भारतीय पुरुष व्हीलचेयर टेनिस टीम ने एशिया क्वालिफायर में जीता कांस्य पदक
सारांश
Key Takeaways
- भारतीय पुरुष व्हीलचेयर टेनिस टीम ने कांस्य पदक जीता।
- चीन ताइपे को 3-0 से हराकर पदक हासिल किया।
- टीम में शीर्ष खिलाड़ी शामिल थे।
- कोच पीटर विजय कुमार ने टीम की सफलता को सराहा।
- महिलाओं की टीम को भी चुनौती का सामना करना पड़ा।
बेंगलुरु, 7 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय पुरुष व्हीलचेयर टेनिस टीम ने चीनी ताइपे को 3-0 से हराकर व्हीलचेयर टेनिस वर्ल्ड टीम कप एशिया क्वालिफिकेशन 2026 में कांस्य पदक अपने नाम किया। यह टूर्नामेंट इंटरनेशनल टेनिस फेडरेशन (आईटीएफ) द्वारा आयोजित किया गया है और इसे 'व्हीलचेयर टेनिस का डेविस कप' भी कहा जाता है।
भारतीय टीम में प्रमुख खिलाड़ी शेखर वीरास्वामी (विश्व रैंकिंग 210), बसवराज कुंदरगी (विश्व रैंकिंग 185) और कार्तिक करुणाकरण (विश्व रैंकिंग 351) शामिल थे। भारत ने पहले मैच में कोरिया रिपब्लिक से 0-3 से हार का सामना किया। हान सुंगबोंग (विश्व रैंकिंग 46) ने करुणाकरण को 6-1, 6-1 से हराया, जबकि इम हो वॉन (विश्व रैंकिंग 61) ने कुंदरगी को 6-1, 6-2 से पराजित किया।
इसके बाद टीम को मेज़बान श्रीलंका से 0-3 की हार का सामना करना पड़ा। लसांथा राणावीरा (विश्व रैंकिंग 63) ने वीरास्वामी को 6-2, 6-0 से हराया। भारतीय टीम ने पाकिस्तान के खिलाफ 3-0 से जीत हासिल की, जिसमें करुणाकरण ने मुहम्मद फिरास (विश्व रैंकिंग 156) को 6-0, 6-0 से हराया।
इसके बाद, भारतीय टीम ने चीनी ताइपे पर 3-0 की शानदार जीत के साथ कांस्य पदक जीता। करुणाकरण ने टैंग चाओ-हान (विश्व रैंकिंग 84) को 6-1, 6-1 से हराया। डबल्स में भारतीय जोड़ी ने चेंग हान-त्सुंग (विश्व रैंकिंग 101) और टैंग चाओ-हान को 6-1, 6-0 से हराकर भारत को पोडियम पर पहुँचाया।
भारतीय व्हीलचेयर टीम के कोच और कप्तान पीटर विजय कुमार ने कहा, "यह भारतीय पुरुष टीम के लिए पहला कांस्य पदक है। खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया और हमने टीम के रूप में सामंजस्य दिखाया। एशियन जोन वर्ल्ड ग्रुप में क्वालिफाई करने के लिए यह एक कठिन चरण है।"
महिलाओं की टीम में शिल्पा कडुकोथनहल्ली पुट्टाराजू (विश्व रैंकिंग 70), प्रतिमा नारायण राव (विश्व रैंकिंग 83) और मुबीना कोलाकर (विश्व रैंकिंग 112) ने भारत का प्रतिनिधित्व किया। भारत को पहले मैच में कोरिया से 0-3 से हार मिली।
भारत ने कजाकिस्तान के खिलाफ अपने आखिरी मैच में लगभग जीत हासिल की थी, लेकिन निर्णायक डबल्स मैच हारने के कारण टीम को 2-1 से हार का सामना करना पड़ा।