प्रणति नायक: भारत की दूसरी महिला जिम्नास्ट जो ओलंपिक में पहुँचीं
सारांश
Key Takeaways
- प्रणति नायक का जन्म ६ अप्रैल १९९५ को हुआ।
- उन्होंने २००३ में ओडिशा में ट्रेनिंग शुरू की।
- २०१४ में कॉमनवेल्थ गेम्स में भाग लिया।
- २०१९ में एशियन चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता।
- २०२० टोक्यो ओलंपिक में भाग लिया।
नई दिल्ली, 5 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। जिम्नास्टिक्स के क्षेत्र में भारत की उन महिला खिलाड़ियों में प्रणति नायक का नाम विशेष रूप से लिया जाता है, जिन्होंने अपनी कड़ी मेहनत से असाधारण सफलता प्राप्त की है। प्रणति नायक ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम गौरवान्वित किया है।
प्रणति का जन्म ६ अप्रैल १९९५ को करकाई, पिंगला, पश्चिम मिदनापुर जिला, पश्चिम बंगाल में हुआ। उन्होंने केवल ६ वर्ष की आयु में जिम्नास्टिक्स में कदम रखा।
प्रणति ने २००३ में बेहतर प्रशिक्षण के लिए ओडिशा का चयन किया, जहाँ उनकी कोच मीनारा बेगम ने न केवल उनकी ट्रेनिंग की बल्कि उनके रहने-खाने का खर्च भी उठाया। यह उनके करियर का एक महत्वपूर्ण मोड़ था। उन्होंने धीरे-धीरे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनानी शुरू की। २०१४ कॉमनवेल्थ गेम्स उनके करियर का पहला बड़ा इवेंट था, जिसके बाद उन्होंने उसी वर्ष एशियन गेम्स और वर्ल्ड चैंपियनशिप में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया। शुरुआत में उनके प्रदर्शन में उतार-चढ़ाव रहा, लेकिन समय के साथ उन्होंने इसमें सुधार किया।
२०१७ एशियन चैंपियनशिप में उन्होंने ऑल-अराउंड में १४वां स्थान प्राप्त किया और वॉल्ट तथा बैलेंस बीम फाइनल में पहुँचकर अपनी क्षमता साबित की। इसके बाद, २०१८ में मेलबर्न वर्ल्ड कप और कॉमनवेल्थ गेम्स में भी उन्होंने भाग लिया और महत्वपूर्ण अनुभव प्राप्त किया।
प्रणति के करियर का सबसे बड़ा क्षण २०१९ में आया, जब उन्होंने एशियन चैंपियनशिप में वॉल्ट इवेंट में कांस्य पदक जीता। वह दीपा कर्माकर और अरुणा रेड्डी के बाद वॉल्ट में अंतरराष्ट्रीय पदक जीतने वाली तीसरी भारतीय जिम्नास्ट बनीं। उसी वर्ष उन्होंने इंडियन ऑल-अराउंड चैंपियनशिप भी जीती। प्रणति ने २०२२ और २०२५ में भी एशियन चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज पदक जीता।
२०२० टोक्यो ओलंपिक के लिए उनका क्वालीफिकेशन एक अद्वितीय घटना रही। एशियाई चैंपियनशिप के रद्द होने के बाद उन्हें महाद्वीपीय कोटा के माध्यम से ओलंपिक में स्थान मिला। इस प्रकार, वह दीपा कर्माकर के बाद ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाली दूसरी महिला जिम्नास्ट बनीं। टोक्यो ओलंपिक में प्रणति ने ऑल-अराउंड स्पर्धा में भाग लिया और ४२.५६५ के स्कोर के साथ ७०वें स्थान पर रहीं। वह फाइनल में नहीं पहुँच सकीं।
सीमित संसाधनों के बावजूद, ओलंपिक जैसे बड़े मंच पर पहुँचने से प्रणति की मेहनत और लक्ष्य के प्रति समर्पण का प्रमाण मिलता है।