फेडरल रिजर्व ने ब्याज दर 3.5–3.75% पर बरकरार रखी, चेयरमैन वार्श ने 2% महंगाई लक्ष्य पर अडिग रहने का संकल्प दोहराया
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने जून 2026 की फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) बैठक में संघीय ब्याज दर को 3.5% से 3.75% के दायरे में यथावत बनाए रखने का निर्णय लिया है। 15 जुलाई को वाशिंगटन में अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की फाइनेंशियल सर्विसेज कमेटी के समक्ष अपनी पहली गवाही में फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वार्श ने स्पष्ट किया कि केंद्रीय बैंक 2% महंगाई लक्ष्य हासिल करने तक दरों में ढील देने को तैयार नहीं है।
ब्याज दर पर फैसला और मौद्रिक रुख
वार्श ने समिति को बताया कि FOMC ने सर्वसम्मति से संघीय ब्याज दर 3.5%–3.75% पर स्थिर रखने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा, 'हमारी समिति के सदस्य लंबे समय तक ऊँची महंगाई को बिल्कुल स्वीकार नहीं करेंगे। हम 2 प्रतिशत महंगाई के लक्ष्य को हासिल करने और कीमतों में स्थिरता बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। यह जिम्मेदारी किसी और पर डालने का समय नहीं है।' यह रुख संकेत देता है कि निकट भविष्य में दर कटौती की संभावना सीमित है।
अमेरिकी अर्थव्यवस्था की मौजूदा स्थिति
वार्श ने रेखांकित किया कि हाल के वैश्विक उथल-पुथल के बावजूद अमेरिकी अर्थव्यवस्था मजबूत गति से आगे बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि घरेलू उपभोग में कुछ नरमी जरूर आई है, किंतु मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में विस्तार जारी है और श्रम बाजार सुदृढ़ बना हुआ है। हालाँकि, हाउसिंग क्षेत्र अभी भी अपेक्षित रफ्तार नहीं पकड़ पाया है।
कारोबारी निवेश को उन्होंने अर्थव्यवस्था की सबसे उल्लेखनीय विशेषता बताया — पहली तिमाही में मशीनों और उपकरणों में निवेश करीब 8% बढ़ा, जबकि हाई-टेक उपकरणों पर खर्च में लगभग 25% की वृद्धि दर्ज हुई। इसका प्रमुख कारण डेटा सेंटरों का निर्माण और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े उपकरणों व सॉफ्टवेयर की बढ़ती माँग है।
AI और उत्पादकता पर फेडरल रिजर्व का नजरिया
वार्श ने स्वीकार किया कि फिलहाल यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं है कि AI से अर्थव्यवस्था को दीर्घकाल में कितना लाभ होगा, लेकिन उनका मानना है कि भविष्य में AI से जुड़ा निवेश सामान्य पूंजीगत निवेश का अभिन्न हिस्सा बन जाएगा। उन्होंने कहा कि फेडरल रिजर्व यह भी देख रहा है कि AI का रोजगार और महंगाई पर क्या असर पड़ता है। उत्पादकता वृद्धि मजबूत बनी हुई है, श्रमबल स्थिर है और रोजगार सृजन कार्यबल की वृद्धि के अनुरूप जारी है।
व्यापक समीक्षा और टास्क फोर्स
सुनवाई के दौरान वार्श ने घोषणा की कि फेडरल रिजर्व पाँच प्रमुख क्षेत्रों — संचार व्यवस्था, बैलेंस शीट नीति, मौजूदा आंकड़ों का उपयोग, उत्पादकता एवं रोजगार तथा महंगाई के ढाँचे — की व्यापक समीक्षा करेगा। इन विषयों पर गठित टास्क फोर्स वर्ष के अंत तक अपनी रिपोर्ट सौंपेंगी। यह समीक्षा केंद्रीय बैंक की कार्यप्रणाली में संभावित बदलाव का संकेत देती है।
राजनीतिक तनाव और फेडरल रिजर्व की स्वायत्तता
सुनवाई में राजनीतिक मतभेद भी उभरे। रिपब्लिकन समिति अध्यक्ष फ्रेंच हिल ने फेडरल रिजर्व से मूल्य स्थिरता पर पूरा ध्यान केंद्रित रखने की अपील की, जबकि डेमोक्रेटिक सदस्य मैक्सीन वॉटर्स ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फेडरल रिजर्व की स्वतंत्रता को लेकर सवाल उठाए। वार्श ने दो टूक जवाब दिया — 'हम एक स्वतंत्र केंद्रीय बैंक हैं, और हमें अपनी स्वतंत्रता पर गर्व है।' राजनीतिक दबाव के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, 'मैं अपना काम करता रहूंगा।'
गौरतलब है कि फेडरल रिजर्व के ब्याज दर संबंधी निर्णयों का असर केवल अमेरिका में कर्ज की लागत और डॉलर की मजबूती तक सीमित नहीं रहता — वैश्विक निवेश प्रवाह, दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों की नीतियाँ और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय बाजार भी इससे सीधे प्रभावित होते हैं। भारत जैसे उभरते बाजारों में विदेशी पूंजी प्रवाह और रुपये की विनिमय दर पर भी इसकी छाया पड़ती है। आने वाले महीनों में फेडरल रिजर्व के अगले कदम पर वैश्विक निवेशकों की नजरें टिकी रहेंगी।