राजस्थान में नकली दवा कांड: टीकाराम जूली ने मौजूदा सरकार पर साधा निशाना, CM से कार्रवाई की माँग
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान विधानसभा में विपक्ष के नेता टीकाराम जूली ने 24 जून 2026 को स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह के बयान को निंदनीय करार देते हुए प्रदेश में नकली दवाओं के कारण हो रही मौतों पर मौजूदा सरकार को घेरा। जूली ने आरोप लगाया कि कोटा, बीकानेर, जोधपुर और नागौर से किडनी फेल और मौत के मामले सामने आ रहे हैं, जबकि दोषियों की फैक्ट्रियाँ अब तक सील नहीं की गई हैं।
मुख्य आरोप और घटनाक्रम
जूली ने कहा कि राजस्थान में पहले कफ सिरप से मौत का मामला उजागर हुआ, और अब कुपोषण से मौत की खबरें आ रही हैं। उनके अनुसार, नकली दवाइयाँ और नकली इंजेक्शन राज्य के स्वास्थ्य तंत्र में घुस चुके हैं, जिससे आम लोगों की जान खतरे में है। उन्होंने इसे 'बड़ा घोटाला' बताते हुए सवाल उठाया कि आखिर किसकी अनुमति से ये दवाइयाँ बनाई और आपूर्ति की गईं।
पूर्व कांग्रेस सरकार और वर्तमान सरकार की तुलना
जूली ने दावा किया कि पूर्व कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में राइट टू हेल्थ, चिरंजीवी योजना, आरजीएचएस योजना, निःशुल्क दवा योजना, निःशुल्क जाँच योजना और निरोगी राजस्थान योजना जैसी पहलों से प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव आया था। उनका कहना था कि इन योजनाओं का लाभ बड़े पैमाने पर आम जनता को मिला। गौरतलब है कि वर्तमान सरकार पर आरोप है कि इन योजनाओं के क्रियान्वयन में शिथिलता आई है।
सरकार की प्रतिक्रिया पर सवाल
जूली ने कहा कि इतनी मौतें होने के बावजूद दोषियों की फैक्ट्रियाँ सील नहीं की गई हैं और अब आम जनता को ही दोषी ठहराया जा रहा है, जो कि उचित नहीं है। उन्होंने माँग की कि जाँच करने वाले अधिकारियों, इंजेक्शन बनाने वालों और उन्हें अनुमति देने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ हत्या के मुकदमे दर्ज किए जाएँ।
मुख्यमंत्री से सीधी अपील
विपक्ष के नेता ने मुख्यमंत्री से सीधे अपील करते हुए कहा कि वे इस पूरे मामले का संज्ञान लें और तत्काल कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक दोषियों को चिन्हित कर दंडित नहीं किया जाता, तब तक जनता का स्वास्थ्य तंत्र पर भरोसा बहाल नहीं होगा। यह देखना होगा कि सरकार इस राजनीतिक दबाव के बाद क्या ठोस कदम उठाती है।