पोलैंड में अमेरिकी सैन्य बेस पर ट्रंप का संकेत, बोले — 'हो सकता है फैसला पहले ही ले लिया हो'
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2 अक्टूबर 2026 को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उनका प्रशासन पोलैंड में एक स्थायी अमेरिकी सैन्य बेस स्थापित करने पर सक्रिय रूप से विचार कर रहा है। टेक्सास रवाना होने से पहले व्हाइट हाउस के बाहर हुई इस संक्षिप्त प्रेस वार्ता में ट्रंप ने विदेश नीति, अमेरिकी अर्थव्यवस्था और ब्याज दरों समेत कई संवेदनशील मुद्दों पर अपनी राय साझा की।
पोलैंड पर क्या बोले ट्रंप
पोलैंड में सैन्य बेस की संभावना पर सीधे सवाल पूछे जाने पर ट्रंप ने कहा, 'हम इस पर विचार कर रहे हैं और पोलैंड के राष्ट्रपति के लिए हमारे मन में बहुत सम्मान है। इसलिए हम इसे देख रहे हैं और ऐसा हो सकता है।' जब उनसे पूछा गया कि अंतिम फैसला क्यों नहीं लिया गया, तो ट्रंप ने रहस्यमय अंदाज़ में कहा, 'आपको नहीं पता कि मैंने फैसला लिया है या नहीं। हो सकता है मैंने फैसला पहले ही ले लिया हो। मुझे पोलैंड पसंद है।'
यह ऐसे समय में आया है जब नाटो (NATO) के पूर्वी मोर्चे पर सुरक्षा बहस तेज़ है और पोलैंड खुद अमेरिकी स्थायी सैन्य उपस्थिति की माँग करता रहा है। गौरतलब है कि फिलहाल अमेरिका के लगभग 10,000 सैनिक पोलैंड में रोटेशनल आधार पर तैनात हैं, लेकिन कोई स्थायी बेस नहीं है।
यूक्रेन और इराक पर अमेरिकी रुख
यूक्रेन को अमेरिकी समर्थन जारी रहेगा या नहीं — इस प्रश्न पर ट्रंप ने संक्षिप्त जवाब दिया। उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि इसका समाधान निकल जाएगा।' यह जवाब अपने आप में एक कूटनीतिक संकेत माना जा रहा है, क्योंकि ट्रंप ने यूक्रेन की लड़ाई को लेकर पहले भी अस्पष्ट रुख अपनाया है।
इराक से अमेरिकी वापसी के बाद सहयोगियों को समर्थन देने के सवाल पर ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अमेरिका अपने सहयोगियों का साथ नहीं छोड़ेगा।
ब्राजील और दक्षिण अमेरिका पर नज़र
ट्रंप ने कहा कि वह ब्राजील के चुनाव पर 'बहुत करीब से नज़र' रख रहे हैं। उन्होंने कहा, 'ब्राजील बहुत महत्वपूर्ण देश है। यह एक शानदार देश है। ब्राजील के लोग शानदार हैं। यह बहुत महत्वपूर्ण चुनाव है।' जब उनसे पूछा गया कि क्या अमेरिका वेनेजुएला या दक्षिण अमेरिका में कहीं और सैन्य बेस बनाने की योजना बना रहा है, तो उन्होंने कहा कि वॉशिंगटन 'कई चीजों पर विचार कर रहा है' और अमेरिका के संबंध 'बहुत अच्छे चल रहे हैं।'
ट्रंप ने वेनेजुएला के तेल का भी उल्लेख किया। उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिका वेनेजुएला के तेल को अपने स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिज़र्व (Strategic Petroleum Reserve) को भरने के लिए 'बहुत कम कीमत' पर खरीद सकता है। ट्रंप ने कहा, 'अगर वेनेजुएला बहुत पैसा कमा रहा है और हम भी पैसा कमा रहे हैं, तो हम बहुत कम कीमत पर वेनेजुएला के तेल से अपने राष्ट्रीय रणनीतिक भंडार को भरना शुरू करेंगे और यह बहुत अच्छा होगा।'
ब्याज दरों पर फेड से टकराव
अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर बोलते हुए ट्रंप ने एक बार फिर फेडरल रिज़र्व से ब्याज दरें घटाने की माँग की। उनका तर्क था कि महंगाई नियंत्रण में है और ऊँची ब्याज दरें आर्थिक विकास की रफ्तार को धीमा कर सकती हैं। उन्होंने कहा, 'हम विकास चाहते हैं और विकास से महंगाई नहीं बढ़ती।'
ट्रंप ने फेडरल रिज़र्व के चेयरमैन केविन वॉर्श का ज़िक्र करते हुए कहा कि वह चाहते हैं कि वॉर्श 'अपने हिसाब से वोट करें,' लेकिन साथ ही उन्होंने अपना रुख स्पष्ट किया कि वे खुद कम ब्याज दरों के पक्ष में हैं। यह ऐसे समय में आया है जब फेड और व्हाइट हाउस के बीच मौद्रिक नीति को लेकर तनाव की खबरें पहले भी सामने आ चुकी हैं।
संचार रणनीति पर ट्रंप की स्वीकारोक्ति
ट्रंप ने अंत में माना कि उनका प्रशासन अमेरिकी जनता तक अपनी आर्थिक उपलब्धियों को 'ठीक तरीके से' पहुँचाने में सफल नहीं रहा है। यह स्वीकारोक्ति उल्लेखनीय है, क्योंकि इससे पहले ट्रंप अपने प्रशासन की कार्यशैली की तारीफ करते रहे हैं। आने वाले हफ्तों में पोलैंड बेस और ब्याज दर नीति दोनों मुद्दों पर औपचारिक घोषणाओं की प्रतीक्षा रहेगी।