एवीसी मेन्स कप 2025: भारत ने बहरीन को 3-1 से हराकर जीता ऐतिहासिक कांस्य पदक
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय पुरुष वॉलीबॉल टीम ने 28 जून 2025 को अहमदाबाद, गुजरात में खेले गए एवीसी मेन्स कप के कांस्य पदक प्ले-ऑफ में मौजूदा चैंपियन बहरीन को 3-1 (25-23, 23-25, 25-21, 25-17) से पराजित कर टूर्नामेंट के इतिहास में पहली बार पोडियम पर जगह बनाई। यह भारतीय वॉलीबॉल के लिए एक मील का पत्थर है, जो एशियाई स्तर पर देश की बढ़ती प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को रेखांकित करता है।
कांस्य पदक मैच का घटनाक्रम
पहले सेट में भारत ने 25-23 से बढ़त ली, लेकिन बहरीन ने दूसरे सेट में 25-23 से वापसी कर मुकाबला बराबर किया। तीसरे और चौथे सेट में भारतीय खिलाड़ियों ने आक्रामक सर्विंग, सुदृढ़ ब्लॉकिंग और तेज़ अटैक के बल पर क्रमशः 25-21 और 25-17 से जीत दर्ज की। अंतिम दो सेटों में भारत का दबदबा स्पष्ट था और बहरीन कोई प्रभावी जवाब नहीं दे सका।
सेमीफाइनल में इंडोनेशिया से करीबी हार
एक दिन पहले, भारत सेमीफाइनल में इंडोनेशिया के खिलाफ रोमांचक पाँचवें सेट में 2-3 (25-15, 24-26, 20-25, 25-19, 13-15) से हार गया था। भारत ने पहला सेट 25-15 से जीतकर दमदार शुरुआत की, लेकिन इंडोनेशिया ने दूसरा और तीसरा सेट अपने नाम कर लिया। भारत ने चौथा सेट 25-19 से जीतकर मुकाबले को निर्णायक सेट तक खींचा, परंतु इंडोनेशिया ने 15-13 से जीतकर फाइनल में प्रवेश किया।
भारतीय वॉलीबॉल के लिए ऐतिहासिक महत्व
यह कांस्य पदक एवीसी मेन्स कप के इतिहास में भारत का पहला पदक है। गौरतलब है कि पूरे टूर्नामेंट में भारत ने ऊँची रैंक वाली टीमों को चुनौती दी, बेहतर रणनीतिक अनुशासन दिखाया और साबित किया कि वे एशिया की शीर्ष टीमों से बराबरी का मुकाबला कर सकते हैं। यह प्रदर्शन ऐसे समय में आया है जब भारतीय वॉलीबॉल अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान मज़बूत करने की कोशिश में है।
आगे की राह
इस ऐतिहासिक पदक के बाद भारतीय वॉलीबॉल फेडरेशन और खिलाड़ियों का मनोबल ऊँचा रहेगा। आने वाले एशियाई टूर्नामेंटों में भारत इस प्रदर्शन को आधार बनाकर और बड़े लक्ष्य साध सकता है।