30 जुलाई 2026
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अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दर 3.75% पर बरकरार रखी, डॉव जोन्स 1,153 अंक टूटा

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अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दर 3.75% पर बरकरार रखी, डॉव जोन्स 1,153 अंक टूटा

सारांश

अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दर 3.75% पर बरकरार रखी — महंगाई 3.5% पर बनी रहने के बावजूद। डॉव जोन्स 1,153 अंक टूटा। एफओएमसी में 9-3 की असहमति और ट्रंप की नाराज़गी ने फेड की स्वतंत्रता पर नई बहस छेड़ दी है।

मुख्य बातें

अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने 30 जुलाई को बेंचमार्क ब्याज दर 3.5%–3.75% पर यथावत रखी।
डॉव जोन्स 1,153 अंक (2.19%) और नैस्डैक 433 अंक (1.74%) गिरा।
एफओएमसी में 9 सदस्यों ने दर स्थिर रखने के पक्ष में, 3 सदस्यों ने 0.25% बढ़ोतरी के पक्ष में मतदान किया।
जून CPI आँकड़ों के अनुसार महंगाई 3.5% — फेड के 2% लक्ष्य से काफी ऊपर।
राष्ट्रपति ट्रंप दर न घटाने से नाराज़, लेकिन सार्वजनिक रूप से वार्श का बचाव किया।
अगली एफओएमसी बैठक सितंबर में — नवंबर के मिड-टर्म चुनाव से पहले आखिरी मौका।

अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने 30 जुलाई को अपनी नीतिगत बैठक में बेंचमार्क ब्याज दर को 3.5% से 3.75% की मौजूदा सीमा पर यथावत रखने का फैसला किया। महंगाई के बढ़ते दबाव और अर्थव्यवस्था को स्थिर रखने की चुनौती के बीच लिए गए इस निर्णय से अमेरिकी शेयर बाज़ार में तीखी बिकवाली देखी गई।

बाज़ार पर तत्काल असर

फेड के फैसले की घोषणा के बाद डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 1,153 अंक यानी 2.19% की गिरावट के साथ बंद हुआ। नैस्डैक भी 433 अंक यानी 1.74% नीचे आ गया। निवेशकों की उम्मीद थी कि फेड दरों में कटौती के संकेत देगा, लेकिन यथास्थिति बनाए रखने के निर्णय ने बाज़ार की धारणा को कमज़ोर कर दिया।

एफओएमसी में मतभेद

दर तय करने वाली फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (एफओएमसी) में इस बार एकमत नहीं था। नौ सदस्यों ने दरें स्थिर रखने के पक्ष में मतदान किया, जबकि तीन सदस्यों ने 0.25% की बढ़ोतरी के लिए दबाव डाला। इन असहमत सदस्यों में मिनियापोलिस फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष नील काशकारी भी शामिल थे।

फेड चेयरमैन केविन वार्श ने इस आंतरिक मतभेद को 'अच्छी पारिवारिक बहस' बताया। उन्होंने कहा, 'मेरा मानना है कि मूल्य स्थिरता और पूर्ण रोज़गार में से किसी एक को चुनना ज़रूरी नहीं है। जहाँ भी ज़रूरत होगी और जो सही होगा, हम कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेंगे।'

महंगाई की चुनौती और वार्श का रुख

जून के कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) आँकड़ों के अनुसार महंगाई एक साल पहले की तुलना में 3.5% बढ़ी है — जो फेड के 2% के लक्ष्य से काफी ऊपर है। वार्श ने बैठक के बाद महंगाई को 2% पर लाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई, जिससे निकट भविष्य में दर कटौती की संभावना और सीमित हो गई।

यह ध्यान देने योग्य है कि मई में पदभार संभालने के बाद से यह वार्श की अध्यक्षता में दूसरी एफओएमसी बैठक थी और दोनों बार दरें अपरिवर्तित रहीं। विश्लेषकों के अनुसार, खाड़ी क्षेत्र में जारी संघर्ष और उसके वैश्विक आपूर्ति शृंखला पर पड़ने वाले प्रभाव को भी मौजूदा महंगाई के कारणों में गिना जा रहा है।

ट्रंप की नाराज़गी और राजनीतिक दबाव

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ब्याज दर में कटौती न होने से नाराज़ बताए जा रहे हैं। हालाँकि, व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने वार्श का बचाव करते हुए कहा कि वह 'शानदार काम' कर रहे हैं। दरें न घटाने की ज़िम्मेदारी उन्होंने एफओएमसी पर डाली। ट्रंप ने कहा, 'मुझे पता है कि वह कम ब्याज दर देखना पसंद करेंगे, लेकिन उनके पास एक बोर्ड है और यह एक पॉलिटिकल बोर्ड है और वे रेट को ऊपर रखना चाहते हैं।'

गौरतलब है कि ट्रंप ने ही वार्श को फेड प्रमुख नियुक्त किया था — पूर्व चेयरमैन जेरोम पॉवेल के साथ दरों में कटौती को लेकर लंबे विवाद के बाद। अब वार्श के फैसले पर भी ट्रंप की असहमति एक नई राजनीतिक जटिलता पैदा कर रही है।

आगे क्या होगा

अगली एफओएमसी बैठक सितंबर में होनी है, जो नवंबर के मिड-टर्म चुनाव से पहले आखिरी बैठक होगी — जिससे इसका राजनीतिक महत्व और भी बढ़ जाता है। बाज़ार विशेषज्ञों की नज़र इस बात पर होगी कि आने वाले महीनों में CPI आँकड़े किस दिशा में जाते हैं और क्या फेड अपने दोहरे लक्ष्य — मूल्य स्थिरता और रोज़गार वृद्धि — के बीच संतुलन बना पाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन वार्श भी दरें घटाने से इनकार कर रहे हैं — यह दर्शाता है कि महंगाई की वास्तविकता किसी भी राजनीतिक नियुक्ति से बड़ी होती है। एफओएमसी में 9-3 का मतभेद और नवंबर के मिड-टर्म चुनाव से पहले सितंबर की बैठक का दबाव मिलकर एक ऐसा परिदृश्य बनाते हैं जहाँ मौद्रिक नीति और चुनावी राजनीति का टकराव और तीखा हो सकता है।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दर में बदलाव क्यों नहीं किया?
फेडरल रिजर्व ने महंगाई को काबू में लाने की प्राथमिकता के चलते ब्याज दर 3.5%–3.75% पर बरकरार रखी। जून के CPI आँकड़ों के अनुसार महंगाई 3.5% है, जो फेड के 2% लक्ष्य से काफी ऊपर है, जिससे दर कटौती का विकल्प सीमित हो गया।
फेड के फैसले से शेयर बाज़ार पर क्या असर पड़ा?
फेड की घोषणा के बाद डॉव जोन्स 1,153 अंक (2.19%) और नैस्डैक 433 अंक (1.74%) गिर गया। निवेशकों को दर कटौती की उम्मीद थी और यथास्थिति बनाए रखने के फैसले ने बाज़ार में तीखी बिकवाली को जन्म दिया।
केविन वार्श कौन हैं और उन्हें फेड प्रमुख क्यों बनाया गया?
केविन वार्श को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फेडरल रिजर्व का चेयरमैन नियुक्त किया था। पूर्व चेयरमैन जेरोम पॉवेल के साथ ट्रंप का ब्याज दरें घटाने को लेकर लंबे समय से विवाद था, जिसके बाद वार्श की नियुक्ति हुई। मई 2026 में पदभार संभालने के बाद से यह उनकी दूसरी एफओएमसी बैठक थी।
एफओएमसी की अगली बैठक कब होगी और यह क्यों अहम है?
अगली एफओएमसी बैठक सितंबर में होगी, जो नवंबर के अमेरिकी मिड-टर्म चुनाव से पहले आखिरी बैठक होगी। इससे इस बैठक का राजनीतिक और आर्थिक दोनों दृष्टि से विशेष महत्व है, क्योंकि ब्याज दर का कोई भी फैसला चुनावी माहौल को प्रभावित कर सकता है।
राष्ट्रपति ट्रंप का फेड के फैसले पर क्या रुख है?
ट्रंप ब्याज दर में कटौती न होने से नाराज़ बताए जा रहे हैं, लेकिन उन्होंने सार्वजनिक रूप से वार्श का बचाव किया और दरें न घटाने का दोष एफओएमसी बोर्ड पर डाला। उन्होंने कहा कि बोर्ड 'पॉलिटिकल' है और रेट को ऊपर रखना चाहता है।
राष्ट्र प्रेस
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