्षमता का परिचय दिया और जवाबी हमले में तेज़ी से दो और स्कोरिंग मूव्स करते हुए स्कोर 7-0 पहुँचा दिया। अंतिम क्षणों में ज्योति ने एक पुश-आउट प्वाइंट लेकर क्लीन स्वीप रोका और अंतिम स्कोर 7-1 रहा।

सुप्रीम कोर्ट और WFI का हस्तक्षेप

शुक्रवार, 29 मई को जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा की अध्यक्षता वाली सर्वोच्च न्यायालय की पीठ ने फैसला सुनाया कि विनेश एशियन गेम्स सिलेक्शन ट्रायल में भाग लेने की हकदार हैं। पीठ ने कहा कि पिछले कई वर्षों में देश के लिए उनकी उपलब्धियाँ इस अवसर की पात्रता सिद्ध करती हैं।

इससे पहले WFI ने विनेश को केवल 50 किलोग्राम वर्ग तक सीमित कर दिया था। विनेश ने इस निर्णय पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए विरोध किया। अंततः WFI अध्यक्ष संजय सिंह के समर्थन और बातचीत के बाद महासंघ ने शनिवार सुबह अपना फैसला पलटते हुए उन्हें 53 किलोग्राम ट्रायल में उतरने की अनुमति दी।

आगे के मुकाबले

दूसरे राउंड में विनेश का सामना निशु से होगा, जिन्होंने रिया को 'फॉल' के ज़रिए हराकर अगले दौर में जगह बनाई। सेमीफाइनल में उनका मुकाबला मीनाक्षी गोयत से होने की संभावना है। अगर दोनों खिलाड़ी अपने-अपने सेमीफाइनल जीतती हैं, तो फाइनल में विनेश और अंतिम पंघाल के बीच एक रोमांचक भिड़ंत देखने को मिल सकती है।

अंतिम पंघाल का प्रदर्शन

इसी वर्ग में युवा पहलवान अंतिम पंघाल ने 'टेक्निकल सुपीरियरिटी' के आधार पर तन्नू को महज़ 34 सेकंड में हराकर धमाकेदार शुरुआत की। अंतिम ने तेज़ी से अपनी प्रतिद्वंद्वी को 'फितले' मूव में फँसाया और लगातार पाँच बार घुमाकर निर्णायक जीत दर्ज की।

आम जनता और खेल जगत पर असर

यह ट्रायल भारतीय कुश्ती में चल रहे प्रशासनिक विवाद की पृष्ठभूमि में हो रहा है। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब किसी पहलवान को अपनी पसंदीदा कैटेगरी में उतरने के लिए कानूनी और प्रशासनिक दरवाज़े खटखटाने पड़े हों। एशियन गेम्स में भारत की कुश्ती टीम के चयन पर अब सभी की नज़रें टिकी हैं, और आगे के मुकाबले तय करेंगे कि विनेश एशियाई खेलों के लिए क्वालीफाई करती हैं या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि भारतीय कुश्ती प्रशासन की उस खामी का आईना है जिसमें एक अनुभवी अंतरराष्ट्रीय पहलवान को अपनी पसंदीदा कैटेगरी में उतरने के लिए सर्वोच्च न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाना पड़ा। WFI का यू-टर्न — पहले 50 किग्रा, फिर 53 किग्रा — यह दर्शाता है कि चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता और नियमों की एकरूपता अभी भी एक बड़ा सवाल है। असली परीक्षा अब ट्रायल के नतीजों के बाद होगी: क्या चयन प्रक्रिया बिना किसी और विवाद के पूरी होगी, और क्या भारतीय कुश्ती एशियन गेम्स तक एकजुट होकर मैदान में उतर पाएगी?
RashtraPress
15 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विनेश फोगाट को एशियन गेम्स ट्रायल में 53 किग्रा वर्ग में उतरने की अनुमति कैसे मिली?
सर्वोच्च न्यायालय की जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा की पीठ ने 29 मई को फैसला सुनाया कि विनेश की उपलब्धियों को देखते हुए वह ट्रायल में भाग लेने की हकदार हैं। इसके बाद WFI ने भी अपना पुराना फैसला बदलते हुए उन्हें 53 किग्रा वर्ग में उतरने की इजाज़त दी।
विनेश फोगाट और ज्योति के बीच मैच का स्कोर क्या रहा?
विनेश फोगाट ने 30 मई को ज्योति को 7-1 से हराया। विनेश ने 7-0 की बढ़त बनाई थी, लेकिन अंतिम क्षणों में ज्योति ने एक पुश-आउट प्वाइंट लेकर क्लीन स्वीप रोका।
WFI ने पहले विनेश फोगाट को किस कैटेगरी तक सीमित किया था?
WFI ने शुरुआत में विनेश को केवल 50 किलोग्राम वर्ग में भाग लेने की अनुमति दी थी। विनेश ने इसे भेदभावपूर्ण बताते हुए विरोध किया, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट के फैसले और WFI अध्यक्ष संजय सिंह के हस्तक्षेप से यह निर्णय पलटा गया।
अंतिम पंघाल ने ट्रायल में कैसा प्रदर्शन किया?
अंतिम पंघाल ने तन्नू को महज़ 34 सेकंड में 'टेक्निकल सुपीरियरिटी' के आधार पर हराया। उन्होंने 'फितले' मूव में प्रतिद्वंद्वी को फँसाकर लगातार पाँच बार घुमाते हुए निर्णायक जीत दर्ज की।
विनेश फोगाट का अगला मुकाबला किससे है?
दूसरे राउंड में विनेश का मुकाबला निशु से होगा, जो रिया को 'फॉल' से हराकर आगे बढ़ी हैं। सेमीफाइनल में मीनाक्षी गोयत से भिड़ंत की संभावना है और फाइनल में अंतिम पंघाल से रोमांचक मुकाबले की उम्मीद है।
राष्ट्र प्रेस
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