20 अगस्त 2026
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ट्रंप का फेडरल रिजर्व पर तीखा हमला: ब्याज दरें 'बेतुकी', कटौती की मांग दोहराई

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ट्रंप का फेडरल रिजर्व पर तीखा हमला: ब्याज दरें 'बेतुकी', कटौती की मांग दोहराई

सारांश

ट्रंप ने एक बार फिर फेडरल रिजर्व को घेरा — मौजूदा ब्याज दरों को 'बेतुका' और 'कृत्रिम रूप से ऊँचा' बताया। स्विट्जरलैंड से तुलना की, बोर्ड को 'राजनीतिक' कहा और चेताया कि हर 1% की वृद्धि 600 अरब डॉलर का बोझ डालती है। केंद्रीय बैंक की स्वायत्तता पर यह टकराव नई तीखी दिशा ले रहा है।

मुख्य बातें

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 20 अगस्त को व्हाइट हाउस में फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति को 'बेतुकी' करार दिया।
ट्रंप ने कहा — ब्याज दर में हर 1% की वृद्धि से अमेरिका पर 600 अरब डॉलर का अतिरिक्त बोझ पड़ता है।
स्विट्जरलैंड की 0.5% दर से तुलना करते हुए अमेरिका की 3.5% दर को अनुचित बताया।
फेड के अध्यक्ष की तारीफ की, लेकिन बोर्ड को 'राजनीतिक' कहा; ओबामा, बाइडेन और खुद की नियुक्तियों का ज़िक्र किया।
बॉन्ड बाज़ार की अस्थिरता को लेकर चिंताओं को खारिज किया; कहा — अर्थव्यवस्था मज़बूत है और खरबों डॉलर का निवेश आ रहा है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 20 अगस्त को व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति पर तीखा प्रहार किया और मौजूदा उधारी लागत को 'बेतुकी' करार दिया। उन्होंने ब्याज दरों में तत्काल कटौती की माँग दोहराई और बॉन्ड बाज़ार में अस्थिरता को लेकर जताई जा रही चिंताओं को सिरे से खारिज कर दिया।

ट्रंप के मुख्य आरोप

ट्रंप ने तर्क दिया कि जब भी अमेरिका मज़बूत आर्थिक आँकड़े पेश करता है, फेडरल रिजर्व महंगाई की आशंका से ब्याज दरें बढ़ा देता है। उनके अनुसार यह नीति अमेरिकी अर्थव्यवस्था के हित में नहीं है।

उन्होंने कहा, 'हर बार जब हम बेहतरीन प्रदर्शन करते हैं और शानदार आर्थिक आँकड़े घोषित करते हैं, तो ब्याज दरें बढ़ जाती हैं। दरें बढ़ने के बजाय घटनी चाहिए, क्योंकि देश मज़बूत स्थिति में है।'

स्विट्जरलैंड से तुलना

ट्रंप ने स्विट्जरलैंड का उदाहरण देते हुए सवाल उठाया कि अमेरिका को उन देशों की तुलना में ऊँची ब्याज दरें क्यों चुकानी पड़ती हैं जो अमेरिकी बाज़ार पर काफी हद तक निर्भर हैं।

उन्होंने कहा, 'मैं स्विट्जरलैंड जैसे देशों को देखता हूँ, जहाँ ब्याज दरें केवल आधा प्रतिशत हैं, जबकि हमें 3.5 प्रतिशत का भुगतान करना पड़ता है।' उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका यदि चाहे तो व्यापारिक संबंध सीमित कर कई देशों की अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकता है, इसलिए उन देशों को अमेरिका से सस्ती दरों पर कर्ज़ मिलना तर्कसंगत नहीं।

फेड बोर्ड पर राजनीतिक आरोप

ट्रंप ने फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष की प्रशंसा की, लेकिन केंद्रीय बैंक के बोर्ड को 'राजनीतिक' करार दिया। उन्होंने कहा कि बोर्ड में ओबामा, बाइडेन और स्वयं उनके द्वारा नियुक्त सदस्य हैं।

उन्होंने कहा, 'हमारे पास एक शानदार अध्यक्ष हैं और मुझे लगता है कि वह अच्छा काम कर रहे हैं। समस्या बोर्ड है, जो राजनीतिक है।' उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें नहीं पता कि बोर्ड सदस्य ब्याज दरें बढ़ाने के पक्ष में इसलिए मतदान करते हैं क्योंकि उन्हें यह सही लगता है, या इसके पीछे राजनीतिक कारण हैं।

राजकोषीय असर का दावा

ट्रंप ने दावा किया कि ब्याज दर में प्रत्येक एक प्रतिशत की वृद्धि से अमेरिकी संघीय सरकार पर लगभग 600 अरब डॉलर का अतिरिक्त बोझ पड़ता है। उन्होंने कहा कि अमेरिका को दुनिया में सबसे कम ब्याज दरें चुकानी चाहिए।

बॉन्ड बाज़ार की अस्थिरता पर उन्होंने कहा, 'नहीं, मुझे ऐसा नहीं लगता। हमारा देश ऊँची ब्याज दरों के बावजूद बहुत अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। मौजूदा ब्याज दरें कृत्रिम रूप से ऊँची रखी गई हैं।'

निवेश और आर्थिक दावे

ट्रंप ने कहा कि कारखानों, विनिर्माण इकाइयों और अन्य परियोजनाओं में निवेश के लिए खरबों डॉलर अमेरिका में आ रहे हैं, जिससे अर्थव्यवस्था ऊँची उधारी लागत के बावजूद मज़बूती से आगे बढ़ रही है। यह ऐसे समय में आया है जब फेडरल रिजर्व पर दबाव बनाने की ट्रंप की कोशिशें लगातार जारी हैं और केंद्रीय बैंक की स्वायत्तता पर बहस तेज़ होती जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इस बार भाषा और तर्क दोनों तीखे हैं — बोर्ड को सीधे 'राजनीतिक' कहना केंद्रीय बैंक की संस्थागत साख पर सवाल उठाना है। गौरतलब है कि फेडरल रिजर्व की स्वायत्तता को अमेरिकी आर्थिक स्थिरता की आधारशिला माना जाता है, और राष्ट्रपति का इस तरह बार-बार दबाव बनाना वैश्विक बाज़ारों में अनिश्चितता बढ़ाता है। 600 अरब डॉलर प्रति प्रतिशत का दावा चाहे जितना प्रभावशाली लगे, यह सरलीकृत है — वास्तविक असर ऋण परिपक्वता प्रोफाइल पर निर्भर करता है। असली सवाल यह है कि क्या यह दबाव फेड की नीति को वाकई प्रभावित करेगा, या केवल राजनीतिक संदेश है — क्योंकि अब तक फेड ने राष्ट्रपति की माँगों के आगे झुकने से परहेज़ किया है।
RashtraPress
20 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ट्रंप ने फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को 'बेतुकी' क्यों कहा?
ट्रंप का तर्क है कि अमेरिका जैसी मज़बूत अर्थव्यवस्था में ऊँची ब्याज दरें अनावश्यक हैं और ये कृत्रिम रूप से बढ़ाई गई हैं। उनके अनुसार जब भी अमेरिका अच्छे आर्थिक आँकड़े पेश करता है, फेड महंगाई की आशंका से दरें बढ़ा देता है, जो उन्हें तर्कसंगत नहीं लगता।
ट्रंप के अनुसार ब्याज दर में 1% की वृद्धि से कितना बोझ पड़ता है?
ट्रंप ने दावा किया कि ब्याज दर में प्रत्येक एक प्रतिशत की वृद्धि से अमेरिकी संघीय सरकार पर लगभग 600 अरब डॉलर का अतिरिक्त बोझ पड़ता है। इसी आधार पर उन्होंने तत्काल दर कटौती की माँग दोहराई।
ट्रंप ने फेडरल रिजर्व के बोर्ड पर क्या आरोप लगाए?
ट्रंप ने फेड बोर्ड को 'राजनीतिक' बताया और कहा कि इसमें ओबामा, बाइडेन और खुद उनके द्वारा नियुक्त सदस्य हैं। उन्होंने फेड अध्यक्ष की तारीफ की, लेकिन बोर्ड के ब्याज दर बढ़ाने के फैसलों पर संदेह जताया।
ट्रंप ने स्विट्जरलैंड का उदाहरण क्यों दिया?
ट्रंप ने यह दिखाने के लिए स्विट्जरलैंड का उदाहरण दिया कि अमेरिका पर निर्भर छोटे देशों को 0.5% जैसी कम दरों पर कर्ज़ मिलता है, जबकि अमेरिका खुद 3.5% चुकाता है। उनका तर्क था कि यह असंतुलन उचित नहीं है।
बॉन्ड बाज़ार की अस्थिरता पर ट्रंप का क्या कहना है?
ट्रंप ने बॉन्ड बाज़ार में उतार-चढ़ाव को लेकर जताई जा रही चिंताओं को खारिज किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका ऊँची दरों के बावजूद अच्छा प्रदर्शन कर रहा है और खरबों डॉलर का विदेशी निवेश आ रहा है, इसलिए घबराने की ज़रूरत नहीं।
राष्ट्र प्रेस
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