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अमरनाथ यात्रा: 15 दिनों में 3.50 लाख श्रद्धालुओं ने किए बाबा बर्फानी के दर्शन, उपराज्यपाल सिन्हा ने नुनवान बेस कैंप का लिया जायजा

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अमरनाथ यात्रा: 15 दिनों में 3.50 लाख श्रद्धालुओं ने किए बाबा बर्फानी के दर्शन, उपराज्यपाल सिन्हा ने नुनवान बेस कैंप का लिया जायजा

सारांश

अमरनाथ यात्रा के महज 15 दिनों में 3.50 लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने नुनवान बेस कैंप पहुँचकर सुविधाओं की समीक्षा की और अधिकारियों को मिशन मोड में काम करने के निर्देश दिए।

मुख्य बातें

अमरनाथ यात्रा शुरू होने के 15 दिनों के भीतर 3.50 लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने 17 जुलाई को पहलगाम स्थित नुनवान बेस कैंप का दौरा किया।
समीक्षा बैठक में पेयजल, बिजली, दूरसंचार, चिकित्सा सुविधाएँ और भोजन गुणवत्ता की जाँच की गई।
सभी विभागों को मिशन मोड में काम करने और चुनौतियों का त्वरित समाधान करने के निर्देश दिए गए।
स्थानीय नागरिकों, स्वयंसेवी संगठनों और सेवा प्रदाताओं के सहयोग की सराहना की गई।

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शुक्रवार, 17 जुलाई को पहलगाम स्थित नुनवान बेस कैंप का दौरा किया और अमरनाथ यात्रा के प्रबंधों की व्यापक समीक्षा की। यात्रा शुरू होने के 15 दिनों के भीतर देशभर से 3.50 लाख से अधिक श्रद्धालु पवित्र गुफा में बाबा भोलेनाथ के दर्शन कर चुके हैं।

यात्रा का अब तक का सफर

उपराज्यपाल सिन्हा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि अमरनाथ यात्रा के 15 दिन पूर्ण हो चुके हैं और श्रद्धालुओं की संख्या 3.50 लाख का आँकड़ा पार कर चुकी है। उन्होंने कहा कि यात्रा पूरी तरह सुचारू रूप से संचालित हो रही है और श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु जम्मू-कश्मीर पहुँच रहे हैं।

बेस कैंप पर समीक्षा बैठक

नुनवान बेस कैंप पर आयोजित समीक्षा बैठक में मनोज सिन्हा ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ यात्रा मार्ग और बेस कैंपों पर उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने पेयजल, निर्बाध बिजली आपूर्ति, दूरसंचार सेवाएँ, ठहरने की व्यवस्था, स्वच्छता, चिकित्सा सुविधाएँ और भोजन की गुणवत्ता से जुड़े इंतजामों की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है।

मिशन मोड में काम के निर्देश

उपराज्यपाल ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि यात्रा से जुड़े प्रत्येक कार्य को मिशन मोड में पूरा किया जाए और किसी भी चुनौती का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी एजेंसियाँ पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें।

स्थानीय सहयोग की सराहना

सिन्हा ने यात्रा मार्ग पर स्थानीय नागरिकों, स्वयंसेवी संगठनों और सेवा प्रदाताओं के सहयोग की सराहना की। उन्होंने कहा कि सभी मिलकर इस पवित्र यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब यात्रा को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। यात्रा के सफल संचालन की यह गति आने वाले हफ्तों में और अधिक श्रद्धालुओं को आकर्षित करने का संकेत देती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा तब होगी जब मौसम की चुनौतियाँ और यात्रियों की भीड़ अपने चरम पर होगी। गौरतलब है कि पिछले वर्षों में मार्ग पर स्वास्थ्य आपात स्थितियाँ और मौसम-जनित व्यवधान बड़ी समस्या रहे हैं। उपराज्यपाल का व्यक्तिगत दौरा प्रशासनिक गंभीरता दर्शाता है, परंतु मिशन मोड के निर्देश तभी सार्थक होंगे जब ज़मीनी स्तर पर क्रियान्वयन सुनिश्चित हो। मुख्यधारा की कवरेज जो अक्सर चूकती है वह यह है कि बेस कैंप की सुविधाओं की समीक्षा और वास्तविक श्रद्धालु अनुभव के बीच की खाई को पाटना ही इस यात्रा की दीर्घकालिक सफलता की कसौटी है।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमरनाथ यात्रा 2025 में अब तक कितने श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं?
यात्रा शुरू होने के 15 दिनों के भीतर 3.50 लाख से अधिक श्रद्धालु पवित्र गुफा में बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं। देश के विभिन्न राज्यों से श्रद्धालु लगातार जम्मू-कश्मीर पहुँच रहे हैं।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने नुनवान बेस कैंप का दौरा क्यों किया?
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने 17 जुलाई को पहलगाम स्थित नुनवान बेस कैंप का दौरा कर अमरनाथ यात्रा के प्रबंधों की समीक्षा की। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर पेयजल, बिजली, चिकित्सा और भोजन व्यवस्था की जाँच की।
अमरनाथ यात्रा मार्ग पर कौन-सी सुविधाएँ उपलब्ध हैं?
यात्रा मार्ग और बेस कैंपों पर पेयजल, निर्बाध बिजली आपूर्ति, दूरसंचार सेवाएँ, ठहरने की व्यवस्था, स्वच्छता, चिकित्सा सुविधाएँ और भोजन की व्यवस्था की गई है। प्रशासन ने सभी विभागों को मिशन मोड में काम करने के निर्देश दिए हैं।
अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था कैसी है?
उपराज्यपाल ने स्पष्ट किया है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी एजेंसियाँ पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्यरत हैं और किसी भी चुनौती का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
अमरनाथ यात्रा में स्थानीय समुदाय की क्या भूमिका है?
यात्रा मार्ग पर स्थानीय नागरिक, स्वयंसेवी संगठन और सेवा प्रदाता यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उपराज्यपाल सिन्हा ने उनके सहयोग की सराहना की है।
राष्ट्र प्रेस
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