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गो-अनुदान घोटाला और स्वास्थ्य संकट पर टीकाराम जूली का राजस्थान सरकार को कटघरे में खड़ा करने का प्रयास

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गो-अनुदान घोटाला और स्वास्थ्य संकट पर टीकाराम जूली का राजस्थान सरकार को कटघरे में खड़ा करने का प्रयास

सारांश

राजस्थान में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने एक साथ तीन मोर्चों पर सरकार को घेरा — गोशाला अनुदान में कथित फर्जीवाड़ा, चलते ऑपरेशन में OT की बत्ती गुल और नकली इंजेक्शन के आरोप। उनका सवाल सीधा है: जब मौत पर भी फर्क नहीं पड़ता, तो बाकी चीज़ों की परवाह कैसे होगी?

मुख्य बातें

नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने 17 जुलाई को जयपुर में राजस्थान सरकार पर गो-अनुदान में कथित अनियमितता का आरोप लगाया और जाँच की माँग की।
आरोप है कि कुछ गोशालाएँ फर्जी तरीके से गायों को दर्ज कर अनुदान उठा रही हैं, जबकि ईमानदार गोशालाओं को समय पर भुगतान नहीं मिल रहा।
स्वास्थ्य विभाग पर आरोप: स्तन कैंसर जाँच बस का उपयोग न होने से करोड़ों बर्बाद; चलते ऑपरेशन में OT की लाइट गुल होने की घटना।
जूली ने कथित तौर पर नकली इंजेक्शन लगाए जाने, एंबुलेंस में आपूर्ति संकट और कफ सिरप से बच्चों की मौत के मामलों का भी हवाला दिया।
वंदे मातरम विधेयक पर जूली ने कहा कि राष्ट्रगीत का सम्मान नैतिक कर्तव्य है और इसमें कोई कोताही नहीं होनी चाहिए।
कांग्रेस प्रभारी का राजस्थान में दो दिवसीय संगठनात्मक समीक्षा दौरा प्रस्तावित।

राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने 17 जुलाई को जयपुर में गोशालाओं को दिए जाने वाले अनुदान में कथित अनियमितताओं, प्रदेश की चरमराती स्वास्थ्य सेवाओं और वंदे मातरम विधेयक पर राजस्थान सरकार को कड़े सवालों के घेरे में लिया। उन्होंने कहा कि एक तरफ गायों की मौत हो रही है और दूसरी तरफ फर्जी तरीके से गो-अनुदान उठाने की कोशिशें जारी हैं — जो किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं।

गो-अनुदान में अनियमितता के आरोप

जूली ने कहा कि गोशालाओं में फर्जी तरीके से गायों को दर्ज कर अनुदान उठाने के मामले पहले भी सामने आ चुके हैं और अब एक बार फिर ऐसे मामले प्रकाश में आ रहे हैं। उन्होंने माँग की कि इसकी निष्पक्ष जाँच हो और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उनके अनुसार, जो गोशालाएँ ईमानदारी से काम कर रही हैं, उन्हें समय पर भुगतान तक नहीं मिल रहा, जबकि फर्जीवाड़ा करने वाले बेरोकटोक अनुदान हड़प रहे हैं।

जूली ने कहा, 'जो लोग ईमानदारी से काम कर रहे हैं, उन्हें आर्थिक सहायता मिले और जो फर्जीवाड़ा कर रहे हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो।' उन्होंने सरकार से ऐसे ईमानदार संचालकों की पहचान करने की भी अपील की।

स्वास्थ्य विभाग की बदहाली पर तीखा हमला

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि राजस्थान का स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह चरमरा चुका है। उन्होंने दो हालिया घटनाओं का हवाला दिया — पहली, स्तन कैंसर जाँच के लिए खरीदी गई बस का उपयोग न होना और उसमें करोड़ों रुपये की बर्बादी; दूसरी, चलते ऑपरेशन के दौरान ऑपरेशन थिएटर की लाइट चले जाना, जिसे उन्होंने अत्यंत गंभीर घटना बताया।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मरीजों को कथित तौर पर नकली इंजेक्शन लगाए जा रहे हैं। इसके अलावा एंबुलेंस में रक्त व ऑक्सीजन की आपूर्ति और वाहन चालकों को समय पर वेतन न मिलने जैसे मुद्दों पर भी सरकार की निष्क्रियता को उन्होंने रेखांकित किया। जूली ने कफ सिरप से बच्चों की मौत के मामले का भी उल्लेख किया और कहा कि इन सब पर सरकार का कोई असर नहीं पड़ रहा।

वंदे मातरम विधेयक पर रुख

वंदे मातरम विधेयक पर जूली ने कहा कि राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत नागरिकों के नैतिक कर्तव्यों में आते हैं और सभी लोग इनका सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा कि इस दिशा में किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरती जानी चाहिए और ऐसे प्रावधान पहले भी रहे हैं और होने भी चाहिए।

कांग्रेस प्रभारी का दौरा

जूली ने बताया कि कांग्रेस के राजस्थान प्रभारी दो दिवसीय दौरे पर राज्य में आ रहे हैं, जिसमें संगठन से जुड़े विभिन्न कार्यों की समीक्षा और बैठक होगी। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब विपक्ष सरकार पर कई मोर्चों पर एक साथ हमलावर है।

गौरतलब है कि राजस्थान में गोशाला अनुदान और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर विपक्ष का यह आक्रामक रुख आने वाले दिनों में सियासी दबाव और बढ़ा सकता है। अब देखना यह होगा कि सरकार इन आरोपों पर क्या जवाब देती है और जाँच की माँग पर क्या कदम उठाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो सरकारें बदलने पर भी नहीं बदलीं। असली सवाल यह है कि विपक्ष इन मुद्दों को विधानसभा में कितनी प्रभावी ढंग से उठाता है और केवल प्रेस वार्ता तक सीमित नहीं रहता। OT में बिजली जाने जैसी घटनाएँ प्रशासनिक विफलता की चरम मिसाल हैं, लेकिन जब तक जवाबदेही तय करने का कोई ठोस तंत्र नहीं बनता, ये बयान सुर्खियों से आगे नहीं जाएँगे।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

टीकाराम जूली ने गो-अनुदान पर क्या आरोप लगाए?
जूली ने आरोप लगाया कि कुछ गोशालाएँ फर्जी तरीके से गायों की संख्या दर्ज कर सरकारी अनुदान उठा रही हैं। उन्होंने माँग की कि इसकी जाँच हो और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए, जबकि ईमानदार गोशाला संचालकों को समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
राजस्थान के स्वास्थ्य विभाग पर क्या आरोप हैं?
जूली ने दो हालिया घटनाओं का हवाला दिया — स्तन कैंसर जाँच बस का उपयोग न होने से करोड़ों रुपये की बर्बादी और चलते ऑपरेशन के दौरान OT की लाइट चले जाना। उन्होंने यह भी कहा कि कथित तौर पर मरीजों को नकली इंजेक्शन लगाए जा रहे हैं और एंबुलेंस सेवाओं में भी गंभीर खामियाँ हैं।
वंदे मातरम विधेयक पर जूली का क्या रुख है?
जूली ने कहा कि राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत नागरिकों के नैतिक कर्तव्यों में आते हैं और सभी इनका सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा कि इस दिशा में किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरती जानी चाहिए।
कांग्रेस प्रभारी का राजस्थान दौरा किस उद्देश्य से हो रहा है?
कांग्रेस के राजस्थान प्रभारी दो दिवसीय दौरे पर राज्य आ रहे हैं, जिसमें संगठन से जुड़े विभिन्न कार्यों की समीक्षा और बैठक होगी। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब विपक्ष कई मुद्दों पर सरकार को घेर रहा है।
राजस्थान में गोशाला अनुदान घोटाले की पृष्ठभूमि क्या है?
जूली के अनुसार, गोशालाओं में फर्जी तरीके से गायों की संख्या दर्शाकर अनुदान उठाने के मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। इस बार फिर ऐसे मामले उजागर होने पर उन्होंने सरकार की निष्क्रियता पर सवाल उठाया है।
राष्ट्र प्रेस
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