ट्रंप की फेडरल रिजर्व से अपील: ब्याज दरें घटाएं, अमेरिका को चाहिए दुनिया की सबसे कम उधारी दर
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 28 जुलाई 2026 को फेडरल रिजर्व पर ब्याज दरों में कटौती का दबाव बनाते हुए कहा कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था की विस्तार क्षमता को देखते हुए देश में दुनिया की सबसे कम उधारी दरें होनी चाहिए। यह बयान ऐसे समय आया है जब इसी सप्ताह फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) की अहम बैठक होने वाली है।
मिशिगन रवाना होते वक्त एयर फोर्स वन पर दिया बयान
ट्रंप ने मिशिगन जाते समय एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान यह टिप्पणी की। उन्होंने कहा, "ब्याज दरें कम की जानी चाहिए। यह देश 8, 9, 10 फीसदी, यहाँ तक कि 12 फीसदी जीडीपी वृद्धि हासिल कर सकता है। ऐसा ही होना चाहिए।" गौरतलब है कि राष्ट्रपति पारंपरिक रूप से फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति को सार्वजनिक रूप से प्रभावित करने से परहेज करते हैं, लेकिन ट्रंप इस परंपरा को बार-बार चुनौती देते रहे हैं।
अमेरिका की दरें निर्भर देशों से भी अधिक — ट्रंप का तर्क
ट्रंप ने तर्क दिया कि अमेरिका में ब्याज दरें उन देशों से भी अधिक हैं जो आर्थिक और सुरक्षा के लिहाज से अमेरिका पर निर्भर हैं। उन्होंने कहा, "दुनिया में सबसे कम ब्याज दर अमेरिका की होनी चाहिए। ऐसे कई देश हैं जहाँ ब्याज दरें हमसे कम हैं, जबकि अगर अमेरिका उनका साथ न दे तो उनका अस्तित्व भी मुश्किल हो जाए।" उन्होंने स्विट्जरलैंड का उदाहरण देते हुए कहा कि अमेरिका के साथ $30 अरब का व्यापार घाटा होने के बावजूद वहाँ उधारी दरें कहीं कम हैं।
फेड बोर्ड पर राजनीतिक प्रभाव का आरोप
जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या उन्हें महंगाई नियंत्रण के लिए फेडरल रिजर्व द्वारा दरें बढ़ाए जाने की आशंका है, तो उन्होंने केंद्रीय बैंक के बोर्ड पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, "केविन शानदार हैं, लेकिन उनके पास भी एक बोर्ड है और मेरा मानना है कि बोर्ड के सदस्य काफी हद तक राजनीतिक सोच से प्रभावित हैं। वह सही काम करना चाहते हैं, लेकिन इसके लिए उन्हें कुछ ऐसे लोगों की सहमति चाहिए, जिनकी मंशा शायद ठीक नहीं है।" यह टिप्पणी फेडरल रिजर्व की स्वायत्तता पर सवाल उठाने वाली ट्रंप की अब तक की सबसे तीखी टिप्पणियों में से एक मानी जा रही है।
बाइडेन पर महंगाई का ठीकरा, ईरान संघर्ष से कीमतों का संबंध
ट्रंप ने हालिया महंगाई के आँकड़ों का हवाला देते हुए दावा किया कि कीमतें तेजी से घट रही हैं। उन्होंने एक बार फिर पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन को उनके कार्यकाल की महंगाई के लिए जिम्मेदार ठहराया। ट्रंप ने कहा, "मुझे बाइडेन से इतिहास की सबसे खराब महंगाई विरासत में मिली थी, लेकिन अब लागत तेजी से घट रही है।" इसके अलावा उन्होंने महंगाई के भविष्य को ईरान से जुड़े जारी संघर्ष से जोड़ते हुए कहा, "जैसे ही यह युद्ध खत्म होगा, आप कीमतों में बड़ी गिरावट देखेंगे।"
आगे क्या होगा
इस सप्ताह होने वाली FOMC बैठक में फेडरल रिजर्व के दर-संबंधी फैसले पर सबकी नजरें टिकी हैं। आलोचकों का कहना है कि राष्ट्रपति का सार्वजनिक दबाव केंद्रीय बैंक की स्वतंत्रता को कमजोर कर सकता है, जो दशकों से अमेरिकी मौद्रिक नीति की आधारशिला रही है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक बाजार अमेरिकी दरों के संकेतों पर बारीकी से नजर रख रहे हैं।