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ट्रंप ने फेड चेयरमैन केविन वार्श को बताया 'शानदार', ब्याज दरें घटाने पर दिया ज़ोर

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ट्रंप ने फेड चेयरमैन केविन वार्श को बताया 'शानदार', ब्याज दरें घटाने पर दिया ज़ोर

सारांश

ट्रंप ने NBC के 'मीट द प्रेस' में नए फेड चेयरमैन केविन वार्श को 'शानदार' बताया और साफ कहा कि मज़बूत जॉब्स रिपोर्ट के बावजूद ब्याज दरें बढ़ाना सफलता को दंडित करना है। वार्श की पहली फेड बैठक से ठीक पहले आया यह बयान अमेरिकी मौद्रिक नीति की दिशा पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।

मुख्य बातें

डोनाल्ड ट्रंप ने 7 जून 2026 को NBC के 'मीट द प्रेस' में नए फेड चेयरमैन केविन वार्श पर पूरा भरोसा जताया।
ट्रंप ने उम्मीद से बेहतर जॉब्स रिपोर्ट के बावजूद फेडरल रिजर्व से ब्याज दरें घटाने की वकालत की।
ट्रंप ने कहा कि दरें बढ़ाना 'सफलता को खत्म करना' है और ग्रोथ से महंगाई नहीं होती।
वार्श इस महीने के अंत में अपनी पहली फेड बैठक की अध्यक्षता करेंगे।
वार्श को मज़बूत श्रम बाज़ार, महंगाई जोखिम और वैश्विक अनिश्चितता के बीच नीतिगत संतुलन बनाना होगा।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 7 जून 2026 को नवनियुक्त फेडरल रिजर्व चेयरमैन केविन वार्श पर पूरा भरोसा जताते हुए कहा कि वह मौद्रिक नीति पर अपने निर्णय स्वतंत्र रूप से लें। साथ ही ट्रंप ने स्पष्ट किया कि उम्मीद से बेहतर रोज़गार आँकड़ों के बावजूद अमेरिकी केंद्रीय बैंक को ब्याज दरें बढ़ाने के बजाय घटानी चाहिए।

मीट द प्रेस में ट्रंप के अहम बयान

NBC के कार्यक्रम 'मीट द प्रेस' को दिए एक विशेष साक्षात्कार में ट्रंप ने कहा कि वार्श की आगामी पहली फेड बैठक से पहले उन पर किसी तरह का दबाव डालने का उनका कोई इरादा नहीं है। उन्होंने कहा, "मेरी भावना अलग है। मुझे लगता है कि केविन शानदार हैं और मैं चाहता हूं कि वह जो चाहें करें। मैं उन पर ज़्यादा दबाव नहीं डालना चाहता।"

यह बयान ताज़ा जॉब्स रिपोर्ट जारी होने के तुरंत बाद आया, जिसे ट्रंप ने मज़बूत अमेरिकी अर्थव्यवस्था का प्रमाण बताते हुए कहा, "हमारी रिपोर्ट बहुत अच्छी थी। हम बहुत अच्छा कर रहे हैं।"

दरें बढ़ाने के तर्क को ट्रंप ने किया खारिज

जब ट्रंप से पूछा गया कि मज़बूत रोज़गार आँकड़े फेड को दरें बढ़ाने पर मजबूर कर सकते हैं, तो उन्होंने इस तर्क को सीधे नकार दिया। उन्होंने कहा, "ब्याज दरें बढ़ाने का कोई कारण नहीं है। देश महान बनता है। हमने अच्छा काम करके और दरें कम रखकर देश बनाया है।"

ट्रंप ने यह भी कहा कि आज के बाज़ार मज़बूत आर्थिक आँकड़ों पर नकारात्मक प्रतिक्रिया देते हैं क्योंकि निवेशक सख्त मौद्रिक नीति की आशंका में रहते हैं। उनके शब्दों में, "जब वे ब्याज दरें बढ़ाते हैं तो वे सफलता को खत्म करने की कोशिश करते हैं। मैं सफलता को खत्म नहीं करना चाहता।"

विकास और महंगाई पर ट्रंप का नज़रिया

ट्रंप ने इस प्रचलित आर्थिक धारणा को भी चुनौती दी कि तेज़ आर्थिक विस्तार अनिवार्य रूप से महंगाई को बढ़ाता है। उन्होंने कहा, "ग्रोथ सबसे बड़ी चीज़ है जो आपके पास हो सकती है और ग्रोथ से महंगाई नहीं होती।" उन्होंने यह भी कहा कि कम उधारी लागत से आर्थिक विकास को गति मिलेगी और सरकारी कर्ज़ चुकाने में सहूलियत होगी।

ट्रंप ने अपनी महत्वाकांक्षा को स्पष्ट करते हुए कहा, "मैं चाहूंगा कि दरें कम हों क्योंकि हम इसे दुनिया की अब तक की सबसे बड़ी मशीन बना सकते हैं।"

वार्श पर भरोसा, लेकिन पसंद साफ

जब ट्रंप से पूछा गया कि अगर फेड दरें बढ़ाता है तो क्या वे नाराज़ होंगे, तो उन्होंने वार्श के प्रति सम्मान दोहराते हुए अपनी राय स्पष्ट की। उन्होंने कहा, "केविन के साथ रहने के कारण, मैं उनकी बहुत इज्जत करता हूं, लेकिन मुझे लगता है कि जब कोई देश अच्छा कर रहा हो, तो उसे तुरंत ब्याज दरें बढ़ाकर सज़ा नहीं मिलनी चाहिए। उन्हें असल में बढ़ावा दिया जाना चाहिए।"

केविन वार्श: नए फेड चेयरमैन की चुनौतियाँ

फेडरल रिजर्व के पूर्व गवर्नर केविन वार्श को लंबे समय से एक प्रमुख रिपब्लिकन आर्थिक आवाज़ माना जाता रहा है। फेड चेयर के रूप में वह ऐसे नाज़ुक दौर में नीतिगत फैसलों की कमान संभालेंगे जब मज़बूत श्रम बाज़ार के आँकड़ों को महंगाई के जोखिमों, भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के साथ संतुलित करना होगा। गौरतलब है कि इस महीने के अंत में होने वाली उनकी पहली फेड बैठक से पहले ट्रंप का यह बयान बाज़ारों और नीति-निर्माताओं दोनों के लिए एक स्पष्ट संकेत है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन सार्वजनिक मंच पर 'दरें कम करो' की बार-बार दोहराई जा रही माँग अप्रत्यक्ष दबाव से कम नहीं है। फेड की संस्थागत स्वतंत्रता इसी तरह के राजनीतिक संकेतों से ऐतिहासिक रूप से कमज़ोर हुई है। विडंबना यह है कि मज़बूत जॉब्स डेटा को दर-कटौती के तर्क के रूप में पेश करना परंपरागत मौद्रिक सिद्धांत के उलट है — और बाज़ारों को एक भ्रामक संकेत भेजता है। वार्श की असली परीक्षा यही होगी कि वे व्हाइट हाउस के दबाव और फेड की विश्वसनीयता के बीच कितनी स्पष्ट लकीर खींच पाते हैं।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ट्रंप ने फेड चेयरमैन केविन वार्श के बारे में क्या कहा?
ट्रंप ने वार्श को 'शानदार' बताया और कहा कि वह मौद्रिक नीति पर अपने फैसले स्वतंत्र रूप से लें। हालाँकि, उन्होंने साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि वे चाहते हैं कि फेड ब्याज दरें घटाए।
ट्रंप ब्याज दरें घटाने की माँग क्यों कर रहे हैं?
ट्रंप का तर्क है कि कम ब्याज दरें आर्थिक विकास को गति देती हैं, सरकारी कर्ज़ चुकाना आसान बनाती हैं और देश को 'दुनिया की सबसे बड़ी आर्थिक मशीन' बनाने में मदद करती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ग्रोथ से महंगाई नहीं होती।
केविन वार्श कौन हैं और उनकी पहली फेड बैठक कब है?
केविन वार्श फेडरल रिजर्व के पूर्व गवर्नर और एक प्रमुख रिपब्लिकन आर्थिक विशेषज्ञ हैं जिन्हें हाल ही में फेड चेयरमैन नियुक्त किया गया है। उनकी पहली फेडरल रिजर्व बैठक जून 2026 के अंत में होने वाली है।
मज़बूत जॉब्स रिपोर्ट के बाद भी ट्रंप दरें बढ़ाने के खिलाफ क्यों हैं?
ट्रंप ने कहा कि अच्छे आर्थिक प्रदर्शन को ब्याज दरें बढ़ाकर 'दंडित' नहीं किया जाना चाहिए। उनके अनुसार, दरें बढ़ाना सफलता को खत्म करने जैसा है और बाज़ार इसीलिए अच्छी रिपोर्टों पर नकारात्मक प्रतिक्रिया देते हैं।
वार्श के सामने फेड चेयरमैन के रूप में क्या चुनौतियाँ हैं?
वार्श को मज़बूत श्रम बाज़ार आँकड़ों, महंगाई के जोखिमों और वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बीच नीतिगत संतुलन बनाना होगा। इसके साथ ही उन्हें राष्ट्रपति ट्रंप की दर-कटौती की प्राथमिकता और फेड की संस्थागत स्वतंत्रता के बीच भी संतुलन बनाए रखना होगा।
राष्ट्र प्रेस
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