10 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

राजस्थान में नकली दवा कांड: टीकाराम जूली ने मौजूदा सरकार पर साधा निशाना, CM से कार्रवाई की माँग

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
राजस्थान में नकली दवा कांड: टीकाराम जूली ने मौजूदा सरकार पर साधा निशाना, CM से कार्रवाई की माँग

सारांश

राजस्थान में नकली दवाओं से मौतों का सिलसिला जारी है — कोटा, बीकानेर, जोधपुर और नागौर से किडनी फेल के मामले आ रहे हैं, फिर भी फैक्ट्रियाँ सील नहीं। विपक्ष नेता टीकाराम जूली ने मौजूदा सरकार पर हमला बोलते हुए हत्या के मुकदमे दर्ज करने और CM से सीधे संज्ञान लेने की माँग की।

मुख्य बातें

राजस्थान विधानसभा में विपक्ष के नेता टीकाराम जूली ने 24 जून 2026 को स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह के बयान को निंदनीय बताया।
कोटा , बीकानेर , जोधपुर और नागौर में नकली दवाओं व इंजेक्शन से किडनी फेल और मौत के मामले सामने आए हैं।
जूली ने आरोप लगाया कि दोषियों की फैक्ट्रियाँ अब तक सील नहीं की गई हैं और जाँच में ढिलाई बरती जा रही है।
पूर्व कांग्रेस सरकार की चिरंजीवी योजना , राइट टू हेल्थ और निःशुल्क दवा योजना का हवाला देते हुए वर्तमान सरकार से तुलना की गई।
जूली ने माँग की कि दोषियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज हो और मुख्यमंत्री स्वयं इस मामले में हस्तक्षेप करें।

राजस्थान विधानसभा में विपक्ष के नेता टीकाराम जूली ने 24 जून 2026 को स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह के बयान को निंदनीय करार देते हुए प्रदेश में नकली दवाओं के कारण हो रही मौतों पर मौजूदा सरकार को घेरा। जूली ने आरोप लगाया कि कोटा, बीकानेर, जोधपुर और नागौर से किडनी फेल और मौत के मामले सामने आ रहे हैं, जबकि दोषियों की फैक्ट्रियाँ अब तक सील नहीं की गई हैं।

मुख्य आरोप और घटनाक्रम

जूली ने कहा कि राजस्थान में पहले कफ सिरप से मौत का मामला उजागर हुआ, और अब कुपोषण से मौत की खबरें आ रही हैं। उनके अनुसार, नकली दवाइयाँ और नकली इंजेक्शन राज्य के स्वास्थ्य तंत्र में घुस चुके हैं, जिससे आम लोगों की जान खतरे में है। उन्होंने इसे 'बड़ा घोटाला' बताते हुए सवाल उठाया कि आखिर किसकी अनुमति से ये दवाइयाँ बनाई और आपूर्ति की गईं।

पूर्व कांग्रेस सरकार और वर्तमान सरकार की तुलना

जूली ने दावा किया कि पूर्व कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में राइट टू हेल्थ, चिरंजीवी योजना, आरजीएचएस योजना, निःशुल्क दवा योजना, निःशुल्क जाँच योजना और निरोगी राजस्थान योजना जैसी पहलों से प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव आया था। उनका कहना था कि इन योजनाओं का लाभ बड़े पैमाने पर आम जनता को मिला। गौरतलब है कि वर्तमान सरकार पर आरोप है कि इन योजनाओं के क्रियान्वयन में शिथिलता आई है।

सरकार की प्रतिक्रिया पर सवाल

जूली ने कहा कि इतनी मौतें होने के बावजूद दोषियों की फैक्ट्रियाँ सील नहीं की गई हैं और अब आम जनता को ही दोषी ठहराया जा रहा है, जो कि उचित नहीं है। उन्होंने माँग की कि जाँच करने वाले अधिकारियों, इंजेक्शन बनाने वालों और उन्हें अनुमति देने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ हत्या के मुकदमे दर्ज किए जाएँ।

मुख्यमंत्री से सीधी अपील

विपक्ष के नेता ने मुख्यमंत्री से सीधे अपील करते हुए कहा कि वे इस पूरे मामले का संज्ञान लें और तत्काल कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक दोषियों को चिन्हित कर दंडित नहीं किया जाता, तब तक जनता का स्वास्थ्य तंत्र पर भरोसा बहाल नहीं होगा। यह देखना होगा कि सरकार इस राजनीतिक दबाव के बाद क्या ठोस कदम उठाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि नकली दवाओं की आपूर्ति श्रृंखला कितनी गहरी है और इसमें किस स्तर पर चूक हुई। कफ सिरप कांड के बाद भी यदि नकली इंजेक्शन बाज़ार में आ रहे हैं, तो यह केवल एक सरकार की विफलता नहीं, बल्कि दवा नियामक तंत्र की संरचनात्मक कमज़ोरी को उजागर करता है। विपक्ष पूर्व सरकार की योजनाओं की तुलना करता है, पर यह भी जाँच का विषय है कि उन योजनाओं के तहत आपूर्ति नेटवर्क में कोई खामी तो नहीं रही। जब तक स्वतंत्र जाँच और फैक्ट्रियों की सीलिंग नहीं होती, यह मामला केवल राजनीतिक बयानबाज़ी तक सिमटकर रह जाएगा।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजस्थान में नकली दवा कांड क्या है?
राजस्थान के कोटा, बीकानेर, जोधपुर और नागौर में नकली दवाओं और इंजेक्शन से किडनी फेल होने और मौत के मामले सामने आए हैं। इससे पहले कफ सिरप से भी मौत का मामला प्रकाश में आया था, जिससे प्रदेश का स्वास्थ्य तंत्र सवालों के घेरे में है।
टीकाराम जूली ने सरकार से क्या माँग की है?
विपक्ष के नेता टीकाराम जूली ने माँग की है कि नकली दवाएँ बनाने वालों, उन्हें अनुमति देने वालों और जाँच करने वालों की पहचान कर उन पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाए। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री से स्वयं संज्ञान लेकर तत्काल कार्रवाई करने की अपील की है।
पूर्व कांग्रेस सरकार और मौजूदा सरकार के बीच स्वास्थ्य नीति में क्या अंतर बताया गया?
जूली के अनुसार, पूर्व कांग्रेस सरकार ने राइट टू हेल्थ, चिरंजीवी योजना, आरजीएचएस योजना, निःशुल्क दवा, निःशुल्क जाँच और निरोगी राजस्थान जैसी योजनाएँ लागू की थीं, जिनसे स्वास्थ्य क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव आया। उनका दावा है कि मौजूदा सरकार में इन पहलों की जगह लापरवाही ने ले ली है।
क्या नकली दवा फैक्ट्रियों पर अब तक कोई कार्रवाई हुई है?
जूली के बयान के अनुसार, इतनी मौतें होने के बावजूद दोषियों की फैक्ट्रियाँ अब तक सील नहीं की गई हैं। उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि आम जनता को ही दोषी ठहराया जा रहा है, जो उचित नहीं है।
स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह के किस बयान पर आपत्ति जताई गई?
विपक्ष के नेता टीकाराम जूली ने स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह के बयान को निंदनीय करार दिया है। हालाँकि उन्होंने बयान का विशिष्ट उद्धरण नहीं दिया, लेकिन उनका संकेत था कि मंत्री ने मामले की गंभीरता को कम आँका या जनता को दोषी ठहराने की कोशिश की।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 3 सप्ताह पहले
  3. 8 महीने पहले
  4. 9 महीने पहले
  5. 10 महीने पहले
  6. 10 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले