28 जुलाई 2026
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ट्रंप की फेडरल रिजर्व से अपील: ब्याज दरें घटाएं, अमेरिका को चाहिए दुनिया की सबसे कम उधारी दर

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ट्रंप की फेडरल रिजर्व से अपील: ब्याज दरें घटाएं, अमेरिका को चाहिए दुनिया की सबसे कम उधारी दर

सारांश

ट्रंप ने FOMC बैठक से ठीक पहले फेडरल रिजर्व पर ब्याज दरें घटाने का दबाव बनाया — दावा किया कि अमेरिका 12% तक की GDP वृद्धि हासिल कर सकता है। फेड बोर्ड पर राजनीतिक प्रभाव का आरोप लगाते हुए उन्होंने केंद्रीय बैंक की स्वायत्तता पर एक बार फिर सवाल खड़े किए।

मुख्य बातें

डोनाल्ड ट्रंप ने 28 जुलाई 2026 को एयर फोर्स वन पर फेडरल रिजर्व से ब्याज दरें घटाने की अपील की।
ट्रंप का दावा — अमेरिका 8 से 12 फीसदी तक जीडीपी वृद्धि हासिल कर सकता है, इसलिए दुनिया की सबसे कम उधारी दर अमेरिका की होनी चाहिए।
इसी सप्ताह FOMC की बैठक होनी है, जिसमें दर-संबंधी फैसला अपेक्षित है।
ट्रंप ने फेड बोर्ड के सदस्यों पर राजनीतिक सोच से प्रभावित होने का आरोप लगाया।
पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन को उनके कार्यकाल की महंगाई के लिए जिम्मेदार ठहराया; ईरान संघर्ष समाप्त होने पर कीमतों में बड़ी गिरावट का दावा।
स्विट्जरलैंड के साथ $30 अरब के व्यापार घाटे का उल्लेख करते हुए वहाँ की कम दरों को उदाहरण के तौर पर पेश किया।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 28 जुलाई 2026 को फेडरल रिजर्व पर ब्याज दरों में कटौती का दबाव बनाते हुए कहा कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था की विस्तार क्षमता को देखते हुए देश में दुनिया की सबसे कम उधारी दरें होनी चाहिए। यह बयान ऐसे समय आया है जब इसी सप्ताह फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) की अहम बैठक होने वाली है।

मिशिगन रवाना होते वक्त एयर फोर्स वन पर दिया बयान

ट्रंप ने मिशिगन जाते समय एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान यह टिप्पणी की। उन्होंने कहा, "ब्याज दरें कम की जानी चाहिए। यह देश 8, 9, 10 फीसदी, यहाँ तक कि 12 फीसदी जीडीपी वृद्धि हासिल कर सकता है। ऐसा ही होना चाहिए।" गौरतलब है कि राष्ट्रपति पारंपरिक रूप से फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति को सार्वजनिक रूप से प्रभावित करने से परहेज करते हैं, लेकिन ट्रंप इस परंपरा को बार-बार चुनौती देते रहे हैं।

अमेरिका की दरें निर्भर देशों से भी अधिक — ट्रंप का तर्क

ट्रंप ने तर्क दिया कि अमेरिका में ब्याज दरें उन देशों से भी अधिक हैं जो आर्थिक और सुरक्षा के लिहाज से अमेरिका पर निर्भर हैं। उन्होंने कहा, "दुनिया में सबसे कम ब्याज दर अमेरिका की होनी चाहिए। ऐसे कई देश हैं जहाँ ब्याज दरें हमसे कम हैं, जबकि अगर अमेरिका उनका साथ न दे तो उनका अस्तित्व भी मुश्किल हो जाए।" उन्होंने स्विट्जरलैंड का उदाहरण देते हुए कहा कि अमेरिका के साथ $30 अरब का व्यापार घाटा होने के बावजूद वहाँ उधारी दरें कहीं कम हैं।

फेड बोर्ड पर राजनीतिक प्रभाव का आरोप

जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या उन्हें महंगाई नियंत्रण के लिए फेडरल रिजर्व द्वारा दरें बढ़ाए जाने की आशंका है, तो उन्होंने केंद्रीय बैंक के बोर्ड पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, "केविन शानदार हैं, लेकिन उनके पास भी एक बोर्ड है और मेरा मानना है कि बोर्ड के सदस्य काफी हद तक राजनीतिक सोच से प्रभावित हैं। वह सही काम करना चाहते हैं, लेकिन इसके लिए उन्हें कुछ ऐसे लोगों की सहमति चाहिए, जिनकी मंशा शायद ठीक नहीं है।" यह टिप्पणी फेडरल रिजर्व की स्वायत्तता पर सवाल उठाने वाली ट्रंप की अब तक की सबसे तीखी टिप्पणियों में से एक मानी जा रही है।

बाइडेन पर महंगाई का ठीकरा, ईरान संघर्ष से कीमतों का संबंध

ट्रंप ने हालिया महंगाई के आँकड़ों का हवाला देते हुए दावा किया कि कीमतें तेजी से घट रही हैं। उन्होंने एक बार फिर पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन को उनके कार्यकाल की महंगाई के लिए जिम्मेदार ठहराया। ट्रंप ने कहा, "मुझे बाइडेन से इतिहास की सबसे खराब महंगाई विरासत में मिली थी, लेकिन अब लागत तेजी से घट रही है।" इसके अलावा उन्होंने महंगाई के भविष्य को ईरान से जुड़े जारी संघर्ष से जोड़ते हुए कहा, "जैसे ही यह युद्ध खत्म होगा, आप कीमतों में बड़ी गिरावट देखेंगे।"

आगे क्या होगा

इस सप्ताह होने वाली FOMC बैठक में फेडरल रिजर्व के दर-संबंधी फैसले पर सबकी नजरें टिकी हैं। आलोचकों का कहना है कि राष्ट्रपति का सार्वजनिक दबाव केंद्रीय बैंक की स्वतंत्रता को कमजोर कर सकता है, जो दशकों से अमेरिकी मौद्रिक नीति की आधारशिला रही है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक बाजार अमेरिकी दरों के संकेतों पर बारीकी से नजर रख रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन FOMC बैठक से ठीक पहले बोर्ड सदस्यों पर 'राजनीतिक मंशा' का आरोप लगाना केंद्रीय बैंक की संस्थागत विश्वसनीयता के लिए एक गंभीर चुनौती है। 12% GDP वृद्धि का दावा अर्थशास्त्रियों की मुख्यधारा की सोच से कोसों दूर है और इसे कोई ठोस नीतिगत आधार नहीं दिया गया। असली सवाल यह है कि क्या फेड इस सार्वजनिक दबाव के बावजूद अपनी स्वतंत्रता बनाए रखेगा — या बाजार इसे राजनीतिक हस्तक्षेप के रूप में पढ़ेंगे, जो डॉलर और बॉन्ड बाजारों पर उल्टा असर डाल सकता है।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ट्रंप ने फेडरल रिजर्व से ब्याज दरें घटाने की अपील क्यों की?
ट्रंप का तर्क है कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था की विस्तार क्षमता को देखते हुए देश में दुनिया की सबसे कम उधारी दरें होनी चाहिए, जिससे निवेश बढ़े और आर्थिक विकास को गति मिले। उन्होंने यह बयान FOMC की बैठक से ठीक पहले दिया।
FOMC की बैठक कब होगी और इसका क्या महत्व है?
फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) की बैठक 28 जुलाई 2026 वाले सप्ताह में निर्धारित है, जिसमें अमेरिकी ब्याज दरों पर अहम फैसला होना है। यह बैठक वैश्विक बाजारों के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
क्या राष्ट्रपति फेडरल रिजर्व को ब्याज दरें बदलने का आदेश दे सकते हैं?
नहीं। फेडरल रिजर्व एक स्वायत्त संस्था है और राष्ट्रपति उसे सीधे निर्देश नहीं दे सकते। परंपरागत रूप से राष्ट्रपति फेड की मौद्रिक नीति पर सार्वजनिक टिप्पणी से बचते हैं, हालांकि ट्रंप इस परंपरा को बार-बार चुनौती देते रहे हैं।
ट्रंप ने फेड बोर्ड पर क्या आरोप लगाया?
ट्रंप ने कहा कि फेड बोर्ड के कुछ सदस्य 'राजनीतिक सोच से प्रभावित' हैं और उनकी मंशा ठीक नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि फेड प्रमुख 'केविन' सही काम करना चाहते हैं लेकिन बोर्ड की सहमति के बिना वे आगे नहीं बढ़ सकते।
ट्रंप ने महंगाई और ईरान संघर्ष को कैसे जोड़ा?
ट्रंप ने दावा किया कि ईरान से जुड़ा जारी संघर्ष समाप्त होते ही कीमतों में बड़ी गिरावट आएगी। साथ ही उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति बाइडेन को उनके कार्यकाल में बढ़ी महंगाई के लिए जिम्मेदार ठहराया।
राष्ट्र प्रेस
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