30 जुलाई 2026
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413 दिन की दंडवत यात्रा: महोबा का सुनील काजीगुंड पहुंचा, बाबा बर्फानी के दर्शन का संकल्प

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413 दिन की दंडवत यात्रा: महोबा का सुनील काजीगुंड पहुंचा, बाबा बर्फानी के दर्शन का संकल्प

सारांश

उत्तर प्रदेश के महोबा जिले का एक युवक 413 दिनों से पेट के बल दंडवत करते हुए अमरनाथ धाम की ओर बढ़ रहा है — देश में सुख-शांति की कामना लिए। यह यात्रा अब काजीगुंड तक पहुंची है और अमरनाथ मार्ग पर हर किसी को रोक रही है।

मुख्य बातें

महोबा, उत्तर प्रदेश के श्रद्धालु सुनील 413 दिनों से दंडवत यात्रा कर बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए निकले हैं।
वह पैदल नहीं, बल्कि थर्मोकोल की शीट पर पेट के बल लेटकर आगे बढ़ रहे हैं।
30 जुलाई 2026 को वह जम्मू-कश्मीर के काजीगुंड पहुंचे, जहाँ सुरक्षाबल के जवान उनकी सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित कर रहे हैं।
अमरनाथ यात्रा 2026 में मात्र 26 दिनों में 4.15 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं।
जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने श्रद्धालुओं के लिए हेली हॉपिंग सेवा शुरू की है।

उत्तर प्रदेश के महोबा जिले के श्रद्धालु सुनील ने 30 जुलाई 2026 को जम्मू-कश्मीर के काजीगुंड में अपनी अनोखी दंडवत यात्रा जारी रखते हुए सभी का ध्यान खींचा। बाबा बर्फानी के दर्शन की अटूट लगन में वह पेट के बल लेटकर थर्मोकोल की शीट पर सरकते हुए अमरनाथ धाम की ओर बढ़ रहे हैं — और इस यात्रा को अब 413 दिन पूरे हो चुके हैं।

यात्रा का तरीका और संकल्प

सुनील पैदल नहीं, बल्कि थर्मोकोल की शीट पर पेट के बल लेटकर भूमि पर दंडवत करते हुए आगे बढ़ रहे हैं। यह परंपरागत 'साष्टांग दंडवत यात्रा' का आधुनिक रूप है, जिसमें श्रद्धालु अपना पूरा शरीर जमीन पर टिकाकर आगे खिसकता है। सुनील ने कहा, 'मैं अमरनाथ धाम के लिए दंडवत यात्रा कर रहा हूं। मेरी यात्रा को 413 दिन हो चुके हैं। देश में सुख-शांति बनी रहे — बाबा बर्फानी के पास यही प्रार्थना लेकर जा रहा हूं।'

सुरक्षा के बारे में उन्होंने बताया, 'मैं अकेले ही यात्रा कर रहा हूं। सुरक्षाबल के जवान सुरक्षित यात्रा करा रहे हैं।' काजीगुंड से गुजरते समय अमरनाथ यात्रा के लिए तैनात सुरक्षाकर्मी व्यस्त हाईवे पर उनकी सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करते हुए साथ चले।

श्रद्धालुओं और सुरक्षाकर्मियों की प्रतिक्रिया

जब सुनील काजीगुंड से गुजरे, तो अनेक तीर्थयात्री उनकी असाधारण भक्ति देखने और उनसे बात करने के लिए रुक गए। उनकी यह यात्रा अमरनाथ मार्ग पर आकर्षण का केंद्र बन गई है। सुरक्षाबल के जवानों ने यह सुनिश्चित किया कि राजमार्ग पर वाहनों की आवाजाही के बीच सुनील सुरक्षित रहें।

अमरनाथ यात्रा 2026 की स्थिति

गौरतलब है कि इस वर्ष बाबा बर्फानी की अमरनाथ यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या ने नया कीर्तिमान बनाया है। मात्र 26 दिनों के भीतर 4.15 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए हेलीकॉप्टर (हेली) हॉपिंग सेवा शुरू की है, जिसके माध्यम से धार्मिक स्थलों के साथ-साथ सीमावर्ती क्षेत्रों का भी भ्रमण किया जा सकता है।

अमरनाथ गुफा और यात्रा मार्ग

अमरनाथ गुफा मंदिर में बर्फ से बनी एक प्राकृतिक संरचना है, जो चंद्रमा की कलाओं के साथ घटती-बढ़ती रहती है। श्रद्धालुओं का मानना है कि यह संरचना भगवान शिव की अलौकिक शक्तियों का प्रतीक है। दर्शन के लिए दो मुख्य मार्ग हैं — पारंपरिक नुनवान (पहलगाम) रूट जो 47 किमी लंबा है, और छोटा बालटाल बेस कैंप रूट जो 14 किमी का है। बालटाल रूट से जाने वाले श्रद्धालु उसी दिन लौट सकते हैं, जबकि पहलगाम रूट से पवित्र गुफा तक पहुंचने में चार दिन लगते हैं।

आगे का सफर

सुनील की यात्रा अभी पूरी नहीं हुई है — काजीगुंड से अमरनाथ गुफा तक का रास्ता अभी शेष है। उनकी यह असाधारण श्रद्धा-यात्रा न केवल अन्य तीर्थयात्रियों को प्रेरित कर रही है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि आस्था के रंग कितने विविध और अटूट हो सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो आधुनिक सुविधाओं के युग में भी जीवित है। हालांकि दंडवत यात्रा व्यक्तिगत श्रद्धा का प्रतीक है, यह सवाल भी उठता है कि राजमार्गों पर ऐसी यात्राओं के लिए संस्थागत सुरक्षा व्यवस्था कितनी तैयार है। सुरक्षाबल का साथ होना सराहनीय है, लेकिन यह एकल श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए एक व्यापक नीति की जरूरत भी दर्शाता है। अमरनाथ यात्रा में 26 दिनों में 4.15 लाख श्रद्धालुओं की संख्या बताती है कि धार्मिक पर्यटन का बुनियादी ढांचा तेजी से विस्तार पा रहा है — पर इसके साथ असाधारण तीर्थयात्रियों की सुरक्षा का सवाल भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुनील की दंडवत यात्रा क्या है और वह कहाँ से चले हैं?
उत्तर प्रदेश के महोबा जिले के सुनील बाबा बर्फानी (अमरनाथ धाम) के दर्शन के लिए थर्मोकोल की शीट पर पेट के बल लेटकर दंडवत यात्रा कर रहे हैं। 30 जुलाई 2026 तक इस यात्रा को 413 दिन पूरे हो चुके हैं और वह जम्मू-कश्मीर के काजीगुंड पहुंच चुके हैं।
सुनील अमरनाथ यात्रा क्यों कर रहे हैं?
सुनील ने बताया कि वह देश में सुख-शांति बनी रहे, इसी प्रार्थना के साथ बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए यह यात्रा कर रहे हैं। उनकी यह अटूट आस्था अमरनाथ मार्ग पर अन्य तीर्थयात्रियों के लिए भी प्रेरणा बन गई है।
अमरनाथ यात्रा 2026 में अब तक कितने श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं?
अमरनाथ यात्रा 2026 में मात्र 26 दिनों के भीतर 4.15 लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं। जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए हेली हॉपिंग सेवा भी शुरू की है।
अमरनाथ गुफा तक पहुंचने के कौन-से रास्ते हैं?
अमरनाथ गुफा तक दो मुख्य मार्ग हैं — पारंपरिक नुनवान (पहलगाम) रूट जो 47 किमी लंबा है और इसमें चार दिन लगते हैं, तथा छोटा बालटाल बेस कैंप रूट जो 14 किमी का है और श्रद्धालु उसी दिन लौट सकते हैं।
काजीगुंड में सुनील की सुरक्षा का इंतजाम कैसे हुआ?
अमरनाथ यात्रा के लिए तैनात सुरक्षाबल के जवान व्यस्त हाईवे पर सुनील की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए उनके साथ चले। सुनील ने खुद बताया कि वह अकेले यात्रा कर रहे हैं और सुरक्षाबल उनकी मदद कर रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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